नई दिल्लीः केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की आत्मनिर्भर भारत योजना अर्थव्यस्था को मजबूती दिलाने में मील का पत्थर साबित हो रही है। देश की नामचीन कंपनियों ने स्टार्टअप से औद्योगिक और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े अनेकों आकर्षक उत्पाद बनाने और उन्हें विदेशों में निर्यात करने का अभूतपूर्व रिकॉर्ड कायम किया है। इससे निश्चित तौर पर भारत से निर्यात होने वाले उत्पादों की संख्या और कुल निर्यात में बढ़ोत्तरी हुई है। निर्यात से जुड़े आंकड़ों पर गौर करें, तो वर्ष 2024-25 में भारत के इंजीनियरिंग गुड्स का निर्यात 6.74 प्रतिशत बढ़ गया, जिससे कि कुल निर्यात ऑल-टाइम हाई यानी 116.67 अरब डॉलर तक पहुंच गया।
इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल यानी ईईपीसी की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2023-24 में कुल 109.30 अरब डॉलर मूल्य के इंजीनियरिंग उत्पादों का निर्यात हुआ था, जो कि 2021-22 में 112.10 अरब डॉलर था। यह आंकड़ा 2023-24 में हुए निर्यात के आंकड़ों से काफी कम है। पिछले वित्त वर्ष यानी 2024-25 के आंकड़ों पर गौर करें, तो अमेरिका इंजीनियरिंग निर्यात के लिए शीर्ष स्थान बनकर उभरा है। यही नहीं, यूएई, सिंगापुर, नेपाल, जापान और फ्रांस को इंजीनियरिंग गुड्स के निर्यात में बड़ी बढ़ोत्तरी देखी जा रही है। अमेरिका को 2024-25 में कुल 19.15 अरब डॉलर का इंजीनियरिंग गुड्स का निर्यात किया गया, जो कि वर्ष 2023-24 में 17.62 अरब डॉलर था। भारत के कुल व्यापारिक निर्यात में इंजीनियरिंग निर्यात की हिस्सेदारी 25.01 प्रतिशत से बढ़कर 26.67 प्रतिशत हो गई है।
इंजीनियरिंग गुड्स के निर्यात में बढ़ोत्तरी पर इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के अध्यक्ष पंकज चड्ढा का कहना है कि भारतीय इंजीनियरिंग गुड्स का निर्यात 2024-25 में काफी मजबूत रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत सहित अनेकों व्यापार साझेदारों पर रिसिप्रोकल टैरिफ यानी आयात शुल्क बढ़ाने का फैसला किया है। इस कारण इंजीनियरिंग गुड्स के निर्यात में और बढ़ोत्तरी हुई है। अप्रैल-मार्च 2024-25 के दौरान 34 में से 28 इंजीनियरिंग पैनलों में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई थी, जबकि शेष छह इंजीनियरिंग पैनलों में नकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई है। इन नकारात्मक वृद्धि वाले पैनलों में लोहा और इस्पात, तांबा और एल्यूमीनियम उत्पादों सहित कुछ अलौह क्षेत्र, कार्यालय उपकरण, अन्य निर्माण मशीनरी और मिका प्रोडक्ट्स शामिल हैं। इस साल नॉर्थ अमेरिका 20.5 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ निर्यात में पहले स्थान पर है, जबकि यूरोपीय संघ ने 17.1 प्रतिशत, डब्ल्यूएएनए यानी पश्चिम एशिया और उत्तरी अफ्रीका ने 16.7 प्रतिशत का निर्यात किया है। पिछले वित्तीय वर्ष में रिकॉर्ड उच्च आंकड़ा हासिल करने के बाद भी मार्च 2025 में भारतीय इंजीनियरिंग गुड्स निर्यात में मासिक आधार पर गिरावट आई है। इस साल मार्च के महीने में इंजीनियरिंग गुड्स का निर्यात 10.82 अरब डॉलर दर्ज किया गया, जबकि मार्च 2024 में यह 11.27 अरब डॉलर था, जो कि निर्यात के आंकड़ों में सालाना आधार पर 3.92 प्रतिशत की गिरावट को दिखाता है।
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