विकसित भारत-जी राम जी के तहत पंच सम्मेलन आयोजित, गांवों के विकास पर जोर

खबर सार :-

झांसी में विकसित भारत-जी राम जी के तहत पंच सम्मेलन आयोजित हुआ। ग्राम प्रधानों को 125 दिन रोजगार, 318 कार्यों और ग्रामीण विकास योजना की जानकारी दी गई।
‘विकसित भारत-जी राम जी’ को ग्रामीण परिवारों के लिए बताया ऐतिहासिक कदम

खबर विस्तार : -

झांसी: विकास भवन सभागार में बुधवार को ‘विकसित भारत-जी राम जी’ कार्यक्रम के तहत पंच सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता सदस्य विधान परिषद (एमएलसी) श्रीमती रमा निरंजन ने की। कार्यक्रम में ग्राम प्रधानों, ग्राम सचिवों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों को नए अधिनियम के प्रावधानों, रोजगार गारंटी और ग्रामीण विकास में उनकी भूमिका की जानकारी दी गई।

हाट बाजार की सुविधा पर जोर

एमएलसी रमा निरंजन ने कहा कि देश की तरक्की का रास्ता गांवों से होकर गुजरता है। ‘विकसित भारत-जी राम जी’ ग्रामीण क्षेत्रों को गरीबी मुक्त, रोजगारयुक्त, स्वयंपूर्ण और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि योजना के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर रोजगार और नेतृत्व के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही महिलाओं के लिए वर्क शेड और हाट बाजार जैसी सुविधाओं के विकास पर भी जोर दिया जाएगा।

जिलाधिकारी गौरांग राठी ने ग्राम प्रधानों और ग्राम सचिवों को ‘विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन ग्रामीण: वीबी-जी राम जी अधिनियम’ के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संसद द्वारा पारित यह अधिनियम ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार के अवसरों को मजबूत करने, आजीविका में सुधार लाने और गांवों में विकास कार्यों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

योजनाओं की जानकारी पहुंचाने का आदेश

उन्होंने ग्राम प्रधानों से आह्वान किया कि अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार तक पहुंचाई जाए, ताकि जरूरतमंद परिवार योजना का लाभ उठा सकें। जिलाधिकारी ने बताया कि योजना की प्रमुख विशेषताओं में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी, समय पर मजदूरी का भुगतान, बेरोजगारी भत्ता तथा ग्राम स्तर पर कार्ययोजना तैयार करने की स्वतंत्रता शामिल है।

ग्राम पंचायतों को अपने क्षेत्र की स्थानीय जरूरतों के आधार पर विकास कार्यों का चयन करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से जल संरक्षण सहित गांव की प्राथमिकता वाले कार्यों को कार्ययोजना में शामिल करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ विकास के लिए स्थानीय स्तर पर जरूरत के अनुसार कार्यों का चयन बेहद महत्वपूर्ण है।

उपायुक्त शिखर श्रीवास्तव ने सम्मेलन में वीबी-जी राम जी के तहत प्रस्तावित कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायतों में चार प्रमुख श्रेणियों में कार्य कराए जाएंगे। इनमें जल सुरक्षा एवं संरक्षण, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका संवर्धन तथा जलवायु परिवर्तन एवं प्रतिकूल मौसम से निपटने वाले कार्य शामिल हैं। इन चार श्रेणियों के अंतर्गत कुल 318 प्रकार के कार्य अनुमन्य किए गए हैं।

नए नियमों के मुताबिक होंगे काम

उन्होंने बताया कि नए अधिनियम के लागू होने से विभिन्न विभागों के कार्यों में समन्वय और पारदर्शिता बढ़ेगी। कृषि गतिविधियों को प्रभावित होने से बचाने के लिए बुवाई और कटाई से जुड़ी गतिविधियों के दौरान कुल 60 दिनों की अवधि निर्धारित करने का प्रावधान किया गया है। उपायुक्त ने अधिकारियों और ग्राम प्रधानों को वीबी-जी राम जी तथा मनरेगा के बीच अंतर भी समझाया। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि मनरेगा के तहत वर्तमान में चल रहे कार्य सुरक्षित हैं और कोई भी मौजूदा कार्य बंद नहीं किया जाएगा। पहले से संचालित सभी कार्यों को पूर्व निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पूरा किया जाएगा। वीबी-जी राम जी के लागू होने के बाद नए कार्य उसके प्रावधानों के अनुरूप शुरू किए जाएंगे।

सम्मेलन में यह भी बताया गया कि वर्षा ऋतु में खेती-किसानी के दौरान कृषकों के हितों को ध्यान में रखते हुए दो माह तक कार्य बंद रखने का प्रावधान है। अधिनियम पूरी तरह लागू होने के बाद ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के रोजगार के साथ नई बढ़ी हुई मजदूरी दरों का लाभ मिलने की जानकारी दी गई। साथ ही वर्ष 2047 तक ग्राम पंचायतों को विकसित ग्राम पंचायत बनाने की परिकल्पना पर भी चर्चा हुई।

ग्राम प्रधानों को मिला सम्मान

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले ग्राम प्रधानों और कर्मचारियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में ग्राम प्रधान हीरापुर बबीना रामकुमारी, ग्राम प्रधान फुटेरा बरुआसागर बालमुकुंद कुशवाहा और ग्राम प्रधान पहाड़ी बुजुर्ग चिरगांव अतर सिंह सहित एपीओ, ग्राम सचिव, तकनीकी सहायक, लेखाकार और कंप्यूटर ऑपरेटर शामिल रहे।

इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख चिरगांव राजकांतेश वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आयुष सैनी, उपायुक्त शिखर श्रीवास्तव, संबंधित खंड विकास अधिकारी, ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव, जनप्रतिनिधि तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

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