चाकसू में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, AICC सचिव चिरंजीव राव ने पंचायत-निकाय चुनावों को लेकर भरी हुंकार

खबर सार :-

चाकसू के जगन्नाथ यूनिवर्सिटी परिसर में कांग्रेस का बड़ा सम्मेलन आयोजित हुआ। AICC सचिव चिरंजीव राव ने पंचायत एवं निकाय चुनावों को लेकर संगठन को मजबूत बनाने, बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और भाजपा सरकार पर निशाना साधा।
चाकसू में कांग्रेस सम्मेलन, चिरंजीव राव ने संगठन विस्तार और चुनावी रणनीति पर दिया जोर

खबर विस्तार : -

चाकसू: आगामी पंचायत एवं निकाय चुनावों की तैयारियों के बीच कांग्रेस ने चाकसू विधानसभा क्षेत्र में बड़ा संगठनात्मक शक्ति प्रदर्शन करते हुए चुनावी अभियान का आगाज कर दिया। राष्ट्रीय राजमार्ग-52 स्थित जगन्नाथ यूनिवर्सिटी परिसर में आयोजित कांग्रेस सम्मेलन में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के सचिव एवं राजस्थान सह प्रभारी चिरंजीव राव ने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर संगठन विस्तार, बूथ प्रबंधन और चुनावी रणनीति पर विस्तृत चर्चा की।

सम्मेलन में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। बैठक के दौरान बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत बनाने, नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने और जनसंपर्क अभियान तेज करने पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यकर्ताओं को किया सक्रिय

सम्मेलन को संबोधित करते हुए चिरंजीव राव ने कहा कि पंचायत और निकाय चुनाव किसी भी राजनीतिक दल के संगठन की असली परीक्षा होते हैं। यदि बूथ स्तर पर संगठन मजबूत होगा तो पार्टी हर चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करेगी।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव और घर-घर जाकर कांग्रेस की नीतियों, जनहित के मुद्दों और पार्टी की विचारधारा को आम जनता तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हर कार्यकर्ता संगठन की सबसे बड़ी ताकत है और कांग्रेस की सफलता कार्यकर्ताओं की मेहनत, समर्पण और एकजुटता पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि आगामी चुनावों को देखते हुए सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को अभी से पूरी सक्रियता के साथ मैदान में उतरना होगा।

भाजपा सरकार पर साधा निशाना

सम्मेलन के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में चिरंजीव राव ने भाजपा सरकार पर कई मुद्दों को लेकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश और देश की जनता महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं और अन्य जनहित के मुद्दों से परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जनता से किए गए कई वादों को पूरा करने में असफल रही है। उनके अनुसार कांग्रेस लगातार जनता के मुद्दों को लेकर संघर्ष कर रही है और लोगों के बीच जाकर उनकी आवाज उठाने का काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता बदलाव चाहती है और इसका असर आगामी पंचायत एवं निकाय चुनावों में देखने को मिलेगा।

संगठन की मजबूती पर दिया जोर

अपने संबोधन में चिरंजीव राव ने कहा कि कांग्रेस की सबसे बड़ी ताकत उसका संगठन और कार्यकर्ता हैं। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होकर पार्टी को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा किसानों, युवाओं, महिलाओं, गरीबों और आमजन के हितों की आवाज उठाती रही है। इसी विचारधारा को लेकर कार्यकर्ताओं को जनता के बीच जाना होगा और कांग्रेस के पक्ष में सकारात्मक माहौल तैयार करना होगा।

जनसंपर्क अभियान पर हुई चर्चा

सम्मेलन के दौरान संगठन विस्तार को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। नेताओं ने नए कार्यकर्ताओं को पार्टी से जोड़ने, बूथ समितियों के गठन, सक्रिय सदस्यता अभियान चलाने और जनसंपर्क कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। बैठक में यह भी तय किया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में कांग्रेस की पकड़ मजबूत करने के लिए नियमित कार्यकर्ता सम्मेलन, जनसंवाद कार्यक्रम और संगठनात्मक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। विभिन्न मोर्चों और प्रकोष्ठों की सक्रियता बढ़ाने पर भी विचार-विमर्श किया गया।

कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद

इस सम्मेलन में प्रदेश और जिला स्तर के कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता मौजूद रहे। इनमें पीसीसी महासचिव सीआर चौधरी, जिला कांग्रेस अध्यक्ष गोपाल मीणा, पूर्व विधायक वेदप्रकाश सोलंकी, पीसीसी सचिव कविता गुर्जर, पीसीसी सदस्य हरिनारायण चौधरी, सीताराम खींची, जयनारायण अमावता, शिवप्रताप हरसाना सहित ब्लॉक कांग्रेस और नगर कांग्रेस के पदाधिकारी शामिल रहे। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने सम्मेलन को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बना दिया।

चुनावी तैयारियों का दिया संदेश

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, पंचायत एवं निकाय चुनावों से पहले आयोजित यह सम्मेलन कांग्रेस के संगठनात्मक अभियान का अहम हिस्सा माना जा रहा है। इसके जरिए पार्टी ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह बूथ स्तर से लेकर जिला स्तर तक संगठन को मजबूत कर चुनावी तैयारियों में पूरी ताकत के साथ जुट चुकी है। कांग्रेस अब विभिन्न क्षेत्रों में कार्यकर्ता सम्मेलन, संगठनात्मक बैठकें और जनसंपर्क अभियान चलाकर चुनावी माहौल बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। चाकसू का यह सम्मेलन इसी रणनीति की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।

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