Asian Games 2026: 'टोक्यो में गोल्ड तो पेरिस में सिल्वर', मनीष नरवाल ने पैरालंपिक गेम्स में तिरंगे की बढ़ाई है शान

खबर सार :-

पैरा निशानेबाजी में मनीष नरवाल भारत के लिए बेहद करिश्माई प्लेयर रहे हैं। इस युवा पैरा-पिस्टल शूटर ने पैरालंपिक में देश के लिए गोल्ड जीता है।
पैरा निशानेबाजी में भारत के लिए करिश्माई प्लेयर हैं मनीष नरवाल

खबर विस्तार : -

Asian Games 2026: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित प्रतियोगिताओं में निशानेबाजी में भारतीय एथलीटों ने हमेशा भारत को पदक दिलाया है। निशानेबाजी में भारतीय एथलीटों और पैरा एथलीटों ने देश का नाम रोशन किया है। एथलीटों और पैरा एथलीटों के लिए वह मंच चाहें ओलंपिक का हो, कॉमनवेल्थ गेम्स का हो या एशियन गेम्स को हो अथवा अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का हो। भारतीय निशानेबाज देश के लिए पदक जीतते आ रहे हैं। पैरा निशानेबाजी में मनीष नरवाल भारत के लिए बेहद करिश्माई प्लेयर रहे हैं। इस युवा पैरा-पिस्टल शूटर ने पैरालंपिक में देश के लिए गोल्ड जीता है। 

पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच1 कैटेगरी में हिस्सा लेते हैं मनीष 

मनीष नरवाल का जन्म 17 अक्टूबर 2001 को बल्लभगढ़, हरियाणा में हुआ था। हरियाणा को भारतीय खेलों का गढ़ माना जाता है। अलग-अलग विधाओं में खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता हासिल की है। हरियाणा के युवाओं को आदर्श ढूँढ़ने के लिए कहीं दूर नहीं देखना पड़ता। इसी माहौल का असर मनीष पर पड़ा और उन्होंने निशानेबाजी में करियर बनाने का मन बनाया। नरवाल के पिता पहलवान रहे हैं और दो भाई निशानेबाजी में थे। इसलिए शूटर के तौर पर नरवाल को करियर को आगे बढ़ाने में किसी घरेलू बाधा का सामना नहीं करना पड़ा। बतौर शूटर उनकी यात्रा की शुरुआत 15 साल की उम्र में हुई। वह पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच1 कैटेगरी में हिस्सा लेते हैं।  

टोक्यो पैरालंपिक में जीता था गोल्ड 

कोच जय प्रकाश नौटियाल की देखरेख में नरवाल ने 16 साल की उम्र में 2017 बैंकॉक वर्ल्ड कप में अपना पहला इंटरनेशनल मैच खेला। उन्होंने पी1-10 मीटर एयर पिस्टल एसएच1 इवेंट में गोल्ड जीता और क्वालीफिकेशन राउंड के साथ-साथ फाइनल में भी जूनियर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। नरवाल ने चैंपियनशिप और वर्ल्ड कप में कई और मेडल जीते। जकार्ता में 2018 एशियन पैरा-गेम्स में उन्होंने पी1-मेन्स 10 मीटर एयर पिस्टल और पी4-मिक्स्ड 50 मीटर फ्री पिस्टल इवेंट्स में एक गोल्ड और एक सिल्वर जीता, जिससे एक स्टार पैरा-शूटर के तौर पर उनकी पहचान और पक्की हो गई। नरवाल को करियर की सबसे बड़ी सफलता टोक्यो पैरालंपिक में मिली। उन्होंने पी4-मिक्स्ड 50 मीटर पिस्टल इवेंट में गोल्ड जीता था। इसके अलावा, पेरिस पैरालंपिक में उन्होंने 10 मीटर में सिल्वर मेडल जीता था। मनीष को शूटिंग में उनकी बड़ी सफलता और इस खेल को बढ़ाने में उनके योगदान को देखते हुए, उन्हें भारत सरकार द्वारा मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार और अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।

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सेमीफाइनल में चीन की यांग चेंगयु से हारीं मुक्केबाज प्रिया घंघास को ब्रॉन्ज 

भारतीय मुक्केबाज प्रिया घंघास को बुधवार को महिलाओं की 60 किग्रा कैटेगरी के सेमीफाइनल में चीन की यांग चेंगयु से 1-4 से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ ही एशियन गेम्स 2026 में उनका सफर ब्रॉन्ज मेडल के साथ समाप्त हुआ। भारतीय बॉक्सर ने क्वार्टर फाइनल में ताजिकिस्तान की मिजगोना समदोवा पर 5-0 की एकमत जीत के साथ सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की की थी और फाइनल में जगह बनाने की प्रबल दावेदार के रूप में सेमीफाइनल में प्रवेश किया था। सेमीफाइनल में प्रिया के खिलाफ यांग दबाव के समय भी शांत रहीं और कई अटैकिंग वार को असरदार तरीके से बेअसर कर दिया। यांग ने मुकाबले की शुरुआत आक्रामक तरीके से की, जिससे प्रिया को काउंटर पर निर्भर रहना पड़ा। इंडियन बॉक्सर ने जल्द ही अपनी रिदम पकड़ ली और कॉम्बिनेशन लगाना शुरू कर दिया, खासकर शुरुआती राउंड के दूसरे हाफ में। प्रिया के कुछ मौकों पर बेहतर एक्सचेंज दिखने के बावजूद, जजों ने राउंड 3-2 से यांग को दे दिया।

चीनी मुक्केबाज ने फाइनल राउंड में 4-1 से जीत की हासिल 

प्रिया दूसरे राउंड में फिर से जोरदार तरीके से उतरीं और ज्यादा आक्रामकता के साथ अंतर कम करने की कोशिश की। 2025 वर्ल्ड चैंपियनशिप की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट यांग संतुलित रहीं और इंडियन बॉक्सर के लिए क्लीन लैंडिंग करना मुश्किल बना दिया, साथ ही कई असरदार पंचों के साथ राउंड खत्म भी किया। चीनी बॉक्सर ने दूसरा राउंड 4-1 से अपने नाम कर लिया, जिससे प्रिया आखिरी तीन मिनट में काफी पीछे रह गईं। प्रिया तीसरे राउंड में आगे बढ़ीं और टेम्पो बढ़ाने की कोशिश की। लेकिन यांग ने बार-बार दूरी कम की और भारतीय मुक्केबाज के कई हमलों को झेला या रोका। प्रिया मौके ढूंढती रहीं, लेकिन यांग का डिफेंस अनुशासित रहा। चीनी मुक्केबाज ने आखिरकार फाइनल राउंड में 4-1 से जीत हासिल की और 4-1 के स्प्लिट डिसीजन से मुकाबला अपने नाम कर लिया और फाइनल मुकाबले में अपनी जगह पक्की की। प्रिया का अभियान कांस्य पदक के साथ खत्म हुआ। यांग अब फाइनल में चीनी ताइपे की लिन यू-टिंग से भिड़ेंगी। लिन पेरिस की मौजूदा ओलंपिक चैंपियन हैं, जिससे महिलाओं के 60 किग्रा गोल्ड मेडल के लिए एक हाई-प्रोफाइल मुकाबला होगा।

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