MP में चीतों का तीसरा आवास बना दुर्गावती टाइगर रिजर्व, सीएम बोले- वन्यजीवों के संरक्षण का मिशन जारी रहेगा

खबर सार :-

बुधवार को सागर जिले के रहली में 'वन्यजीव सप्ताह' के समापन समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में जलचर, थलचर और पक्षी प्रजातियों की आबादी लगातार बढ़ रही है।
MP में चीतों की संख्या 60 पहुंची, CM बोले- वन्यजीव हमारे वनों के आभूषण

खबर विस्तार : -

भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वन्यजीव हमारे जंगलों की शान हैं और उनकी देखभाल और सुरक्षा करना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। मध्य प्रदेश की धरती पर वन्यजीवों का संरक्षण और उनकी संख्या बढ़ाना हमारा मिशन है और यह मिशन बिना रुके जारी रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को सागर जिले के रहली में 'वन्यजीव सप्ताह' के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। 

इस मौके पर उन्होंने वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में चीतों के लिए तैयार किए गए सुरक्षित बाड़े (सॉफ्ट-रिलीज बोमा) में दो चीतों 'व्योम' (नर) और 'नीरा' (मादा) को छोड़ा। मुख्यमंत्री ने 'चीता मित्रों' और 'बाघिन दीदियों' से भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जंगलों और वन्यजीवों की भलाई के लिए प्रतिबद्ध है और हर संभव तरीके से उनकी सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है। मध्य प्रदेश में जलचर, थलचर और पक्षी प्रजातियों की आबादी लगातार बढ़ रही है। मगरमच्छों को भी सुरक्षा दी जा रही है, जिन्हें मां नर्मदा की सवारी (वाहन) माना जाता है।

मध्य प्रदेश में चीतों की संख्या 60 हुई

मुख्यमंत्री ने कहा कि कूनो नेशनल पार्क और गांधी सागर अभयारण्य के बाद, चीतों को नौरादेही टाइगर रिजर्व में नया घर मिला है। बुंदेलखंड क्षेत्र में स्थित वीरांगना दुर्गावती अभयारण्य राज्य की तीसरी ऐसी जगह बन गई है, जहां चीते अपनी जरूरतों के हिसाब से प्राकृतिक माहौल में आजादी से घूम सकेंगे। उन्होंने बताया कि नौरादेही टाइगर रिजर्व 41 साल पहले बनाया गया था। यह अभयारण्य इसलिए खास होगा क्योंकि अब पर्यटक एक ही रिजर्व में चीतों और बाघों को घूमते हुए देख सकेंगे। मध्य प्रदेश में चीतों की संख्या अब 60 हो गई है। राज्य का भौगोलिक परिवेश वन्यजीवों के लिए बहुत अनुकूल है; मध्य प्रदेश में देश में सबसे ज्यादा बाघ और गिद्ध पाए जाते हैं। 

वन समितियों को ₹20 करोड़ का लाभांश वितरण

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक जन-प्रतिनिधि के तौर पर, मुश्किल समय में क्षेत्र के नागरिकों के साथ खड़े रहना उनका कर्तव्य है। वन्यजीव सप्ताह के समापन के मौके पर आज वन समितियों को लाभांश (dividends) बांटा गया। नौरादेही टाइगर रिजर्व के आस-पास घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए टूर और सुविधाएं उपलब्ध कराने वाली समितियों के सदस्यों को कुल ₹80 करोड़ की कमाई में से ₹20 करोड़ लाभांश के तौर पर मिले। मुख्यमंत्री ने बताया कि वन क्षेत्रों के आस-पास के बफर जोन में होमस्टे सेवाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। ग्रामीणों को स्वरोजगार के लिए अपने घरों में एक या दो कमरे होमस्टे के तौर पर तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य सरकार इन होमस्टे को शुरू करने के लिए ₹2 से ₹3 लाख की ग्रांट भी दे रही है।

पशुपालन और दूध उत्पादन को बढ़ावा दे रही सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस 'किसान कल्याण वर्ष' के दौरान सरकार पशुपालन और दूध उत्पादन को बढ़ावा दे रही है। पशुपालकों से सही कीमत पर दूध खरीदने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर सहकारी दूध कलेक्शन समितियां बनाई जा रही हैं। इससे किसानों को दूध उत्पादन से लगातार आमदनी होगी। हाल ही में, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने मध्य प्रदेश की दूध उत्पादन क्षमता बढ़ाने का एक बड़ा लक्ष्य तय किया है।

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प्रधानमंत्री के नेतृत्व में कूनो में चीता प्रोजेक्ट शुरू

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में कभी बाघ और चीते विलुप्त होने की कगार पर थे। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और सेवा के प्रति उनके समर्पण के 25 साल पूरे हो रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में कूनो अभयारण्य से चीता प्रोजेक्ट शुरू किया गया, जो एशियाई महाद्वीप में अपनी तरह की पहली पहल है। हमारी कोशिश है कि जंगलों में वन्यजीव फलें-फूलें और इंसान उनके साथ मिल-जुलकर रहें, और दोनों ही अपनी-अपनी सीमाओं का सम्मान करें। आज नौरादेही अभयारण्य में खुले बाड़े में दो चीते छोड़े गए हैं, और अगले महीने दो और चीते यहां लाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि चीता एक ऐसा जीव है जो सबको साथ लेकर आगे बढ़ता है।

बुंदेलखंड का सर्वांगीण विकास सर्वोच्च प्राथमिकता

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि यह दिन सागर जिले के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। नौरादेही टाइगर रिजर्व लगभग 20 लाख हेक्टेयर के वन क्षेत्र में फैला हुआ है। यहां चीतों को लाने की कोशिशें लंबे समय से चल रही थीं, और आज हमें दो चीतों का तोहफा मिला है। बुंदेलखंड का सर्वांगीण विकास मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। संभागीय स्तर पर क्षेत्रीय उद्योग सम्मेलनों के आयोजन से बुंदेलखंड में अलग-अलग जगहों पर नए उद्योग स्थापित करने का रास्ता बन रहा है। पर्यटन क्षेत्र में भी विकास की अपार संभावनाएं हैं, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

पूर्व मंत्री और स्थानीय विधायक गोपाल भार्गव और सांसद राहुल सिंह ने भी सभा को संबोधित किया। इस मौके पर मौजूद गणमान्य लोगों में विधायक बृज बिहारी पटेरिया, प्रदीप लारिया, शैलेंद्र जैन और वीरेंद्र सिंह लंबरदार; प्रमुख सचिव राघवेंद्र सिंह; वन बल प्रमुख शुभ्रंजन सेन; मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) डॉ. समिता राजोरा; और रानी कुशवाहा के साथ-साथ कई जन-प्रतिनिधि, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और स्थानीय नागरिक शामिल थे। 

किताब, ब्रोशर और पोस्टर का अनावरण

इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'वल्चर पॉपुलेशन एस्टीमेशन 2026' (गिद्धों की आबादी का अनुमान 2026) किताब, बुंदेली बोली में तैयार VDTR पोस्टर और जन-भागीदारी पर आधारित 'बाघिन दीदी' अभियान के ब्रोशर का अनावरण किया।

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