बरसात में डूबने की घटनाओं पर सख्त हुए मंडलायुक्त, बांधों-रपटों पर बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था के दिए निर्देश

खबर सार :-

मंडलायुक्त ने बच्चों के गड्ढों, तालाबों और जलभराव वाले क्षेत्रों में डूबने की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए विशेष जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा जहां आवश्यकता हो वहां सुरक्षा कर्मियों की तैनाती भी सुनिश्चित की जाए।
बरसात में डूबने की घटनाओं पर सख्त हुए मंडलायुक्त, बांधों-रपटों पर बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था के दिए निर्देश

खबर विस्तार : -

झांसीः मंडल में लगातार हो रही डूबने की घटनाओं और उनसे होने वाली जनहानि को गंभीरता से लेते हुए मंडलायुक्त बिमल कुमार दुबे ने सभी प्रमुख बांधों, जलाशयों, रपटों और अन्य संवेदनशील जल स्रोतों पर सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बरसात के दौरान लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए सभी खतरनाक स्थलों पर चेतावनी सूचना-पट्ट, पब्लिक एड्रेस सिस्टम तथा बैरिकेडिंग अनिवार्य रूप से स्थापित की जाए, ताकि लोगों को जोखिम वाले क्षेत्रों में जाने से रोका जा सके।

लोगों को जागरूक करने के निर्देश

आयुक्त सभागार में आयोजित विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंडलायुक्त ने कहा कि बारिश के मौसम में जलभराव, तेज बहाव और खुले जल स्रोतों के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में सिंचाई विभाग, जल निगम, लोक निर्माण विभाग, लघु सिंचाई विभाग, पंचायत, पुलिस और राजस्व विभाग आपसी समन्वय के साथ संवेदनशील स्थलों की नियमित निगरानी करें। जहां आवश्यकता हो वहां सुरक्षा कर्मियों की तैनाती भी सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने विशेष रूप से उन रपटों पर बैरिकेडिंग कराने के निर्देश दिए जो बरसात में पानी में डूब जाती हैं। ऐसे स्थानों पर आम लोगों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित की जाए, ताकि किसी प्रकार की जनहानि न हो। इसके साथ ही जिन सड़कों, सार्वजनिक मार्गों अथवा सड़क किनारे बने गहरे गड्ढों के कारण दुर्घटनाओं की संभावना है, उन्हें तत्काल भरवाने अथवा सुरक्षित कराने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए गए।

मंडलायुक्त ने कहा कि ग्राम पंचायतों, नगर निकायों और विद्यालयों के माध्यम से लोगों को नदियों, बांधों और गहरे जलाशयों में स्नान करने, सेल्फी लेने तथा अन्य जोखिमपूर्ण गतिविधियों से बचने के लिए जागरूक किया जाए। साथ ही किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन और पुलिस को सूचना देकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

लंबित आवेदनों के निस्तारण के निर्देश

बैठक के दौरान मंडलायुक्त ने टहरौली क्षेत्र में तिरपाल लगाकर अंतिम संस्कार किए जाने की घटना पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों के अंत्येष्टि स्थलों का निरीक्षण करने और वहां टीन शेड, प्रकाश व्यवस्था, चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग तथा सुरक्षित पहुंच मार्ग जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा अस्पतालों और विद्यालयों तक जाने वाले मार्गों को भी सुरक्षित और सुगम बनाने पर जोर दिया।

विकास योजनाओं की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने किसान सम्मान निधि के लंबित आवेदनों का अभियान चलाकर शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए। श्रम विभाग को अधिक से अधिक श्रमिकों का पोर्टल पर पंजीकरण सुनिश्चित करने तथा स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के माध्यम से सार्वजनिक कार्यालयों में प्रेरणा कैंटीन और मिलेट केंद्र संचालित करने की दिशा में कार्य तेज करने को कहा।

उन्होंने कृषि विभाग को खाद एवं बीज की उपलब्धता का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि वितरण केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ न लगे। बैठक में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, छात्रवृत्ति योजनाएं, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, अभ्युदय योजना, स्वच्छ भारत मिशन, आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण, निराश्रित गौवंश आश्रय स्थलों तथा अन्य निर्माणाधीन विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। मंडलायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा में योजनाओं की प्रगति तेज करने और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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