Shahjahanpur: विहिप और बजरंग दल ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन, अवैध कब्जा और बिजली चोरी की शिकायत

खबर सार :-
स्थानीय निवासियों का कहना है कि लंबे समय से यह अवैध कब्जा और बिजली चोरी की शिकायतें प्रशासन के संज्ञान में आ रही थीं, लेकिन किसी ठोस कदम का इंतजार था। विहिप और बजरंग दल ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाकर प्रशासन को कार्रवाई के लिए दबाव बनाने की कोशिश की है।
Shahjahanpur: विहिप और बजरंग दल ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन, अवैध कब्जा और बिजली चोरी की शिकायत
खबर विस्तार : -

शाहजहांपुर: विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को कथित अवैध कब्जे और बिजली चोरी के मामले को लेकर जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह को ज्ञापन सौंपा। संगठन के पदाधिकारियों का आरोप है कि सदर बाजार थाना क्षेत्र के इंदिरा नगर स्थित ऋषि आश्रम के पास खन्नौत नदी किनारे कुछ परिवार लंबे समय से सरकारी भूमि पर अवैध रूप से निवास कर रहे हैं।

आवश्यक कार्रवाई की मांग

ज्ञापन में कहा गया कि संबंधित परिवार बिना वैध अनुमति के सरकारी जमीन पर रह रहे हैं और विद्युत चोरी कर एयर कंडीशनर, कूलर और अन्य विद्युत उपकरणों का इस्तेमाल कर रहे हैं। संगठन ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।

विहिप के विभाग मंत्री अशनील सिंह ने कहा कि सरकारी भूमि पर किसी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से निवेदन किया कि भूमि की जांच कराकर कब्जा हटाने के साथ-साथ बिजली चोरी के आरोपों की भी गंभीरता से पड़ताल की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो संगठन व्यापक जनसमर्थन के साथ आंदोलन करने को मजबूर होगा।

नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन

ज्ञापन सौंपने के दौरान महानगर उपाध्यक्ष रमेश कोरी, विभाग संयोजिका प्रीति शुक्ला, बजरंग दल महानगर संयोजक हर्षित गुप्ता, अधिवक्ता अनिल वर्मा, चंद्रवीर चौहान और अनुभव गुप्ता समेत कई कार्यकर्ता मौजूद थे।

प्रशासन की ओर से ज्ञापन प्राप्त कर मामले की जांच करने और नियमानुसार कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी आरोपों की जांच कर उचित कदम उठाए जाएंगे और किसी भी अनियमितता पाए जाने पर कार्रवाई में देरी नहीं की जाएगी।

ज्ञापन सौंपने की यह प्रक्रिया प्रशासन और नागरिकों के बीच संवाद का एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। संगठन ने साफ किया कि उनका उद्देश्य केवल कानून और नियमों के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित कराना है, ताकि सरकारी संपत्ति और संसाधनों की रक्षा हो सके।

इस मामले की आगे की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई से जुड़े निर्णय से क्षेत्र में कानूनी और सामाजिक स्थिरता बनाए रखने की उम्मीद जताई जा रही है।

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