Eid-ul-Fitr 2026: देशभर में ईद-उल-फितर का त्योहार बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। देश में शुक्रवार को चांद दिखा था, जिसके बाद शनिवा को ईद का जश्न मनाया जा रहा है। ये त्योहार रमजान के पूरे महीने के रोजे पूरे होने के बाद मनाया जाता है। सुबह से ही, मुस्लिम समुदाय के लोग देश भर की मस्जिदों में उमड़ पड़े हैं। लोग एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की बधाई दे रहे हैं। वहीं यूपी के संभल जिले में शिया समुदाय के सदस्यों ने अपनी ईद की नमाज काली पट्टी बांधकर अदा की। लेकिन उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और संभल सहित पूरे प्रदेश में इस बार ईद का माहौल सामान्य उत्साह के बजाय सादगी और ग़म में डूबा नजर आया।
दरअसल ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह सैय्यद अली खामनेई की कथित शहादत की खबरों के बाद मुस्लिम समुदाय शोक में डूबा हुआ है। इसका असर संभल की ईदगाहों और मस्जिदों में भी साफ दिखाई दिया। शहर की प्रमुख मस्जिदों, खासकर आसिफी मस्जिद समेत अन्य इबादतगाहों में नमाज अदा करने पहुंचे लोगों ने काली पट्टी बांधकर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खमेनेई की मौत के बाद अपना दुख और विरोध जताने के लिए ये बैंड पहने थे।
सिरसी इलाके में नमाज के दौरान और उसके बाद कुछ लोगों ने नारे लगाए, जिनमें "अमेरिका मुर्दाबाद" जैसे नारे भी शामिल थे। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद रहे और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थिति पर नजर रखी। हालांकि, समुदाय के कुछ सदस्यों और पुलिस के बीच थोड़ी देर के लिए मामूली कहा-सुनी हुई, लेकिन स्थिति को जल्द ही काबू में कर लिया गया।
शिया समुदाय के सदस्यों ने कहा कि काले बैंड पहनना उनके शोक और एकजुटता का प्रतीक था। उन्होंने यह कदम अपने भावनात्मक नुकसान को व्यक्त करने और अपनी धार्मिक परंपराओं को बनाए रखने के लिए उठाया। नमाज के बाद एक जुलूस भी निकाला गया, जिसमें शामिल लोगों ने खामेनेई के प्रति अपनी श्रद्धा और उनकी मौत को लेकर अपना विरोध, दोनों ही बातें व्यक्त कीं। खामेनेई की मौत की खबर पर पूरे भारत में मुस्लिम संगठनों की ओर से व्यापक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। देश के विभिन्न हिस्सों में शिया समुदाय ने ईद के मौके का इस्तेमाल अपने दुख और असहमति को ज़ाहिर करने के लिए किया।
बता दें कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत अमेरिका और इज़रायल द्वारा किए गए एक संयुक्त सैन्य हमले हुई थी। इस खबर ने भारत में मुस्लिम संगठनों के बीच भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। कश्मीर में, जहां शिया आबादी अधिक है, लाल चौक, सईदा कदल, बुडगाम, बंदीपोरा, अनंतनाग और पुलवामा जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी व इजरायल विरोधी नारे लगाए।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में विभिन्न समूह मस्जिदों के आसपास इकट्ठा हुए और नारे लगाए; महिलाओं को खामेनेई की तस्वीरें थामे हुए देखा गया, जिनमें से कई स्पष्ट रूप से दुखी नज़र आ रही थीं और रोती हुई देखी गईं। पंजाब के लुधियाना में भी विरोध प्रदर्शन हुए। अजमेर में शिया समुदाय ने तीन दिन के शोक की घोषणा की। इस बीच, कर्नाटक के चिक्काबल्लापुर ज़िले में स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही। यह वह जगह है जहां खामेनेई एक बार आए थे।
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