नई दिल्लीः केंद्र सरकार में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के संगठन विदेश व्यापार महानिदेशालय यानी डीजीएफटी ने वजन के हिसाब से एक प्रतिशत से अधिक सोने वाले पैलेडियम, रोडियम और इरिडियम के मिश्र धातुओं के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है। इससे प्लेटिनम के आयात पर लगाये गये मौजूदा प्रतिबंधों को और अधिक विस्तृत बना दिया गया है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि मिश्र धातुओं के आयात में अब चार अंकों के स्तर पर संपूर्ण कस्टम्स टैरिफ हेडिंग यानी सीटीएच 7110 शामिल हो गया है, जिससे कीमती धातुओं और उनके मिश्र धातुओं को नियंत्रित करने वाली आयात नीति में एकरूपता सुनिश्चित होती है। यह नीति एक प्रतिशत से कम सोने वाले मिश्र धातुओं के मुफ्त आयात की अनुमति देकर व्यापार को और भी अधिक सुविधाजनक बनाती है। इसकी वजह से इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो कंपोनेंट और स्पेशल केमिकल इंडस्ट्री सहित औद्योगिक और विनिर्माण क्षेत्रों के लिए बिना किसी व्यवधान के इनपुट की निरंतर उपलब्धता भी सुनिश्चित होती है। यह कैलिब्रेटेड दृष्टिकोण व्यापार सुविधा को नियामक निगरानी की आवश्यकता के साथ संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। इसके अलावा, डीजीएफटी ने सीटीएच 2843 के अंतर्गत आने वाले कोलाइडल मेटल और कंपाउंड के आयात को प्रतिबंधित करने के लिए एक अधिसूचना जारी की है, जो कि कैमिकल कंपाउंड की आड़ में सोने का आयात करने वाले को विनियमित करने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
डीजीएफटी ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल और स्पेशल केमिकल इंडस्ट्री सहित औद्योगिक और विनिर्माण क्षेत्रों के लिए आयात प्राधिकरण के विरुद्ध आयात की अनुमति दी जाएगी, जिससे वास्तविक उपयोग के लिए बिना किसी व्यवधान के घरेलू उद्योग की आवश्यकता को पूरा किया जा सकता है। इस बीच, केंद्र सरकार ने हाल के महीनों में अमेरिका द्वारा घोषित टैरिफ में वृद्धि के कारण उभरते व्यापार मुद्दों को नेविगेट करने में देश के निर्यातकों और आयातकों की सहायता के लिए एक डेडिकेटेड 'ग्लोबल टैरिफ एंड ट्रेड हेल्पडेस्क' शुरू किया है। इससे निश्चित तौर पर उभरते व्यापार परिदृश्य और विभिन्न टैरिफ और काउंटर-टैरिफ उपायों की शुरूआत में सहयोग मिलेगा, नए निर्यात अवसर और विशिष्ट देशों या उत्पाद क्षेत्रों से आयात दबाव दोनों बढ़ सकते हैं। 'ग्लोबल टैरिफ एंड ट्रेड हेल्पडेस्क' इम्पोर्ट और एक्सपोर्ट चुनौतियों, इम्पोर्ट में आया उछाल या डंपिंग, एक्जिम क्लीयरेंस, लॉजिस्टिक्स या सप्लाई चेन चुनौतियों पर सहयोग करेगी। इसके साथ ही वित्तीय या बैंकिंग मुद्दों, विनियामक या अनुपालन मुद्दों और अन्य मुद्दों या सुझावों से संबंधित मुद्दों पर विचार भी किया जाता है।
अन्य प्रमुख खबरें
पेट्रोल, डीजल के साथ सीएनजी के दाम में भी इजाफा, पिछले 10 दिनों में 5 रुपये बढ़ा
भारत के UPI को साइप्रस में मिली एंट्री, एनपीसीआई और यूरोबैंक के बीच हुआ समझौता
SBI कर्मचारियों द्वारा हड़ताल, 5 दिन प्रभावित रहेंगे बैंक के काम
वैश्विक तनाव के बीच सोना-चांदी में उतार-चढ़ाव, सीमित दायरे में हो रहा कारोबार
सिद्धार्थनगर में डीजल के लिए हाहाकार भीषण गर्मी में डेढ़ किलोमीटर लंबी कतार
डीआरआई का तस्करों पर डिजिटल स्ट्राइक: 120 करोड़ की 3 लाख ई-सिगरेट जब्त, कई राज्यों में छापेमारी
विदेशी मुद्रा भंडार से बढ़ी RBI की ताकत, सरकार को मिल सकते हैं रिकॉर्ड 3.5 लाख करोड़ रुपए
भारत की चाय ने दुनिया में बजाया डंका, 12 वर्षों में निर्यात 93% बढ़ा, महिलाएं बन रहीं सशक्त
वैश्विक संकेतों से शेयर बाजार में शानदार शुरुआत, सेंसेक्स 75,500 के पार, निवेशकों का बढ़ा भरोसा