शाहपुरा में आरएसएस के शताब्दी वर्ष पर पौधारोपण, युवाओं ने लिया पौधों के संरक्षण का संकल्प

खबर सार :-

शाहपुरा के स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल में RSS के शताब्दी वर्ष के तहत पौधारोपण कार्यक्रम हुआ। युवाओं, शिक्षकों और अतिथियों ने पौधों के संरक्षण का संकल्प लिया।
शाहपुराः युवाओं ने लिया पौधों के संरक्षण का संकल्प

खबर विस्तार : -

शाहपुरा: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में युवा आधारित कार्यक्रम के तहत बुधवार को स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल, शाहपुरा में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में युवाओं, शिक्षकों और अतिथियों ने विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए। इस दौरान उपस्थित लोगों ने पौधों के संरक्षण और संवर्धन का संकल्प लिया।

कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विद्यार्थियों और युवाओं में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी रहा। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चरणों में दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। इसके बाद विद्यालय परिसर में पौधारोपण अभियान शुरू हुआ। अतिथियों और विद्यालय स्टाफ ने पौधे लगाए तथा विद्यार्थियों को उनकी नियमित देखभाल और सुरक्षा के लिए प्रेरित किया।

पर्यावरण संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी

मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी डॉ. सत्यनारायण कुमावत ने पर्यावरण संरक्षण और पौधारोपण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की रक्षा किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का सामूहिक दायित्व है। बढ़ते प्रदूषण और बदलते पर्यावरणीय हालात के बीच अधिक से अधिक पौधे लगाना समय की आवश्यकता बन गया है। उन्होंने विद्यार्थियों और युवाओं से आह्वान किया कि पौधारोपण को केवल एक दिन के कार्यक्रम तक सीमित न रखें। लगाए गए पौधों को नियमित पानी देने, उनकी सुरक्षा करने और उन्हें वृक्ष बनने तक संभालने की जिम्मेदारी भी निभाएं। उन्होंने कहा कि पौधा लगाना पर्यावरण संरक्षण की शुरुआत है, जबकि उसे वृक्ष बनाना वास्तविक पर्यावरण सेवा है।

भारतीय परंपरा से जुड़ा प्रकृति संरक्षण

कार्यक्रम में नगर संघ चालक कन्हैयालाल वर्मा और सेवानिवृत्त पूर्व प्राचार्य जयदेव जोशी ने भी विचार व्यक्त किए। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को भारतीय संस्कृति और सामाजिक दायित्व से जोड़ते हुए युवाओं को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनने का संदेश दिया।

वक्ताओं ने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति को हमेशा सम्मान दिया गया है। पेड़-पौधे केवल हरियाली बढ़ाने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि मानव जीवन के आधार हैं। ऐसे में युवा पीढ़ी को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण से जुड़ी चुनौतियों का सामना केवल सरकारी प्रयासों से नहीं किया जा सकता। इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी जरूरी है। खासकर विद्यार्थी और युवा यदि प्रकृति संरक्षण को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं तो इसका व्यापक प्रभाव देखने को मिल सकता है।

विद्यालय परिसर में लगाए विभिन्न प्रजातियों के पौधे

विद्यालय के कार्यवाहक प्रधानाचार्य राजेश कुमार धाकड़ ने स्वागत उद्बोधन में अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय परिसर में लगाए गए पौधे विद्यार्थियों को प्रकृति के करीब लाने के साथ पर्यावरण संरक्षण की व्यावहारिक सीख भी देंगे। उन्होंने कहा कि स्कूल में पौधारोपण से बच्चों में पौधों की देखभाल और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का भाव विकसित होगा। विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिलेगा कि पौधा लगाने के बाद उसकी नियमित देखभाल भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

पौधारोपण अभियान के दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों में खासा उत्साह नजर आया। विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने इन पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में हरियाली बढ़ाने के साथ आने वाली पीढ़ी को स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण देने का संदेश भी दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि बच्चों और युवाओं में यदि पौधों के प्रति अपनापन और जिम्मेदारी की भावना विकसित की जाए तो आने वाले वर्षों में पर्यावरण संरक्षण का अभियान और मजबूत हो सकता है।

शिक्षक और अधिकारी रहे मौजूद

कार्यक्रम का संचालन डॉ. परमेश्वर प्रसाद कुमावत ने किया, जबकि युवा आधारित कार्यक्रम के नगर वृक्षारोपण प्रभारी भगवत सिंह लुलांस ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय, शाहपुरा के प्रशासनिक अधिकारी विनोद कुमार जोशी, प्रदीप शर्मा, अधिवक्ता महेंद्र रायका सहित विद्यालय के शिक्षक लोकेश कुमार चौधरी, प्रकाश धोबी, पर्वत सिंह कानावत, रवि मीणा, कालूलाल शर्मा, सुमित खटीक और निखिल सोनी मौजूद रहे। अध्यापिकाओं में मंजू सेन, सुधा चौहान, ललिता धाकड़, रत्ना टेलर, सोनम लढ्ढा, निकिता शर्मा, भारती राठौड़ और नैनिका सेन सहित विद्यालय का अन्य स्टाफ भी कार्यक्रम में उपस्थित रहा।

कार्यक्रम के समापन पर पर्यावरण संरक्षण को लेकर सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि प्रकृति संरक्षण का सबसे प्रभावी रास्ता लोगों को प्रकृति से जोड़ना है। यदि बच्चों और युवाओं में पौधों के प्रति अपनापन और जिम्मेदारी विकसित की जाए तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में स्थायी बदलाव लाया जा सकता है।

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