सिद्ध श्री शिंगणापुर शनि धाम में 5100 दीपों से दिव्य महाआरती, श्रद्धालुओं ने की सुख-समृद्धि की कामना
खबर सार :-
श्री शिंगणापुर शनि धाम में 5,100 दीपों के साथ एक भव्य 'महा आरती' का आयोजन किया गया। भक्तों को शुभ 'सिद्ध शनि छल्ला' (अंगूठी) और पवित्र प्रसाद प्राप्त हुआ, और उन्होंने अपनी प्रार्थनाएँ व मन्नतें अर्पित कीं।
खबर विस्तार : -
श्रीगंगानगरः हनुमानगढ़ रोड स्थित चिंतपूर्णी माता मंदिर के सामने बने सिद्ध श्री शिंगणापुर शनि धाम में वार्षिकोत्सव एवं शनि जयंती के उपलक्ष्य में शनिवार शाम भव्य धार्मिक आयोजन हुआ। इस दौरान 5100 दीपों से दिव्य महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर अपने परिवार और क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
13 वर्षों बाद बना ऐसा महासंयोग
महाआरती के दौरान पूरा मंदिर परिसर दीपों की रोशनी और भक्ति के वातावरण से आलोकित हो उठा। श्रद्धालुओं ने श्रद्धा भाव से भगवान श्री शनिदेव की पूजा-अर्चना कर जीवन में सुख, शांति और उन्नति की प्रार्थना की। महाआरती के उपरांत मंदिर में पिछले तीन दिनों से चल रही अखंड तेल धारा और संगीतमय शनि नाम जाप को विधिवत विराम दिया गया। इस अवसर पर बाबा को सवामन पंचमेवा का भोग अर्पित किया गया तथा उपस्थित भक्तों में प्रसाद वितरित किया गया।
मंदिर संचालक पवन भार्गव ने बताया कि ज्येष्ठ अमावस्या और शनि जयंती पर इस बार 13 वर्षों बाद विशेष महासंयोग बना, जिसके चलते अलसुबह से ही श्रद्धालुओं का मंदिर पहुंचना शुरू हो गया था। देर रात तक हजारों श्रद्धालु परिवार सहित मंदिर पहुंचते रहे। भक्तों ने मंदिर में स्थापित श्री शनि शिला पर चल रही अखंड तेल धारा में तेल अर्पित करते हुए गज वाहन पर विराजमान न्यायमूर्ति भगवान श्री शनिदेव और नवग्रहों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया।
हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण की प्रसादी
तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन के दौरान प्रतिदिन सुबह और शाम बाबा को फलों की सवामनी एवं इमरती का भोग लगाया गया। इसके साथ ही मंदिर परिसर के सामने आयोजित विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने भोजन प्रसादी ग्रहण की। मंदिर के मुख्य पुजारी प्रदीप भार्गव ने बताया कि संगीतमय अखंड “ॐ श्री शनिदेवाय नमः” जाप में सालासर पैदल यात्रा संघ (धीमी गति) के सदस्यों ने तीन दिनों तक निष्काम सेवा देकर माहौल को और अधिक भक्तिमय बना दिया।
मंदिर संचालक पवन भार्गव के अनुसार मंदिर में महाराष्ट्र के प्रसिद्ध शिंगणापुर शनि धाम से लाई गई अखंड दिव्य ज्योति पिछले 18 वर्षों से निरंतर प्रज्वलित है। वहीं शास्त्रीय मान्यताओं के अनुसार स्थापित नवग्रह शक्ति पीठ एवं दक्षिणमुखी सिंदूरी बालाजी मंदिर श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का प्रमुख केंद्र बने हुए हैं।
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