Sawan 2026: सावन के पवित्र महीने की आज से शुरुआत, पहले दिन शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब
खबर सार :-
Sawan 2026: सावन का महीना शुरू होते ही देश के प्रमुख शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी है। पूरे महीने माहौल भगवान शिव की भक्ति से सराबोर रहेगा और इस दौरान जलाभिषेक, विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजन जैसे अनुष्ठान किए जाएंगे।
खबर विस्तार : -
Sawan 2026: देवों के देव महादेव की आराधना का पवित्र माह सावन आज से शुरू हो गया है। सावन के आगमन के साथ ही देश भर के प्रमुख शिवालयों में शिव भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी है। सुबह से भक्त भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक, पूजा-अर्चना और अनुष्ठान कर रहे हैं। कई प्रमुख मंदिरों में भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं। जहां लोग पूरे उत्साह और आस्था के साथ धार्मिक समारोहों में शामिल हो रहे हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश में पवित्र सावन महीने के पहले दिन शिव भक्तों में भारी उत्साह देखा गया। अयोध्या के प्राचीन नागेश्वरनाथ मंदिर और वाराणसी के विश्व प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर में सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ देखी गई है।
सावन के पहले दिन शिवालयों में उमड़ा सैलाब
इस शुभ अवसर पर, अयोध्या और काशी सहित ऐतिहासिक शिव मंदिरों में विभिन्न राज्यों से आए भक्तों ने जलाभिषेक किया और सुख, शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की। इस दौरान मंदिर परिसर "हर-हर महादेव" और "बम-बम भोले" के जयकारों से गूंज उठा, जिससे भक्तिमय माहौल बन गया। लोगों ने अपने परिवारों की भलाई और समृद्धि तथा अपने जीवन में मंगल की कामना की। पूजा सामग्री जैसे बेलपत्र, दूध, गंगाजल, फल और फूल बेचने वाली दुकानों पर सुबह से ही चहल-पहल रही। इस साल सावन में चार सोमवार पड़ रहे हैं, इसलिए पूरे महीने शिव मंदिरों में विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और भक्तों में उत्साह बना रहेगा।

सावन में बाबा नागेश्वरनाथ के दर्शन का विशेष महत्व
भक्त अयोध्या के नागेश्वरनाथ मंदिर में उमड़ रहे हैं, क्योंकि सावन के पहले दिन बाबा नागेश्वरनाथ के दर्शन का विशेष महत्व है। इस मंदिर की महिमा न केवल देश भर में बल्कि पूरी दुनिया में विख्यात है। भक्त दूर-दूर से यहाँ *जलाभिषेक* करने और प्रार्थना व पूजा के ज़रिए भगवान का आशीर्वाद पाने आते हैं। मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ जमा है और हर कोई भोलेनाथ की एक झलक पाने के लिए उत्सुक दिख रहा है। सरयू नदी में पवित्र डुबकी लगाने के बाद, भक्त शिवलिंग पर जल चढ़ा रहे हैं और हनुमानगढ़ी मंदिर के दर्शन भी कर रहे हैं।
मंदिर आईं एक महिला भक्त ने बताया कि सावन महीने का पहला सोमवार होने के कारण भक्तों की संख्या सामान्य से कहीं ज़्यादा है। उन्होंने कहा कि वैसे तो नागेश्वरनाथ मंदिर में रोज़ाना बड़ी संख्या में भक्त आते हैं, लेकिन सावन के दौरान यहाँ एक खास उत्साह देखने को मिलता है। उन्होंने आगे कहा कि वह नियमित रूप से मंदिर आती हैं और भगवान शिव की पूजा करके उन्हें मानसिक शांति मिलती है।
काशी विश्वनाथ में उमड़ी भीड़
सावन के पहले दिन वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में भी बड़ी संख्या में भक्त पहुँचे। भक्तों ने बताया कि उन्हें सिर्फ़ एक हफ़्ते पहले ही 'बाबा' के दर्शन करने की प्रेरणा मिली और वे पहली बार काशी विश्वनाथ आए हैं। उन्होंने यहाँ आकर बहुत खुशी ज़ाहिर की और मंदिर की सुरक्षा व प्रशासनिक व्यवस्थाओं की तारीफ़ करते हुए कहा कि भक्तों की सुविधा के लिए बेहतरीन इंतज़ाम किए गए हैं।

भगवान शिव का प्रिय महीना
गौरतलब है कि सावन का महीना भगवान भोलेनाथ का प्रिय महीना माना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार समुद्र मंथन सावन के महीने में हुआ था। मंथन के दौरान जो हलाहल विष निकला, जिसे गले में रोककर भगवान शंकर ने ब्रह्मांड की रक्षा की। हालांकि, इस ज़हर को पीने से महादेव का गला नीला पड़ गया। इसी वजह से उन्हें 'नीलकंठ महादेव' के नाम से जाना जाने लगा। वहीं जहर के असर को कम करने के लिए, सभी देवी-देवताओं ने उन्हें जल अर्पित किया। इसीलिए शिवलिंग पर जल चढ़ाने का बड़ा महत्व है। इसी कारण से, श्रावण के महीने में भगवान शिव को जल चढ़ाने से विशेष आशीर्वाद मिलता है। शिव पुराण के अनुसार, भगवान शिव स्वयं जल हैं; इसलिए, जल से अभिषेक करके उनकी पूजा करने से सर्वोच्च आध्यात्मिक फल मिलता है।
सावन में क्या करें और क्या न करें
सावन के पूरे महीने भगवान शिव का जल, दूध या गंगाजल से अभिषेक करें। रोज़ाना "ओम नमः शिवाय" मंत्र का जाप करें और शिव चालीसा या रुद्राष्टकम का पाठ करें। सोमवार को व्रत रखना और ज़रूरतमंदों को भोजन, कपड़े व अन्य उपयोगी चीज़ें दान करना शुभ माना जाता है। इसके विपरीत, व्यक्ति को मांसाहारी भोजन या नशीले पदार्थों के सेवन से बचना चाहिए और झूठ बोलने, धोखा देने, अपशब्दों का प्रयोग करने या दूसरों का अपमान करने से भी दूर रहना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, संयम बरतने और सात्विक (शुद्ध और सदाचारी) जीवन जीने से सावन के दौरान प्राप्त होने वाले आध्यात्मिक पुण्य में कई गुना वृद्धि होती है।
सावन सोमवार की तिथियां
- पहला सोमवार: 3 अगस्त 2026
- दूसरा सोमवार: 10 अगस्त 2026
- तीसरा सोमवार: 17 अगस्त 2026
- चौथा सोमवार: 24 अगस्त 2026
FAQ...
1- सावन कब से शुरू हो रहा है ?
साल 2026 में सावन का पवित्र महीना 30 जुलाई (गुरुवार) से शुरू हो गया है। जो 28 अगस्त (शुक्रवार) तक रहेगा।
2- सावन में इस बार कितने सोमवार पड़ेंगे ?
इस बार सावन के महीने में कुल चार सोमवार हैं, जो भगवान शिव को समर्पित हैं। पहला सोमवार 3 अगस्त, दूसरा सोमवार 10 अगस्त
तीसरा सोमवार 17 अगस्त और सोमवार 24 अगस्त 2026 को पड़ेगा।
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