शाहपुरा में तिरंगा यात्रा ने दिखाया राष्ट्रप्रेम और भाजपा का शक्ति प्रदर्शन

खबर सार :-

शाहपुरा में भाजपा विधायक डॉ. लालाराम बैरवा की अगुवाई में तिरंगा यात्रा निकली। देशभक्ति के माहौल के बीच यात्रा ने भाजपा की राजनीतिक सक्रियता और संगठन की ताकत भी दिखाई।
भाजपा विधायक की अगुवाई में निकली तिरंगा यात्रा

खबर विस्तार : -

शाहपुराः स्वतंत्रता दिवस से पहले गुरुवार को शाहपुरा में ‘हर घर तिरंगा-हर दिल तिरंगा’ अभियान के तहत भाजपा विधायक डॉ. लालाराम बैरवा के नेतृत्व में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। हाथों में तिरंगे, भारत माता की जय और वंदे मातरम् के नारों के साथ निकली इस यात्रा ने शहर को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। ढोल-नगाड़ों और देशभक्ति गीतों की गूंज के बीच बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, समर्थक और आमजन यात्रा में शामिल हुए।

तिरंगा यात्रा के दौरान राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रीय एकता का संदेश प्रमुखता से दिया गया। हालांकि, यात्रा में उमड़ी भीड़ और विधायक के नेतृत्व को स्थानीय राजनीतिक नजरिए से भी देखा गया। स्वतंत्रता दिवस से पहले हुए इस आयोजन ने भाजपा की संगठनात्मक सक्रियता और विधायक की आमजन के बीच मौजूदगी को भी सामने रखा।

धरती देवरा से शुरू हुई यात्रा

तिरंगा यात्रा का शुभारंभ सुबह 10 बजे धरती देवरा से हुआ। भाजपा विधायक डॉ. लालाराम बैरवा ने हरी झंडी दिखाकर यात्रा को रवाना किया। यात्रा शुरू होते ही भारत माता की जय और वंदे मातरम् के नारों से वातावरण गूंज उठा। युवा हाथों में तिरंगा लेकर यात्रा में आगे बढ़ते नजर आए। वहीं कार्यकर्ताओं में भी खासा उत्साह दिखाई दिया। देशभक्ति गीतों और ढोल-नगाड़ों की थाप ने यात्रा के माहौल को और उत्साहपूर्ण बना दिया। यात्रा धरती देवरा से रवाना होकर कालिंजरी गेट, बालाजी छतरी, मुख्य बाजार, त्रिमूर्ति चौराहा और रामद्वारा होते हुए पंचायत समिति परिसर स्थित विधायक कार्यालय पहुंची।

जगह-जगह पुष्पवर्षा से स्वागत

तिरंगा यात्रा के स्वागत के लिए शहर के विभिन्न हिस्सों में लोग मौजूद रहे। जैसे ही यात्रा बाजार और प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी, नगरवासियों और व्यापारियों ने पुष्पवर्षा कर कारवां का स्वागत किया। लहराते तिरंगे, फूलों की बारिश और देशभक्ति के नारों से बाजार क्षेत्र का माहौल उत्सव जैसा नजर आया। यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की नजरें इस कारवां पर टिकी रहीं। आयोजकों की ओर से यात्रा के जरिए राष्ट्रध्वज के सम्मान, देश की एकता और अखंडता का संदेश दिया गया।

तिरंगे के साथ दिखा संगठन का दम

शाहपुरा की स्थानीय राजनीति में भाजपा और कांग्रेस के बीच लंबे समय से राजनीतिक मुकाबला देखने को मिलता रहा है। ऐसे में विधायक डॉ. लालाराम बैरवा के नेतृत्व में निकली तिरंगा यात्रा को केवल राष्ट्रभक्ति से जुड़े आयोजन के रूप में ही नहीं, बल्कि राजनीतिक सक्रियता के नजरिए से भी देखा गया। यात्रा में कार्यकर्ताओं की बड़ी भागीदारी और शहर के प्रमुख मार्गों से होकर निकले कारवां ने भाजपा के संगठनात्मक नेटवर्क की मौजूदगी को भी प्रदर्शित किया। स्थानीय राजनीतिक मुद्दों और आगामी नगर निकाय चुनावों की चर्चा के बीच इस तरह के जनसंपर्क कार्यक्रमों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि कार्यक्रम का मुख्य संदेश राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रीय एकता पर केंद्रित रहा, लेकिन राजनीतिक आयोजनों में भीड़ और जनसंपर्क का अपना महत्व होता है। इस लिहाज से यात्रा ने विधायक डॉ. लालाराम बैरवा को शहर के बीच अपनी सक्रियता दिखाने का अवसर भी दिया।

विधायक बोले- तिरंगा देश की पहचान

यात्रा के समापन अवसर पर विधायक डॉ. लालाराम बैरवा ने कहा कि तिरंगा केवल तीन रंगों का कपड़ा नहीं है, बल्कि यह देश की आन, बान, शान और संप्रभुता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को देश की एकता और अखंडता के लिए समर्पित रहना चाहिए। विधायक ने लोगों से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने-अपने घरों पर तिरंगा फहराने और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया।

राष्ट्रगान के साथ हुआ समापन

तिरंगा यात्रा पंचायत समिति परिसर स्थित विधायक कार्यालय पहुंची, जहां इसका समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने एक साथ राष्ट्रगान गाया। इस दौरान पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति की भावना से ओतप्रोत नजर आया। शाहपुरा में निकली इस तिरंगा यात्रा ने एक ओर जहां शहर को राष्ट्रप्रेम के रंग में रंगा, वहीं दूसरी ओर विधायक डॉ. लालाराम बैरवा के नेतृत्व में भाजपा की राजनीतिक सक्रियता और संगठन की ताकत का संदेश भी दिया।

स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों के साथ शाहपुरा की स्थानीय राजनीति में भी हलचल बढ़ने के आसार हैं। आगामी नगर निकाय चुनाव और स्थानीय मुद्दों के बीच जनसंपर्क कार्यक्रमों के जरिए राजनीतिक दल अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश करेंगे। ऐसे आयोजनों में जुटने वाली भीड़ और कार्यकर्ताओं की सक्रियता आने वाले समय में राजनीतिक समीकरणों का संकेत भी दे सकती है। फिलहाल शाहपुरा की सड़कों पर लहराए तिरंगे और देशभक्ति के नारों ने यह जरूर दिखा दिया कि राष्ट्रीय पर्व का उत्साह अपने साथ स्थानीय राजनीति की गर्माहट भी लेकर आया है।

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