यूपी में बदला मौसम, तेज हवाओं के साथ बारिश, गोमती के बढ़े जलस्तर से लखनऊ में चिंता

खबर सार :-

लखनऊ, शहर में स्थित गोमती नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है। कई स्थानों पर बारिश के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। शहर के महत्वपूर्ण स्थानों पर भी जलभराव है। अभी मौसम में बदलाव हो रहा है। गरज चमक के साथ सुबह भी छीटें पड़ीं थीं। मौसम विभाग ने गरज चमक के साथ छीटें पड़ने की उम्मीद जताई है।
बारिश और हवा के कारण तापमान में गिरावट, कल तक गोमती का जलस्तर घटने की उम्मीद

खबर विस्तार : -

लखनऊ, प्रदेश में मौसम में बदलाव सक्रिय मौसम तंत्र के प्रभाव से हुआ है। इसके चलते कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं दर्ज की गईं। यह बात क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह कही है। उन्होंने कहा कि गुरुवार को भी पूर्वी उत्तर प्रदेश और तराई क्षेत्र में बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। यह स्थिति उत्पन्न होने से लखनऊ के गोमती किनारे के हाल खराब हो सकते हैं।

विभाग की ओर से कहा गया है कि कुछ स्थानों पर तेज हवाओं के साथ वज्रपात की भी संभावना है। मौसम तंत्र के कमजोर पड़ने के बाद बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने के आसार हैं। लखनऊ की कई बस्तियों में बाढ़ के हाल बने हुए हैं। जब तक बारिश पूरी तरह से बंद नहीं हो जाती, यहां जलभराव का डर बना रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार अगले एक-दो दिनों में बारिश के कारण अधिकतम तापमान में गिरावट आ सकती है।

यह भी पढ़ेंः 10 साल में 6 करोड़ से 100 करोड़ हुआ India का ब्रॉडबैंड यूजर बेस, 6जी तकनीक में दुनिया का नेतृत्व करेगा भारत

निचले इलाकों की स्थिति पर नजर रखने के निर्देश

वैसे तो सुबह ठंडक का आगमन लग रहा था। रात के समय भी हवाएं काफी ठंड चल रही थी। आने वाले दिनों में भी सुबह और शाम के समय ठंडक बढ़ सकती है। मौसम और शहर के हालात देखते हुए प्रशासन ने नदियों के जलस्तर और निचले इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं। दो दिन पहले ऐसा लग रहा था कि मानसून की विदाई होने वाली है। इसके बीच ही मौसम ने अचानक करवट ली।

बुधवार देर रात लखनऊ समेत प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाओं, गरज-चमक के साथ बारिश हुई। इसका असर कई जिलों में रहा। लखनऊ में भी बारिश और हवा के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई। इस बीच नदियों के बढ़े जलस्तर और निचले इलाकों में जलभराव से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। लखनऊ में तो पहले से ही बारिश के बीच गोमती नदी का पानी निचले इलाकों में फैला हुआ है।

शहीद पथ और इकाना स्टेडियम के आसपास नदी का पानी कई रोज पहले पहुंचा था। इससे पलासियो मॉल, सीजी सिटी स्थित ट्रिपल आईटी परिसर आदि के कामकाज प्रभावित हुए हैं। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार बुधवार रात हनुमान सेतु पर गोमती का जलस्तर 107.25 मीटर दर्ज किया गया। यहां का चेतावनी स्तर 108.50 मीटर है। यह खतरे के 109.50 मीटर वाले खतरे के निशान से नीचे है।

24 घंटों में पानी का लेवल कम होना शुरू होगा

पानी भले ही खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन फैजुल्लागंज समेत नदी किनारे के निचले इलाके पानी फैलने का सामना कर रहे हैं। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान तेज करते हुए नावों की व्यवस्था की है। बाढ़ प्रभावित फैजुल्लागंज की हालत का अनुमान इससे ही लगाया जा सकता है कि यहां 52 नाव और 04 सहायता कैंप बनाए गए हैं।  कल भी गोमती नदी का जलस्तर दिन भर स्थिर बना रहा।

यदि गोमती किनारे वाले जिलों में आज और कल पानी नहीं बरसता है तो उम्मीद है कि अगले 12 से 24 घंटों में पानी का लेवल कम होना शुरू हो जाएगा। बाढ और जलभराव के हालात से निपटने के लिए ही प्रदेश की अन्य प्रमुख नदियों के जलस्तर पर भी निगरानी रखी जा रही है। प्रयागराज में गंगा-यमुना और वाराणसी में गंगा के जलस्तर में हाल की वृद्धि के बाद निचले इलाकों में बाढ़ का दबाव रहा है।

केंद्रीय जल आयोग के निगरानी केंद्रों से फाफामऊ, नैनी और वाराणसी में गंगा के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। इन नदियों के किनारे भी निचले स्थानों पर जलभराव हुआ है। कई दिनाके से इनमें पानी का उतार-चढ़ाव चल रहा है। लखनऊ शहर में पलासिया माल और इकाना स्टेडियम विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैं यहां पर सैकड़ो की संख्या में लोग मौजूद रहते हैं शहर की पर्यटन को मजबूती देने के लिए अभी ऐसी कई स्थल तैयार किया जा रहे हैं।

पानी बढ़ गया तो फिर संभालना मुश्किल हो जाएगा

इन तमाम कोशिशें के बाद भी अगर खास जगह पर बाढ़ और बारिश का पानी भर जाता है तो यह बहुत ही चिंताजनक स्थिति है । यहां का जनजीवन कई दिनों से प्रभावित चल रहा है।  इसके साथ ही गोमती नदी के किनारे वाले निकली इलाकों में भी अभी हालात सामान्य नहीं हुए हैं प्रशासन की ओर से कई इंतजाम तो किए गए ,लेकिन पानी कम करने के उपाय नहीं है । सबसे ज्यादा चिंताजनक यह है कि अगर बड़ी से हो गई और गोमती नदी में पानी बढ़ गया तो फिर संभालना मुश्किल हो जाएगा, यद्यपि तमाम परेशानियों से निपटने के लिए नगर निगम और जिला प्रशासन की खेती में मौके पर लगाई गई है, वह बराबर दिन और रात काम कर रही है। 

यह भी पढ़ेंः कौन हैं एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ? बनेंगे भारतीय वायुसेना के अगले प्रमुख, इस दिन संभालेंगे कमान

अन्य प्रमुख खबरें