पासपोर्ट को नागरिकता का प्रमाण न मानने पर भड़की कांग्रेस, सरकार से मांगा जवाब
खबर सार :-
पासपोर्ट को नागरिकता प्रमाण न मानने पर कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने केंद्र सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि वह संसद और जनता के सामने स्पष्ट रूप से बताए कि नागरिकता के प्रमाण के रूप में विभिन्न दस्तावेजों की वैधानिक स्थिति क्या है और भविष्य में सरकार की नीति क्या रहने वाली है।
खबर विस्तार : -
नई दिल्लीः कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने पासपोर्ट को नागरिकता का प्रमाण न माने जाने के मुद्दे पर केंद्र सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा जारी किया जाने वाला पासपोर्ट केवल एक यात्रा दस्तावेज नहीं है, बल्कि ऐसा आधिकारिक प्रमाण पत्र है जिसे दुनिया भर की सरकारें मान्यता देती हैं और गंभीरता से स्वीकार करती हैं। ऐसे में यदि सरकार यह कहती है कि पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं है, तो इस पर विस्तृत स्पष्टीकरण दिया जाना चाहिए।
गौरव गोगोई ने उठाए सवाल
गुरुवार को इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए गोगोई ने कहा कि विदेश मंत्रालय की ओर से यदि यह कहा जाता है कि पासपोर्ट नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं है, तो कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने पूछा कि क्या भारत सरकार गैर-नागरिकों को भी भारतीय पासपोर्ट जारी करती है। यदि नहीं, तो फिर पासपोर्ट को नागरिकता से अलग करके देखने का आधार क्या है।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि पासपोर्ट भारत सरकार द्वारा जारी किया जाता है और सामान्य परिस्थितियों में यह केवल भारतीय नागरिकों को ही प्रदान किया जाता है। ऐसे में आम नागरिकों के लिए यह समझना मुश्किल हो रहा है कि यदि पासपोर्ट भी नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाएगा, तो आखिर कौन-सा दस्तावेज नागरिकता का वैध और अंतिम प्रमाण माना जाएगा।
गोगोई ने कहा कि इस विषय पर सरकार की ओर से स्पष्टता नहीं होने के कारण लोगों के मन में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। उन्होंने कहा कि नागरिकों को यह जानने का अधिकार है कि नागरिकता साबित करने के लिए किन दस्तावेजों को मान्यता प्राप्त है और किन्हें नहीं।
नागरिकों में बढ़ रहा असमंजसः गोगोई
असम से सांसद गौरव गोगोई ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) से भी जोड़ते हुए चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि असम के लोगों ने एनआरसी की पूरी प्रक्रिया को बहुत करीब से देखा और झेला है। इसलिए जब नागरिकता से जुड़े दस्तावेजों पर सवाल उठते हैं, तो लोगों के मन में स्वाभाविक रूप से आशंका पैदा होती है कि कहीं किसी अन्य माध्यम से एनआरसी जैसी व्यवस्था लागू करने की तैयारी तो नहीं की जा रही।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार धीरे-धीरे विभिन्न दस्तावेजों की वैधता को लेकर सवाल खड़े कर रही है। उनके अनुसार, पहले वोटर आईडी, फिर पैन कार्ड और आधार कार्ड को नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना गया। अब पासपोर्ट को लेकर भी इसी तरह की बातें सामने आ रही हैं, जिससे नागरिकों में असमंजस बढ़ रहा है।
गोगोई ने सवाल किया कि क्या भारतीय पासपोर्ट चीन, श्रीलंका या किसी अन्य विदेशी देश के नागरिकों को जारी किया जाता है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं है, तो फिर यह कहना कि पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं है, आम लोगों के लिए समझ से परे है। सरकार को इस विषय पर स्पष्ट कानूनी और प्रशासनिक स्थिति सामने रखनी चाहिए। कांग्रेस सांसद ने कहा कि नागरिकता जैसे संवेदनशील विषय पर किसी भी प्रकार की अस्पष्टता लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि यह केवल कानूनी मुद्दा नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रश्न है। इसलिए सरकार को भ्रम की स्थिति समाप्त करते हुए नागरिकों को स्पष्ट और भरोसेमंद जानकारी उपलब्ध करानी चाहिए।
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