जकार्ता में PM Modi का भव्य स्वागत, राष्ट्रपति Prabowo की अगवानी, India-Indonesia रिश्तों को मिली नई मजबूती
खबर सार :-
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा केवल औपचारिक राजकीय दौरा नहीं, बल्कि भारत-इंडोनेशिया रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाई देने का महत्वपूर्ण अवसर है। राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के विशेष स्वागत ने दोनों देशों की मजबूत मित्रता का संदेश दिया है। व्यापार, रक्षा, समुद्री सुरक्षा और सांस्कृतिक सहयोग पर होने वाली चर्चा भविष्य में द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक व्यापक तथा मजबूत बना सकती है।
खबर विस्तार : -
PM Modi Indonesia Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीन दिवसीय राजकीय दौरे पर सोमवार को इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता पहुंचे, जहां राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने एयरपोर्ट पर स्वयं उपस्थित होकर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस विशेष सम्मान के लिए राष्ट्रपति का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस आत्मीय स्वागत से वह बेहद अभिभूत हैं। दोनों नेताओं की मुलाकात को भारत और इंडोनेशिया के बीच लगातार मजबूत होते रणनीतिक और सांस्कृतिक संबंधों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
जकार्ता पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने लिखा कि राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो द्वारा एयरपोर्ट पर व्यक्तिगत रूप से किया गया स्वागत उनके लिए अत्यंत सम्मान और आत्मीयता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारत और इंडोनेशिया के बीच वर्षों से विकसित हो रहे विश्वास और सहयोग के रिश्ते दोनों देशों के लोगों के लिए लाभकारी साबित हुए हैं।
Tiba di Jakarta. Saya sangat tersentuh oleh kehangatan Presiden Prabowo Subianto yang telah menyambut saya langsung di bandara.
— Narendra Modi (@narendramodi) July 6, 2026
Pada tahun 2018, kami meningkatkan hubungan kedua negara menjadi Kemitraan Strategis Komprehensif, yang telah membawa banyak manfaat bagi masyarakat… pic.twitter.com/aWRYl0RzJf
सांस्कृतिक विरासत से रिश्तों को मिलेगी नई ताकत
प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2018 में दोनों देशों के संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया था। इसके बाद व्यापार, निवेश, समुद्री सुरक्षा, रक्षा सहयोग और विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों का विस्तार लगातार हुआ है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ होने वाली बातचीत से दोनों देशों के सहयोग को नई गति मिलेगी। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि उनकी इस यात्रा का उद्देश्य केवल राजनीतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करना ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक विरासत के साझा संबंधों को भी नई ऊर्जा देना है। इसी क्रम में वह राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ योग्याकार्ता स्थित विश्व प्रसिद्ध प्रम्बानन मंदिर परिसर का भी दौरा करेंगे। यह मंदिर दक्षिण-पूर्व एशिया में भारतीय सांस्कृतिक प्रभाव का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है और दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों को दर्शाता है।

भारतीय समुदाय से मुलाकात को लेकर पीएम मोदी उत्साहित
प्रधानमंत्री ने कहा कि इंडोनेशिया प्रवास के दौरान वह वहां रह रहे भारतीय समुदाय से मिलने को लेकर भी उत्साहित हैं। उन्होंने भारतीय प्रवासियों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि विदेशों में रहने वाले भारतीय दोनों देशों के बीच सामाजिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत बनाने में अहम योगदान देते हैं। प्रधानमंत्री मोदी के इंडोनेशिया पहुंचने से पहले भी उनके स्वागत की विशेष तैयारियां की गई थीं। जैसे ही प्रधानमंत्री का विशेष विमान इंडोनेशिया के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुआ, इंडोनेशियाई वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने उसे एस्कॉर्ट किया। इसे दोनों देशों के बीच मित्रता और सम्मान का प्रतीक माना जा रहा है। एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद राष्ट्रपति प्रबोवो ने औपचारिक स्वागत के साथ प्रधानमंत्री का अभिनंदन किया।
भारत और इंडोनेशिया के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी
विशेषज्ञों के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत और इंडोनेशिया के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध लगातार बढ़ रहे हैं और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग भी नई प्राथमिकताओं में शामिल है। समुद्री सुरक्षा, रक्षा सहयोग, आपूर्ति श्रृंखला, डिजिटल अर्थव्यवस्था और हरित ऊर्जा जैसे विषय भी दोनों देशों की साझा प्राथमिकताओं में हैं। प्रधानमंत्री का यह दौरा उनके छह दिवसीय इंडो-पैसिफिक मिशन का हिस्सा है। इंडोनेशिया यात्रा के बाद वह ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड का भी दौरा करेंगे। इन यात्राओं का उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की रणनीतिक साझेदारियों को मजबूत करना और क्षेत्रीय सहयोग को नई दिशा देना है।
क्षेत्रीय स्थिरता, समुद्री सुरक्षा और आर्थिक विकास के लिए अहम
भारत और इंडोनेशिया लंबे समय से ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक संबंध साझा करते रहे हैं। दोनों देशों के बीच बौद्ध और हिंदू सांस्कृतिक विरासत के अनेक प्रतीक आज भी मौजूद हैं। यही कारण है कि राजनीतिक सहयोग के साथ-साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान भी दोनों देशों के रिश्तों का महत्वपूर्ण आधार माना जाता है। विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में हिंद-प्रशांत क्षेत्र का महत्व लगातार बढ़ रहा है। ऐसे समय में भारत और इंडोनेशिया के बीच मजबूत रणनीतिक सहयोग क्षेत्रीय स्थिरता, समुद्री सुरक्षा और आर्थिक विकास के लिए भी अहम भूमिका निभा सकता है। इस यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय समझौतों और सहयोग के नए क्षेत्रों पर भी चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।
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