नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का खुलासा: युवती से हजारों रुपये ऐंठने वाले गिरोह के छह आरोपी गिरफ्तार

खबर सार :-

झांसी के प्रेमनगर थाना क्षेत्र में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले कथित गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया। मध्य प्रदेश की युवती से हजारों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में छह आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी।
नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा, 6 अरेस्ट

खबर विस्तार : -

झांसी: उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवक-युवतियों से ठगी करने वाले एक कथित गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। प्रेमनगर थाना पुलिस ने मध्य प्रदेश की एक युवती की शिकायत पर धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक धमकी सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से फर्जी दस्तावेज, मोबाइल फोन और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की है। मामले में अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

कई फर्जी दस्तावेज बरामद

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि बेरोजगार अभ्यर्थियों को आकर्षक वेतन वाली नौकरी का झांसा देकर उनसे आधार कार्ड और अन्य आवश्यक दस्तावेज लिए जाते थे। इसके बाद फर्जी कागजात तैयार कर उनसे विभिन्न मदों के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती थी। वसूली गई राशि कथित रूप से कंपनी के मुख्य कार्यालय, नजफगढ़ (नई दिल्ली) स्थित बैंक खातों में जमा कराई जाती थी।

पुलिस ने कार्रवाई के दौरान पांच मोबाइल फोन, दो फर्जी आधार कार्ड, 12 ई-स्टाम्प एवं शपथ पत्र तथा कई इनवॉइस और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। बरामद सामग्री की जांच की जा रही है ताकि गिरोह के नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके।

युवती ने दर्ज कराया था केस

मामले की शिकायत मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले की रहने वाली एक युवती ने दर्ज कराई थी। पीड़िता के अनुसार, उसे 17 से 18 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन वाली निजी नौकरी का लालच देकर झांसी के हंसारी स्थित एक कार्यालय बुलाया गया। वहां नौकरी दिलाने के नाम पर सबसे पहले 3,100 रुपये जमा कराए गए। इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों में ऑनलाइन 8,000 रुपये और 25,500 रुपये भी जमा कराए गए। रकम लेने के बावजूद न तो उसे नौकरी दी गई और न ही उसके पैसे वापस किए गए।

पीड़िता ने आरोप लगाया कि स्काईमैक्स नामक कंपनी के संचालक बेरोजगार युवक-युवतियों को रोजगार और स्किल डेवलपमेंट का झांसा देकर उनसे बड़ी रकम वसूलते थे। अभ्यर्थियों के आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज लेकर उनसे हस्ताक्षर कराए जाते थे। आरोप है कि कुछ मामलों में नाबालिग अभ्यर्थियों की जन्मतिथि बदलकर फर्जी दस्तावेज भी तैयार किए जाते थे ताकि उन्हें नौकरी के योग्य दिखाया जा सके।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि जब पीड़िता ने अपने पैसे वापस मांगे और विरोध किया तो उसके साथ गाली-गलौज की गई तथा जान से मारने की धमकी दी गई। इसके बाद उसने प्रेमनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

बेरोजगार युवाओं को बनाते थे निशाना

स्थानीय लोगों का दावा है कि हंसारी स्थित यह कार्यालय कई वर्षों से नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं को निशाना बना रहा था। क्षेत्रीय लोगों के अनुसार, यहां झांसी के बजाय दूसरे जिलों और राज्यों से आए युवक-युवतियों को प्राथमिकता दी जाती थी, जिससे शिकायत होने की स्थिति में कार्रवाई प्रभावित हो सके। कुछ युवाओं ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर बताया कि ज्वाइनिंग के बाद उनसे कार्यालय में मजदूरी जैसा कार्य कराया जाता था। ड्रेस, प्रशिक्षण और अन्य सामग्री के नाम पर भी अतिरिक्त पैसे लिए जाते थे। क्षेत्रीय लोगों का यह भी आरोप है कि यहां रहने वाले कुछ युवाओं के उत्पीड़न की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं।

स्थानीय नागरिकों के अनुसार, इस कार्यालय पर पहले भी शिकायतों के आधार पर पुलिस ने छापेमारी की थी, लेकिन पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने और कुछ शिकायतकर्ताओं द्वारा शिकायत वापस लेने के कारण उस समय कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी थी। हालांकि इस बार पीड़िता की शिकायत और प्रारंभिक जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छह लोगों को गिरफ्तार किया है।

फरार आरोपियों की तलाश जारी

प्रेमनगर पुलिस ने पन्ना निवासी अंकित अवस्थी, रोशनी अवस्थी, चित्रकूट के राजापुर निवासी राहुल तिवारी, चंदेरी निवासी रंजीत, ललितपुर के जाखोरा निवासी करतार तथा लक्ष्मी कुशवाहा उर्फ डोली निवासी जखौरा, ललितपुर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। फरार आरोपियों की तलाश के लिए टीमों का गठन किया गया है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि नौकरी के नाम पर किसी भी संस्था या कंपनी को रकम जमा करने से पहले उसकी वैधता और विश्वसनीयता की पूरी जांच अवश्य करें।

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