PM मोदी की अपील के बाद राजनाथ सिंह ने की बैठक, बोले- घबराएं नहीं, अनावश्यक खर्च से बचें
खबर सार :-
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण बैठक में ईंधन उपलब्घता व आवश्यक वस्तुओं के भंडारण पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने आश्वासन दिया कि देश में आवश्यक वस्तुओं की कमी नहीं होगी।
खबर विस्तार : -
नई दिल्ली: सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक के दौरान पश्चिम एशिया की स्थिति का ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव के संबंध में विचार-विमर्श किया गया। इसके अलावा ईंधन की उपलब्धता के साथ-साथ आवश्यक वस्तुओं के भंडारण और वितरण तंत्र का भी विस्तृत मूल्यांकन किया गया।
दरअसल, पश्चिम एशिया में ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच चल रहे संघर्ष के कारण दुनियाभर के कई देशों में ऊर्जा आपूर्ति बाधित हुई है। इस बीच, भारत पश्चिम एशिया में बनी मौजूदा स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है ताकि किसी भी संभावित आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। इसी पृष्ठभूमि में देश के भीतर ऊर्जा आपूर्ति की स्थिति और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता की समीक्षा करने के लिए सोमवार को अंतर-मंत्रालयी समूह की पांचवीं बैठक बुलाई गई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अनुसार, पूरे देश में आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए निरंतर और प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।
आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सामान्य
बैठक के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि अंतर्राष्ट्रीय तनावों के बावजूद देश के भीतर पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। सरकार स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और किसी भी संभावित कमी या व्यवधान से निपटने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है। सरकार ने आश्वासन दिया कि देश के नागरिकों को आवश्यक वस्तुओं की किसी भी प्रकार की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा और आपूर्ति प्रणाली के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक उपाय लगातार किए जा रहे हैं।
PM की अपील ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण
रक्षा मंत्री ने जनता से शांत और धैर्यवान बने रहने तथा किसी भी प्रकार की घबराहट या अनावश्यक रूप से वस्तुओं का भंडारण करने से बचने की अपील की। सरकार के अनुसार, देश के भीतर आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। बैठक के दौरान यह भी बताया गया कि वैश्विक चुनौतियों के इस दौर में, प्रधानमंत्री मोदी द्वारा जनता से सामूहिक भागीदारी और संसाधनों के संरक्षण के लिए की गई अपील, आत्मनिर्भरता और ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विशेष रूप से, ईरान और अमेरिका के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से मालवाहक जहाजों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। यही मार्ग विभिन्न देशों को कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की बड़े पैमाने पर आपूर्ति के लिए मुख्य जरिया है। वर्तमान में, दोनों पक्षों के बीच संघर्ष-विराम (ceasefire) लागू है। इसके बावजूद, समुद्री मालवाहक जहाजों की सुचारू आवाजाही अभी तक पूरी तरह सुनिश्चित नहीं हो पाई है।
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