मध्य प्रदेश में मौसम ने ली करवट, मानसून जाने के बाद दिन गर्म और रातें होने लगीं ठंड

खबर सार :-

मध्य प्रदेश में मानसून ने शनिवार को पूरी तरह विदाई ले ली है। मौसम विभाग के अनुसार, इस सीजन में राज्य में सामान्य से 1.5 इंच कम बारिश हुई, जबकि 25 जिलों में सामान्य बारिश हुई।
मध्य प्रदेश से 10 दिन पहले मानसून की विदाई, सर्द होने लगीं रातें

खबर विस्तार : -

भोपाल: शनिवार को मध्य प्रदेश से मानसून पूरी तरह से चला गया। इस साल मानसून पिछले साल के मुकाबले करीब 10 दिन पहले ही राज्य से लौट गया। पिछले साल मानसून 13 अक्टूबर को गया था, जबकि इस साल यह 3 अक्टूबर को चला गया। इस साल मानसून 24 जून को राज्य में आया था। बारिश रुकने, आसमान साफ ​​होने, नमी कम होने और सूखी हवाओं के असर से मौसम में बदलाव शुरू हो गया है।

मौसम विभाग के अनुसार, बारिश की गतिविधि कम होने, आसमान साफ ​​होने, हवा में नमी कम होने और उत्तर से आने वाली सूखी हवाओं के असर से मानसून के लौटने की स्थिति बनी। उत्तरी गुजरात और दक्षिण-पश्चिम राजस्थान क्षेत्र में बने एंटी-साइक्लोनिक सर्कुलेशन (प्रति-चक्रवाती परिसंचरण) ने भी मानसून के लौटने में भूमिका निभाई। मानसून के जाने के साथ ही राज्य में रात के तापमान में गिरावट और दिन के तापमान में बढ़ोतरी का दौर शुरू हो गया है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से कम दर्ज किया गया। अमरकंटक में रात का सबसे कम तापमान 17.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, बड़वानी, धार, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम में दिन का तापमान 35 डिग्री के पार पहुंच गया।

कई शहरों में तापमान 18 डिग्री के आसपास

मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार, कल रात दर्ज किया गया न्यूनतम तापमान अमरकंटक में 17.1°C, शाजापुर में 17.3°C, धार में 17.5°C, इंदौर और पचमढ़ी में 17.6°C और भोपाल व उज्जैन में 18°C ​​था। पचमढ़ी और अमरकंटक में दिन का तापमान 29 डिग्री से नीचे रहा। इसके उलट, मैदानी इलाकों में दिन का तापमान बढ़ा और कई जिलों में यह 35 डिग्री के पार पहुंच गया।

6 अक्टूबर को 13 जिलों में बारिश की संभावना

मानसून के लौटने के बावजूद, अक्टूबर में कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 3, 4 और 5 अक्टूबर को राज्य में बारिश की कोई संभावना नहीं है। 6 अक्टूबर को टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, डिंडोरी और अनूपपुर में हल्की बारिश या बौछारें हो सकती हैं। अक्टूबर में राज्य के ज्यादातर हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रहने की उम्मीद है।

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35.8 इंच बारिश: सामान्य से 1.5 इंच कम

इस मानसून सीजन के दौरान मध्य प्रदेश में कुल 908.4 मिमी (35.8 इंच) बारिश दर्ज की गई। राज्य में मानसून की सामान्य बारिश 949.5 मिमी (37.3 इंच) है। नतीजतन, इस सीजन में बारिश सामान्य से लगभग 1.5 इंच यानी 4 प्रतिशत कम रही। कुल मिलाकर, पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से लगभग 4 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज की गई, जबकि पश्चिमी क्षेत्र में सामान्य से लगभग 12 प्रतिशत कम बारिश हुई। हालांकि, कई जिलों ने बारिश का अपना लक्ष्य पूरा किया।

25 जिलों में सामान्य बारिश हुई

राज्य के पच्चीस जिलों में सामान्य बारिश दर्ज की गई। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडोरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं।

जून की बारिश की कमी पूरी नहीं हो सकी

मानसून सीजन के कुल आंकड़ों में कमी का मुख्य कारण जून में कम बारिश होना था। उस महीने राज्य में सामान्य से लगभग 14 प्रतिशत कम बारिश हुई। जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश हुई, लेकिन बाद में मानसून में आए ठहराव के कारण कई दिनों तक बारिश की गतिविधियां धीमी रहीं। मानसून सीजन के आखिरी महीनों में हुई बारिश ने जून से चली आ रही बारिश की कमी को कुछ हद तक कम किया, हालांकि यह कमी पूरी तरह से पूरी नहीं हो सकी। नतीजतन, इस सीजन में कुल बारिश सामान्य से लगभग 4 प्रतिशत कम रही।

अक्टूबर में भोपाल का मौसम कैसा रहता है?

भोपाल में अक्टूबर के दौरान सामान्य अधिकतम तापमान लगभग 32.7°C रहता है, जबकि न्यूनतम तापमान लगभग 19.1°C रहता है। पिछले कुछ वर्षों में अक्टूबर के दौरान तापमान में काफी उतार-चढ़ाव देखे गए हैं। 2012 में अधिकतम तापमान 38°C तक पहुंच गया था, जबकि उसी साल 12 अक्टूबर को न्यूनतम तापमान 11.7°C दर्ज किया गया था। अक्टूबर में बारिश की संभावना भी रहती है; उदाहरण के लिए, 6 अक्टूबर 2009 को भोपाल में 24 घंटे के दौरान लगभग 5 इंच बारिश दर्ज की गई थी।

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