JMM घोटाले में संजय बडाया ACB की हिरासत में, 900 करोड़ के घोटाले का आरोप
खबर सार :-
जल जीवन मिशन (JMM) में बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो ने संजय बडाया को दिल्ली एयरपोर्ट से हिरासत में लिया है। एसीबी की टीम पूछताछ के लिए संजय बडाया को जयपुर ला रही है।
खबर विस्तार : -
जयपुर: एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) ने दिल्ली एयरपोर्ट से संजय बडाया को हिरासत में ले लिया है। संजय बडाया पर 900 करोड़ रुपये के 'जल जीवन मिशन' (JJM) घोटाले का कथित मास्टरमाइंड और मुख्य बिचौलिया होने का आरोप है।
अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि उसे आगे की पूछताछ के लिए जयपुर लाया जा रहा है। संजय बडाया एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए थाईलैंड गया था। दिल्ली एयरपोर्ट पर उसके पहुंचते ही ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन ने तुरंत ACB को इसकी सूचना दी। इसके बाद ACB की एक टीम ने उसे हिरासत में ले लिया। उसके खिलाफ 10 मई को एक 'लुकआउट नोटिस' जारी किया गया था।
तीन अन्य आरोपी फरार
इस मामले में तीन अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, संजय बडाया ने JJM घोटाले में मुख्य बिचौलिये की भूमिका निभाई थी। उस पर पूर्व जल आपूर्ति मंत्री महेश जोशी और रिटायर्ड IAS अधिकारी सुबोध अग्रवाल का करीबी सहयोगी होने का आरोप है। इन दोनों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। एजेंसियों का दावा है कि वह वित्तीय लेन-देन, तबादलों और नियुक्तियों, नए कर्मचारियों की भर्ती, और टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को अंजाम देने में सक्रिय रूप से शामिल था।
जमीन कब्जा करने की कोशिश
संजय बडाया जयपुर के बानी पार्क इलाके का रहने वाला है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उसे 16 जुलाई, 2024 को गिरफ्तार किया था और बाद में 17 दिसंबर, 2024 को सुप्रीम कोर्ट से उसे जमानत मिल गई थी। जांचकर्ताओं ने खुलासा किया कि 2022 तक बडाया एक बीमा कंपनी में काम करता था, जहां उसकी सालाना सैलरी लगभग 7 लाख रुपये थी। हालांकि, कथित JJM घोटाले के बाद उसने कथित तौर पर बहुत कम समय में ही अकूत संपत्ति जमा कर ली। ED की जांच में यह भी पता चला कि उसने एक कंपनी बनाई थी, जिसमें उसकी पत्नी नैना बडाया पार्टनर थी। आरोप है कि इस कंपनी ने जयपुर में करोड़ों रुपये का कारोबार किया। जांचकर्ताओं ने जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) की जमीन पर कथित तौर पर कब्जा करने की कोशिशों का भी पर्दाफाश किया।
पूर्व जल आपूर्ति मंत्री रिमांड पर
इस मामले के सिलसिले में ACB ने 7 मई को पूर्व जल आपूर्ति मंत्री महेश जोशी को गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने उसे 11 मई तक के लिए ACB की हिरासत में भेज दिया था। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद उसे सोमवार को ACB कोर्ट में पेश किया जाना है। इससे पहले 9 अप्रैल को तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव सुबोध अग्रवाल को भी गिरफ्तार किया गया था, वह फिलहाल जेल में बंद है। ACB की शुरुआती जांच और चार्जशीट के अनुसार यदि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत लगाए गए आरोप साबित हो जाते हैं, तो महेश जोशी, सुबोध अग्रवाल और अन्य सह-आरोपियों को 10 साल तक की कठोर कारावास की सजा हो सकती है।
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