झांसी रेल मंडल में ट्रेनों को मिली रफ्तार, कई रेलखंडों पर बढ़ी सेक्शनल स्पीड, तीन समपार फाटक स्थायी रूप से बंद

खबर सार :-

रेलवे ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए इस महीने तीन समपार फाटकों को स्थायी रूप से बंद करने का भी निर्णय लिया है। रेलवे ने कहा- इन सुधारों से न केवल परिचालन क्षमता बढ़ेगी, बल्कि रेलवे की कार्यकुशलता और यात्री सुविधाओं में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।
झांसी रेल मंडल में ट्रेनों को मिली रफ्तार, कई रेलखंडों पर बढ़ी सेक्शनल स्पीड, तीन समपार फाटक स्थायी रूप से बंद

खबर विस्तार : -

झांसीः झांसी रेल मंडल ने रेल परिचालन को अधिक सुरक्षित, तेज और समयबद्ध बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) अनिरुद्ध कुमार के निर्देशन में विभिन्न रेलखंडों पर तकनीकी उन्नयन और सुरक्षा मानकों को पूरा करने के बाद कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में ट्रेनों की अधिकतम सेक्शनल स्पीड बढ़ा दी गई है। इसके साथ ही रेल और सड़क यातायात की सुरक्षा को और मजबूत करने के उद्देश्य से तीन समपार फाटकों को स्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इन सुधारों से ट्रेनों की औसत गति में वृद्धि होगी, समयपालन बेहतर होगा और यात्रियों को अधिक सुरक्षित एवं सुगम यात्रा का अनुभव मिलेगा।

समय में होगा सुधार

रेल प्रशासन के अनुसार संदललपुर–सिथौली ‘ए’ केबिन के मध्य तृतीय रेल लाइन तथा दतिया–डबरा तृतीय लाइन खंड पर ट्रेनों की अधिकतम सेक्शनल स्पीड 100 किलोमीटर प्रति घंटा से बढ़ाकर 110 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी गई है। इसी तरह ग्वालियर–श्योपुर ब्रॉडगेज रेलखंड के रायरू–जौरा अलापुर सेक्शन में गति सीमा 90 से बढ़ाकर 110 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी गई है। वहीं जौरा अलापुर–कैलारस खंड में अधिकतम गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा से बढ़ाकर 100 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी गई है।

इसके अलावा खैरार–मानिकपुर रेलखंड के बांदा–खुरहंड के बीच नवनिर्मित द्वितीय डाउन लाइन तथा हेतमपुर–धौलपुर तृतीय लाइन खंड पर भी ट्रेनों की अधिकतम सेक्शनल स्पीड 100 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है। रेलवे का कहना है कि इन रेलखंडों पर गति बढ़ने से ट्रेनों के संचालन में तेजी आएगी और लंबी दूरी की ट्रेनों के समय में भी सुधार होगा।

रेल परिचालन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई स्टेशनों और केबिनों पर स्थित क्रॉसओवर तथा कॉमन लूप लाइनों की अनुमेय गति भी बढ़ाई गई है। उदयपुरा–टीकमगढ़ खंड के एलपीजीसीएल केबिन, खैरार–मानिकपुर रेलखंड के डिंगवाई और खुरहंड स्टेशन तथा झांसी–ग्वालियर रेलखंड के सिथौली ‘ए’ केबिन पर क्रॉसओवर और कॉमन लूप लाइनों की गति सीमा 15 किलोमीटर प्रति घंटा से बढ़ाकर 30 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी गई है। इससे ट्रेनों की क्रॉसिंग में लगने वाला समय कम होगा और परिचालन की दक्षता में उल्लेखनीय सुधार आएगा।

यात्रियों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं

समपार फाटकों में वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी–मानिकपुर रेलखंड का समपार फाटक संख्या 476, महोबा–खजुराहो रेलखंड का समपार फाटक संख्या 2 तथा वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी–ग्वालियर रेलखंड का समपार फाटक संख्या 409 शामिल हैं। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक इन फाटकों के बंद होने से अनधिकृत रूप से रेलवे ट्रैक पार करने की घटनाओं में कमी आएगी और रेल व सड़क यातायात दोनों की सुरक्षा मजबूत होगी।

मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार ने कहा कि झांसी रेल मंडल यात्रियों को सुरक्षित, तेज और विश्वसनीय रेल सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार अधोसंरचना विकास, तकनीकी उन्नयन और सुरक्षा सुधारों पर कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीक के उपयोग और बेहतर परिचालन व्यवस्था के माध्यम से रेलवे नेटवर्क को अधिक सक्षम बनाया जा रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में भी रेल नेटवर्क के आधुनिकीकरण, ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए ऐसे विकास कार्य लगातार जारी रहेंगे। रेलवे का उद्देश्य सुरक्षित, तेज और विश्वसनीय रेल सेवाओं के माध्यम से यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान करना है। 

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