भीलवाड़ा में जुझारजी महाराज मंदिर में तोड़फोड़ के विरोध में प्रदर्शन, आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग

खबर सार :-

भीलवाड़ा के प्रतापनगर स्थित जुझारजी महाराज मंदिर में कथित तोड़फोड़ और मूर्ति खंडित किए जाने के विरोध में तेली समाज सहित विभिन्न संगठनों ने रैली निकालकर कार्रवाई की मांग की।
भीलवाड़ा में मंदिर में तोड़फोड़ के विरोध में प्रदर्शन

खबर विस्तार : -

भीलवाड़ा: प्रतापनगर स्कूल परिसर स्थित प्राचीन जुझारजी महाराज मंदिर में कथित रूप से बार-बार तोड़फोड़ और मूर्ति खंडित किए जाने की घटनाओं के विरोध में सोमवार को तेली समाज सहित विभिन्न हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुखर्जी उद्यान से रैली निकाली और कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला कलक्टर एवं जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से दोनों घटनाओं की गंभीरता से जांच कर आरोपियों की पहचान, शीघ्र गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि मंदिर में पहली घटना 17 मई 2026 को हुई थी। उनके अनुसार, असामाजिक तत्वों ने मंदिर परिसर में तोड़फोड़ करने के साथ जुझारजी महाराज की मूर्ति को खंडित कर दिया था। इस मामले को लेकर 18 मई को प्रतापनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि घटना के काफी समय बाद भी आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी नहीं हो सकी।

दूसरी घटना के बाद बढ़ा आक्रोश

प्रदर्शनकारियों के अनुसार, पहली घटना में प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण दोबारा ऐसी घटना सामने आई। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि 26 सितंबर को मंदिर में फिर से तोड़फोड़ की गई और मूर्ति को खंडित किया गया। लगातार दूसरी घटना सामने आने के बाद तेली समाज और स्थानीय श्रद्धालुओं में आक्रोश बढ़ गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जुझारजी महाराज मंदिर लंबे समय से स्थानीय लोगों की धार्मिक आस्था का केंद्र रहा है। तेली समाज सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां नियमित रूप से पूजा-अर्चना करते हैं। मंदिर में लगातार दो घटनाओं से लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।

प्रशासन से निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग

कलेक्ट्रेट पहुंची रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग उठाई। उन्होंने प्रशासन से मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की। साथ ही दोनों घटनाओं की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की गई। ज्ञापन में कहा गया कि धार्मिक स्थल से जुड़ा मामला होने के कारण पुलिस और प्रशासन को घटनाओं को गंभीरता से लेना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने मंदिर में हुई दोनों घटनाओं की परिस्थितियों की जांच कर दोषियों तक पहुंचने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

उन्होंने भविष्य में मंदिर परिसर में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की भी मांग रखी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मामले में जल्द ठोस कार्रवाई होने से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में विश्वास कायम होगा।

कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई तो तेली समाज एवं विभिन्न हिंदू संगठनों की ओर से आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर आक्रोश रैली, धरना-प्रदर्शन सहित अन्य लोकतांत्रिक माध्यमों से विरोध दर्ज कराया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और उनकी निगरानी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि मंदिर की सुरक्षा को लेकर आवश्यक कदम उठाए जाएं और घटनाओं की जांच में तेजी लाई जाए। उनका कहना था कि धार्मिक स्थल से जुड़े मामले में कार्रवाई में देरी से लोगों में असंतोष बढ़ सकता है।

विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी रहे मौजूद

कलेक्ट्रेट में ज्ञापन देने वालों में राजस्थान प्रांतीय तैलिक साहू महासभा, तेली समाज, विश्व हिंदू परिषद सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल रहे। वार्ड 19 के पार्षद शिवराज गुर्जर और वार्ड 13 के पार्षद हिमांशु शर्मा भी प्रदर्शन में मौजूद रहे। विश्व हिंदू परिषद के विभाग मंत्री विजय ओझा, प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य ओमप्रकाश बूलिया, महानगर मंत्री ओमप्रकाश लड़ा, महानगर शहर मंत्री सुशील सुवालका और महानगर धर्म प्रसार प्रमुख नीलेश सोनी सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी भी रैली में शामिल हुए।

तेली समाज की ओर से एडवोकेट कुशल साहू, मुकेश कुमार आसरवा, रमेश चंद्र, भगवती लाल, जगदीश चंद्र तेली, जगदीश चंद्र गुटकणिया, रतनलाल, भेरूलाल गुटकणिया, श्यामलाल दिया, गोविंद कुमार, किशन डगवाल, राजूलाल, सांवरमल और सुनील कुमार सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को सौंपे ज्ञापन में दोनों घटनाओं की जल्द जांच, आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के साथ मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थल की सुरक्षा और श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले में प्रशासन को त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए।

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