Gonda Goods Train Derails: यूपी के गोंडा में 42 डिब्बों वाली मालगाड़ी हुई डिरेल, मचा हड़कंप

खबर सार :-

Gonda Goods Train Derails: गोंडा रेलवे जंक्शन के यार्ड में मंगलवार देर रात मालगाड़ी के दो डिब्बे पटरी से उतर गए। इस घटना से रेलवे विभाग में हड़कंप मच गया। घटना स्थल पर तुरंत एक एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन पहुंची और घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद दोनों डिब्बों को वापस पटरी पर लाने की कोशिश की गई। इस मामले की उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
Gonda Goods Train Derails: यूपी के गोंडा में 42 डिब्बों वाली मालगाड़ी हुई डिरेल, मचा हड़कंप

खबर विस्तार : -

Gonda Goods Train Derails: उत्तर प्रदेश के गोंडा में बुधवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक मालगाड़ी के दो डिब्बे अचानक पटरी से उतर गए। घटना की खबर मिलते ही डिविजनल रेलवे मैनेजर (DRM) समेत रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। कड़ी मशक्कत के बाद दोनों डिब्बों को वापस पटरी पर लाने के बाद ही मालगाड़ी को रवाना किया गया। इस दौरान काफी देर तक ट्रेनों का संचालन बाधित रहा। हालांकि, किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। घटना के दौरान आरपीएफ और जीआरपी के जवान पूरी तरह सतर्क रहे।

मालगाड़ी के दो डिब्बे पटरी से उतरे

यह घटना गोंडा रेलवे जंक्शन के यार्ड में तब हुई, जब रेलवे लाइन नंबर सात से आ रही एक मालगाड़ी के दो डिब्बे अचानक पटरी से उतर गए। 42 डिब्बों वाली मालगाड़ी के 29 और 30 नम्बर डिब्बे डीरेल होने से रेल प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। सूचना के बाद रेलवे कर्मचारियों और अधिकारियों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। डिब्बों को वापस पटरी पर लाने के लिए एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन (ART) और रेलवे की टीम को एक घंटे से अधिक समय तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। डिब्बों को सफलतापूर्वक वापस पटरी पर लाने के बाद ही मालगाड़ी को आगे बढ़ने की अनुमति दी गई। गनीमत रही कि दूसरी तरफ से कोई ट्रेन नहीं आ रही थी; वरना कोई बड़ा हादसा हो सकता था।

ट्रेनों का संचालन रहा बाधित

हादसे के कारण 'डाउन' रेलवे लाइन एक घंटे से अधिक समय तक बंद रही, जिससे ग्वालियर मेल और गोरखनाथ एक्सप्रेस जैसी कई महत्वपूर्ण ट्रेनों को रास्ते में ही रोकना पड़ा। सीनियर स्टेशन सुपरिटेंडेंट आर.एस. मीणा ने बताया कि पटरी से उतरे डिब्बों को वापस पटरी पर लाने और रेल यातायात को जल्द से जल्द सामान्य करने के लिए युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू किए गए।

घटना के बारे में रेलवे अधिकारियों ने क्या कहा

हादसे को लेकर रेलवे के एक अधिकारी ने कहा, "यह मालगाड़ी बठिंडा से आई थी और NF रेलवे जोन की ओर जा रही थी। इसके दो डिब्बों की तीन बोगियां पटरी से उतर गईं। यहां हाल ही में री-डेवलपमेंट का काम हुआ था और हाल ही में बारिश भी हुई है। घटना के कारणों की जांच की जाएगी। सभी डिब्बों को हटाया जा रहा है और मरम्मत पूरी होने के बाद ट्रैक की फिटनेस को प्रमाणित किया जाएगा।"

इससे पहले झारखंड में पटरी पर उतरी थी मालगाड़ी

गौरतलब है कि 19 जुलाई को झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में टाटा-हावड़ा स्टील एक्सप्रेस के साथ एक बड़ा हादसा टल गया। जब ट्रेन गालूडीह पुलिस स्टेशन इलाके में सुवर्णरेखा नदी पर बने रेलवे पुल के पास से गुजर रही थी, तो एक ओवरहेड इलेक्ट्रिक (OHE) तार टूटकर एक कोच की छत पर गिर गया, जिससे ट्रेन को पुल के बीचों-बीच रोकना पड़ा।

रेलवे सूत्रों के अनुसार, यह घटना 19 जुलाई को सुबह करीब 7:00 बजे चंद्रखा गांव के पास हुई। जब टाटा-नगर से हावड़ा जा रही स्टील एक्सप्रेस वहां से गुजर रही थी, तो अचानक OHE तार टूट गया, जिससे बिजली की सप्लाई बंद हो गई और ट्रेन तुरंत रुक गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घटना से पहले उन्हें तेज चटकने की आवाज सुनाई दी और चिंगारियां भी दिखीं। कुछ ही देर बाद, हाई-टेंशन OHE तार ट्रेन की छत पर गिर गया, जिससे यात्रियों में कुछ देर के लिए अफरातफरी मच गई। हालांकि, रेलवे की तत्परता के कारण कोई हताहत नहीं हुआ और एक बड़ा हादसा टल गया।

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