US Student Visa: अमेरिका में सख्त हुए वीजा नियम, छात्रों के लिए अब अधिकतम 4 वर्ष की सीमा तय

खबर सार :-

अमेरिका ने वीजा के नियमों में बदलाव करते हुए छात्रों के लिए अब अधिकतम 4 साल की सीमा तय कर दी है। ट्रंप प्रशासन ने दशकों पुरानी व्यवस्था को खत्म कर दिया है। अब वीजा बढ़ाने के लिए छात्रों को केंद्र सरकार की अनिवार्य जांच का सामना करना पड़ सकता है।
US Student Visa: अमेरिका में सख्त हुए वीजा नियम, छात्रों के लिए अब अधिकतम 4 वर्ष की सीमा तय

खबर विस्तार : -

वॉशिंगटन: ट्रंप प्रशासन ने गुरुवार को एक नया अंतिम नियम जारी किया। इसके तहत दशकों पुरानी उस व्यवस्था को खत्म कर दिया गया है, जिसके तहत कई विदेशी छात्र और एक्सचेंज विजिटर बिना किसी तय समय-सीमा के अमेरिका में रह सकते थे। अब उनका प्रवेश एक निश्चित समय के लिए होगा और वीजा की अवधि बढ़ाने के लिए उन्हें संघीय सरकार की अनिवार्य समीक्षा प्रक्रिया से गुजरना होगा।

डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) ने घोषणा की कि नया नियम 'F', 'J' और 'I' जैसी नॉन-इमिग्रेंट वीजा श्रेणियों पर लागू "ड्यूरेशन ऑफ़ स्टेटस" (स्थिति की अवधि) वाली नीति को खत्म करता है। विदेशी छात्रों, मीडिया प्रतिनिधियों और एक्सचेंज विजिटर को अब उनके स्वीकृत प्रोग्राम की अवधि तक अमेरिका में रहने की अनुमति होगी, लेकिन इसकी अधिकतम सीमा चार साल होगी।

इमिग्रेशन प्रणाली में सुधार करना मकसद: DHS

DHS का कहना है कि इस नियम का मकसद आव्रजन (इमिग्रेशन) प्रणाली में "सुधार" करना, वीजा के दुरुपयोग को रोकना और नियमित सरकारी निगरानी के ज़रिए राष्ट्रीय सुरक्षा को मज़बूत करना है। DHS सचिव मार्कवेन मुलिन ने कहा, "'लगभग आधी सदी से लागू ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस' प्रणाली ने राष्ट्रीय सुरक्षा को कमज़ोर किया है और आव्रजन धोखाधड़ी के रास्ते खोले हैं।"

लोगों की ठीक से जांच और निगरानी हो

उन्होंने आगे कहा, "दशकों से विदेशी छात्रों को बिना किसी तय समय-सीमा के अमेरिका में रहने की अनुमति थी, जिससे कुछ लोग बिना देश छोड़े बार-बार नए कोर्स में दाखिला लेकर अनिश्चितकाल तक देश में बने रहते थे। इन वीजा के लिए स्पष्ट और निश्चित समय-सीमा लागू करके, अमेरिका यह सुनिश्चित करता है कि लोगों की ठीक से जांच और निगरानी हो और वे अपने गृह देश लौटने से पहले अपने मुख्य उद्देश्य अपनी पढ़ाई पूरी करने पर ध्यान दें।"

सरकार के पास होगा वीजा बढ़ाने का अधिकार

DHS के अनुसार, 1978 से विदेशी छात्रों के लिए अमेरिका में रहने की कोई निश्चित अवधि तय नहीं थी। इससे कुछ लोग लगातार नए शैक्षणिक कार्यक्रमों में दाखिला लेकर लंबे समय तक देश में रह पाते थे। नया नियम इस व्यवस्था को बदलता है; अब रहने की अवधि तय होगी और वीजा बढ़ाने का अधिकार शैक्षणिक संस्थानों के बजाय संघीय सरकार के पास होगा। 

अवधि बढ़ाने के लिए USCIS में आवेदन जरूरी

अगर किसी छात्र या एक्सचेंज विजिटर को अपना प्रोग्राम पूरा करने के लिए और समय चाहिए, तो उन्हें रहने की अवधि बढ़ाने के लिए सीधे U.S. सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) में आवेदन करना होगा। DHS ने कहा कि इस प्रक्रिया में बायोमेट्रिक स्क्रीनिंग, बैकग्राउंड चेक और धोखाधड़ी का पता लगाने वाले उपाय शामिल होंगे। यह काम स्टूडेंट एंड एक्सचेंज विजिटर इंफॉर्मेशन सिस्टम (SEVIS) के जरिए किया जाएगा, जो U.S. शिक्षा प्रणाली से जुड़े स्कूलों, एक्सचेंज प्रोग्राम और विदेशी स्टूडेंट्स का डेटा रखता है।

60 दिन से घटकर 30 दिन हुआ ग्रेस पीरियड 

इस नियम के तहत, F-1 स्टूडेंट्स के लिए अपनी पढ़ाई पूरी करने, कॉलेज बदलने या अपना स्टेटस बदलने के बाद U.S. छोड़ने का ग्रेस पीरियड 60 दिन से घटाकर 30 दिन कर दिया गया है। इसके अलावा, स्टडी प्रोग्राम में बदलाव के लिए कड़े नियम लागू होंगे। DHS ने घोषणा की है कि यह अंतिम नियम आने वाले दिनों में फेडरल रजिस्टर में प्रकाशित किया जाएगा और प्रकाशन के 60 दिन बाद लागू होगा।

चार साल तक सीमित होगी प्रवास की अवधि

अभी "ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस" (स्टेटस की अवधि) फ्रेमवर्क के तहत U.S. में रह रहे विदेशी स्टूडेंट्स और दूसरे नॉन-इमिग्रेंट वीजा होल्डर्स भी नई व्यवस्था में आ जाएंगे। नियम लागू होने की तारीख से उनके अधिकृत प्रवास (stay) की अवधि ज्यादा से ज्यादा चार साल तक सीमित होगी। DHS का कहना है कि कई अन्य नॉन-इमिग्रेंट वीज़ा कैटेगरी पहले से ही निश्चित अवधि के आधार पर काम करती हैं; नया नियम स्टूडेंट, एक्सचेंज विजिटर और मीडिया वीज़ा को भी इसी तरह की व्यवस्था के तहत लाएगा।

छात्रों को कड़ी जांच का करना पड़ सकता है सामना

यह पॉलिसी ट्रंप प्रशासन की इमिग्रेशन नियमों को सख्त करने और अस्थायी वीजा प्रोग्राम पर संघीय निगरानी बढ़ाने की व्यापक कोशिश का हिस्सा है। भारत लंबे समय से U.S. में विदेशी स्टूडेंट्स के सबसे बड़े स्रोतों में से एक रहा है। नए नियमों के तहत, सभी विदेशी स्टूडेंट्स (जिनमें भारत के स्टूडेंट्स भी शामिल हैं) को वीजा बढ़ाने की कोशिश करते समय सरकार की कड़ी जांच का सामना करना पड़ सकता है। जिन स्टूडेंट्स को अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय चाहिए, उन्हें अब सीधे USCIS से मंजूरी लेनी होगी।

 

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