डूटा ने उपराज्यपाल को सौंपी याचिका, 12 अनुदानित कॉलेजों के शिक्षकों की समस्याओं के समाधान की मांग

खबर सार :-

डूटा अध्यक्ष प्रोफेसर वीरेंद्र सिंह नेगी ने 12 अनुदानित कॉलेजों के शिक्षकों की नियुक्ति और सेवा संबंधी समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर उपराज्यपाल को याचिका सौंपी।
डूटा ने की 12 कॉलेजों के शिक्षकों की स्थायी नियुक्ति की मांग

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) ने दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध दिल्ली सरकार द्वारा 100 प्रतिशत अनुदानित 12 महाविद्यालयों के शिक्षकों से जुड़े लंबित मुद्दों के समाधान की मांग को लेकर उपराज्यपाल को एक याचिका सौंपी है। डूटा अध्यक्ष प्रोफेसर वीरेंद्र सिंह नेगी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षकों की नियुक्ति, सेवा शर्तों और अन्य लंबित समस्याओं पर शीघ्र एवं प्रभावी कार्रवाई का अनुरोध किया।

डूटा की ओर से दी गई याचिका में विशेष रूप से इन महाविद्यालयों में वर्षों से कार्यरत तदर्थ और अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति तथा उनकी सेवा संबंधी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया है। शिक्षक संघ ने उपराज्यपाल से अनुरोध किया कि शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक हस्तक्षेप किया जाए, ताकि लंबे समय से अपनी सेवाएं दे रहे शिक्षकों को नियुक्ति प्रक्रिया में न्यायसंगत अवसर मिल सके।

डूटा का कहना है कि इन कॉलेजों में कार्यरत शिक्षकों की समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं। संघ ने शिक्षकों के अधिकारों, सेवा हितों और भविष्य की सुरक्षा के लिए स्थायी एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य वातावरण सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

स्थायी नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने की मांग

डूटा अध्यक्ष प्रोफेसर वीरेंद्र सिंह नेगी ने इन मुद्दों को लेकर ऑनलाइन हस्ताक्षर अभियान भी शुरू किया है। अभियान का उद्देश्य दिल्ली सरकार द्वारा 100 प्रतिशत अनुदानित 12 कॉलेजों में स्थायी नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू करवाने की दिशा में दबाव बनाना और शिक्षकों की मांग को मजबूती से सामने रखना है।

डूटा के अनुसार, सरकार में परिवर्तन के बाद शिक्षकों को उम्मीद थी कि लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान होगा। हालांकि, संगठन का कहना है कि अपेक्षित स्तर पर बदलाव अभी तक दिखाई नहीं दिया है। शिक्षक संघ लगातार शिक्षकों की सेवा शर्तों, नियुक्ति और भविष्य की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को सरकार के समक्ष उठा रहा है।

सरकार के साथ संवाद का भी दावा

डूटा ने कहा कि इन समस्याओं को लेकर समय-समय पर सरकार के साथ संवाद और वार्ता की गई है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को भी शिक्षकों की समस्याओं से अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद संगठन के मुताबिक, अभी तक ठोस और प्रभावी पहल नहीं हो पाई है। डूटा का कहना है कि शिक्षकों के हितों की रक्षा और उनकी लंबित मांगों के समाधान के लिए संगठन लगातार प्रयासरत है। संघ का लक्ष्य शिक्षकों को बेहतर कार्य परिस्थितियां, सुरक्षित भविष्य और विकास एवं उन्नति के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना है।

प्रतिनिधिमंडल में कई पदाधिकारी शामिल

उपराज्यपाल को याचिका सौंपने के दौरान डूटा अध्यक्ष प्रोफेसर वीरेंद्र सिंह नेगी के अलावा पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर अजय कुमार भाभी, उपाध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष और अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। डूटा ने उम्मीद जताई कि उपराज्यपाल स्तर पर हस्तक्षेप के बाद 12 अनुदानित कॉलेजों में कार्यरत शिक्षकों की नियुक्ति और सेवा संबंधी लंबित मामलों के समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।

शिक्षक संघ ने स्पष्ट किया कि स्थायी नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू होना न केवल शिक्षकों के हित में होगा, बल्कि इन महाविद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था को अधिक स्थिर और मजबूत बनाने में भी मदद करेगा।

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