Himachal Rain: हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी, प्रशासन अलर्ट, 4 जिलों में स्कूल-काॅलेज बंद
खबर सार :-
Himachal Rain: मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश में 20 व 21 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी दी है। इसे लेकर प्रशासन व राहत व बचाव टीमें अलर्ट मोड पर हैं। मंडी, कांगड़ा, सिरमौर और चंबा जिलों में सभी स्कूलों व काॅलेजों में अवकाश घोषित कर दिया गया है।
खबर विस्तार : -
शिमला: हिमाचल प्रदेश में अगले दो दिनों के लिए मौसम को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज (20 जुलाई) और कल (21 जुलाई) कई जिलों में बहुत भारी बारिश के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया है।
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए जिला प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में एहतियाती कदम उठाए हैं। मंडी, कांगड़ा और सिरमौर जिलों में आज और कल सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों, कॉलेजों, टेक्निकल इंस्टिट्यूट और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। चंबा जिले में आज शिक्षण संस्थानों में छुट्टी घोषित कर दी गई है।
इन जिलों में रेड अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, आज चंबा, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों के लिए बहुत भारी बारिश का 'रेड अलर्ट' लागू है। कल, यानी 21 जुलाई के लिए चंबा, कांगड़ा, मंडी, सिरमौर और कुल्लू जिलों के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया गया है। बाकी जिलों के लिए 'ऑरेंज' और 'येलो' अलर्ट लागू रहेंगे। विभाग ने 22 जुलाई को कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया है। 23 और 24 जुलाई को कुछ जगहों पर भारी बारिश की संभावना है। 25 जुलाई को राज्य के कुछ इलाकों में भी भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान पूरे राज्य में मौसम खराब रहने की उम्मीद है।
पिछले 24 घंटे में हुई हल्की बारिश
अलर्ट के बावजूद, पिछले 24 घंटों में राज्य में केवल हल्की बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, दर्ज की गई बारिश में ब्राह्मणी (बिलासपुर जिला) में 29.2 मिमी, मनाली (कुल्लू) में 29.0 मिमी, रायपुर मैदान (ऊना) में 12.8 मिमी, धर्मशाला (कांगड़ा) में 12.5 मिमी, ऊना में 12.2 मिमी, पालमपुर (कांगड़ा) में 11.0 मिमी, सराहन (शिमला) में 10.7 मिमी और RL BBMB इलाके (बिलासपुर) में 8.6 मिमी बारिश शामिल है। सोमवार सुबह भी राज्य में ज्यादातर बादल छाए रहे और कुछ जगहों पर हल्की बारिश हुई, हालांकि बड़े पैमाने पर भारी बारिश की कोई खबर नहीं मिली।
संवेदनशील इलाकों पर नजर
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन भी सतर्कता बरत रहा है। 'रेड अलर्ट' वाले जिलों में, बादल फटने, अचानक बाढ़ आने, जमीन खिसकने और सड़कें बंद होने जैसी संभावित स्थितियों से निपटने के लिए राहत और बचाव टीमों के साथ-साथ पुलिस, लोक निर्माण विभाग, बिजली बोर्ड और अन्य संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। संवेदनशील इलाकों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
भूस्खलन, जलभराव व बाढ़ की चेतावनी
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश से जमीन खिसकने, मलबे के बहाव, निचले इलाकों में जलभराव, नदियों और नालों में पानी का स्तर अचानक बढ़ने और अचानक बाढ़ आने का खतरा बढ़ सकता है। बागवानी, खड़ी फसलों और कमजोर ढांचों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है। फिसलन भरी सड़कों पर ट्रैफिक बाधित हो सकता है और कम दृश्यता के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।
अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील
मौसम विभाग और संबंधित जिला प्रशासनों ने लोगों से नदियों, नालों और घाटियों के पास न जाने, जमीन खिसकने की आशंका वाले इलाकों से दूर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। लोगों को ट्रेकिंग और अन्य बाहरी गतिविधियों से बचने और प्रशासन द्वारा जारी मौसम की ताजा जानकारी और चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह भी दी गई है।
सतलुज नदी से दूर रहने की सलाह
इस बीच, करछम-वांगतू हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के प्रबंधन ने एक सार्वजनिक एडवाइजरी जारी की है। प्रोजेक्ट अधिकारियों के अनुसार, करछम बांध में पानी का बहाव लगातार बढ़ रहा है और जरूरत पड़ने पर किसी भी समय बांध से पानी छोड़ा जा सकता है। लोगों से सतलुज नदी के किनारों के पास न जाने और नदी से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की गई है।
ये भी पढ़ेंः- Uttarakhand Rain: भारी बारिश से बढ़ा भूस्खलन का खतरा, प्रशासन...
