Manipur: नागा नागरिकों की हत्या के बाद इंफाल में बढ़ा तनाव, मामले की जांच करेगी NIA
खबर सार :-
मणिपुर में छह नागा नागरिकों की हत्या की जांच एनआईए करेगी। हत्या के बाद इंफाल में तनाव बढ़ गया है। शवों को अस्पताल में लाने के बाद बड़ी संख्या में परिवार के लोग और स्थानीय नागरिक जमा हो गए। इस बीच, प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हो गई।
खबर विस्तार : -
इंफाल: नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने मणिपुर में लापता होने के बाद मृत पाए गए छह नागा नागरिकों की हत्या की जांच अपने हाथ में ले ली है। एजेंसी ने मामले की सच्चाई का पता लगाने और मृतकों की पहचान पक्की करने के लिए एक विस्तृत फोरेंसिक जांच शुरू कर दी है।
मृतकों की पहचान पास्टर केनपिबू चावांग, मनु थियुमाई, फेनरोंगविबू थियुमाई, दिलीप थियुमाई, कालीवांगबू अबोनमाई और चा. फेन्रिलुंग के तौर पर हुई है। ये सभी कोंसाखुल नागा गांव के रहने वाले थे। खबरों के मुताबिक, इन छह लोगों को 13 मई को लेलोंग वाइफेई इलाके से अगवा कर लिया गया था।
खाराम वैफेई गांव के पास मिले शव
लगभग एक महीने तक चले सर्च ऑपरेशन और 24 घंटे के एक संयुक्त सर्च ऑपरेशन के बाद मणिपुर पुलिस, असम राइफल्स और सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) के लगभग 450 जवानों की एक टीम ने कांगपोकपी जिले के खाराम वैफेई गांव के पास उनके शव बरामद किए।
DNA टेस्ट व पोस्टमार्टम से सबूत जुटा रही टीम
अधिकारियों ने बताया कि शव बहुत बुरी हालत में मिले थे, जिससे उन्हें देखकर पहचानना नामुमकिन था। इसके बाद, NIA की एक खास टीम इंफाल ईस्ट में जवाहरलाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (JNIMS) के मुर्दाघर पहुंची। एजेंसी अभी मृतकों की पहचान पक्की करने और DNA टेस्ट व विस्तृत पोस्टमार्टम प्रक्रिया के जरिए सबूत जुटाने पर काम कर रही है।
प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प
इस बीच, शवों को JNIMS लाए जाने के बाद इंफाल में तनाव बढ़ गया। अस्पताल परिसर के बाहर बड़ी संख्या में परिवार के लोग, समुदाय के सदस्य और स्थानीय नागरिक जमा हो गए। दुख और गुस्से के माहौल के बीच, प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हो गई। हालात को काबू में करने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले छोड़े। खबर है कि इस घटना में कई आम नागरिक और सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं।
संवेदनशील जिलों में सुरक्षा व्यवस्था सख्त
यह घटना नागा समूहों द्वारा 14 कुकी बंधकों को रिहा करने के ठीक एक दिन बाद हुई है। इससे मणिपुर के पहाड़ी इलाकों में अलग-अलग समुदायों के बीच फिर से हिंसा और बदले की कार्रवाई का डर बढ़ गया है। हालात को देखते हुए, इंफाल ईस्ट और आसपास के इलाकों समेत संवेदनशील जिलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
ये भी पढ़ें: 6 नागा नागरिकों की हत्या के खिलाफ मणिपुर में आक्रोश, डिप्टी सीएम ने कहा- ऐसी बर्बरता मानवता के खिलाफ
अन्य प्रमुख खबरें
-
यूपी में चकबंदी व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर, गांवों में प्रक्रिया पूरी करने की संख्या बढ़ी
2026-10-25
-
हमीरपुर में जलविहार महोत्सव आज, पानी के बीच रामलीला का होगा सजीव मंचन
2026-10-25
-
हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के बाद बढ़ी ठंड
2026-10-25
-
लखनऊ में वकीलों का विरोध प्रदर्शन, चैंबर तोड़ने की कार्रवाई से नाराज
2026-10-25
-
Sharad Purnima 2026: शरद-पूर्णिमा पर प्रयागराज में उमड़ा जनसैलाब
2026-10-25
-
सीवान विस्फोट मामले में पांचवी मौत की गुत्थी उलझी, युवती की तलाश जारी
2026-10-24
-
झांसी में सुरक्षा जवानों की भर्ती, 22 हजार तक वेतन
2026-10-24
-
UPMRC को UMI 2026 में मिला बेस्ट स्टॉल अवार्ड
2026-10-24
-
बल्दीराय में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन मार्गों का निरीक्षण, सुरक्षा के निर्देश
2026-10-24
-
झांसी में डॉक्टर के घर चोरी, नौकर का बेटा गिरफ्तार
2026-10-24
-
उत्तर प्रदेश में ऑनलाइन फूड स्टोर्स पर FSDA की बड़ी कार्रवाई, 4 लाइसेंस निलंबित
2026-10-24
-
कैनवस पर उतारें या रील बनाकर दुनिया को दिखाएं अयोध्या, ऐसे करें आवेदन
2026-10-24
-
बिहार में खाद्य सुरक्षा अभियान तेज, 531 प्रतिष्ठानों की जांच
2026-10-24
-
दीपोत्सव से पहले अयोध्या में चला सफाई अभियान, मेयर ने उठाई झाड़ू
2026-10-24
-
सीवान के गांव में 40 सालों से चल रहा था अवैध पटाखा कारोबार, उठे सवाल
2026-10-24