शिमला: हिमाचल प्रदेश में अगले दो दिनों के लिए मौसम को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज (20 जुलाई) और कल (21 जुलाई) कई जिलों में बहुत भारी बारिश के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया है।
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए जिला प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में एहतियाती कदम उठाए हैं। मंडी, कांगड़ा और सिरमौर जिलों में आज और कल सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों, कॉलेजों, टेक्निकल इंस्टिट्यूट और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। चंबा जिले में आज शिक्षण संस्थानों में छुट्टी घोषित कर दी गई है।
इन जिलों में रेड अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, आज चंबा, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों के लिए बहुत भारी बारिश का 'रेड अलर्ट' लागू है। कल, यानी 21 जुलाई के लिए चंबा, कांगड़ा, मंडी, सिरमौर और कुल्लू जिलों के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया गया है। बाकी जिलों के लिए 'ऑरेंज' और 'येलो' अलर्ट लागू रहेंगे। विभाग ने 22 जुलाई को कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया है। 23 और 24 जुलाई को कुछ जगहों पर भारी बारिश की संभावना है। 25 जुलाई को राज्य के कुछ इलाकों में भी भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान पूरे राज्य में मौसम खराब रहने की उम्मीद है।
पिछले 24 घंटे में हुई हल्की बारिश
अलर्ट के बावजूद, पिछले 24 घंटों में राज्य में केवल हल्की बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, दर्ज की गई बारिश में ब्राह्मणी (बिलासपुर जिला) में 29.2 मिमी, मनाली (कुल्लू) में 29.0 मिमी, रायपुर मैदान (ऊना) में 12.8 मिमी, धर्मशाला (कांगड़ा) में 12.5 मिमी, ऊना में 12.2 मिमी, पालमपुर (कांगड़ा) में 11.0 मिमी, सराहन (शिमला) में 10.7 मिमी और RL BBMB इलाके (बिलासपुर) में 8.6 मिमी बारिश शामिल है। सोमवार सुबह भी राज्य में ज्यादातर बादल छाए रहे और कुछ जगहों पर हल्की बारिश हुई, हालांकि बड़े पैमाने पर भारी बारिश की कोई खबर नहीं मिली।
संवेदनशील इलाकों पर नजर
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन भी सतर्कता बरत रहा है। 'रेड अलर्ट' वाले जिलों में, बादल फटने, अचानक बाढ़ आने, जमीन खिसकने और सड़कें बंद होने जैसी संभावित स्थितियों से निपटने के लिए राहत और बचाव टीमों के साथ-साथ पुलिस, लोक निर्माण विभाग, बिजली बोर्ड और अन्य संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। संवेदनशील इलाकों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
भूस्खलन, जलभराव व बाढ़ की चेतावनी
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश से जमीन खिसकने, मलबे के बहाव, निचले इलाकों में जलभराव, नदियों और नालों में पानी का स्तर अचानक बढ़ने और अचानक बाढ़ आने का खतरा बढ़ सकता है। बागवानी, खड़ी फसलों और कमजोर ढांचों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है। फिसलन भरी सड़कों पर ट्रैफिक बाधित हो सकता है और कम दृश्यता के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।
अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील
मौसम विभाग और संबंधित जिला प्रशासनों ने लोगों से नदियों, नालों और घाटियों के पास न जाने, जमीन खिसकने की आशंका वाले इलाकों से दूर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। लोगों को ट्रेकिंग और अन्य बाहरी गतिविधियों से बचने और प्रशासन द्वारा जारी मौसम की ताजा जानकारी और चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह भी दी गई है।
सतलुज नदी से दूर रहने की सलाह
इस बीच, करछम-वांगतू हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के प्रबंधन ने एक सार्वजनिक एडवाइजरी जारी की है। प्रोजेक्ट अधिकारियों के अनुसार, करछम बांध में पानी का बहाव लगातार बढ़ रहा है और जरूरत पड़ने पर किसी भी समय बांध से पानी छोड़ा जा सकता है। लोगों से सतलुज नदी के किनारों के पास न जाने और नदी से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की गई है।
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