शिक्षा सुधार का पहला कदम...पेपर लीक विरोधी बिल लोकसभा में पेश, विपक्ष ने किया हंगामा

खबर सार :-

Public Examination Amendment Bill 2026: शिक्षा सुधार से जुड़ा एक अहम बिल लोकसभा में पेश किया गया, जिसका मकसद सरकारी परीक्षाओं में पेपर लीक को रोकना है। सदन ने इस बिल को मंज़ूरी दे दी, हालांकि कार्यवाही के दौरान विपक्ष ने ज़बरदस्त हंगामा किया।
शिक्षा सुधार का पहला कदम...पेपर लीक विरोधी बिल लोकसभा में पेश, विपक्ष ने किया हंगामा

खबर विस्तार : -

Public Examination Amendment Bill 2026: संसद का मानसून सत्र (parliament monsoon session) आज अपने दूसरे सफ्ताह में प्रवेश कर गया है। पहला हफ़्ता  NEET पेपर लीक (paper leak) और छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज मुद्दे पर हंगामे के कारण भेंट चढ़ गया था। सोमवार को देश में पेपर लीक रोकने के लिए मोदी सरकार ने लोकसभा (Lok sabha) में पब्लिक एग्जामिनेशन संशोधन बिल पेश कर दिया है। जिसमें इन मुद्दों से निपटने के लिए कड़े कानूनी प्रावधानों का प्रस्ताव है। सत्ताधारी पार्टी आज ही इस बिल पर चर्चा शुरू करने की योजना बना रही है। इस बीच, विपक्षी सांसदों ने  "मोदी-शाह छात्रों से माफी मांगे के नारे लगाते रहे।" संसद में लगातार हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा दोनों की कार्यवाही  स्थगित कर दी गई। 

जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में पेश किया बिल

इससे पहले, जब सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू हुई, तो विपक्ष के हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही महज पांच मिनट के भीतर ही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई थी। सरकार की तरफ से केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह (jitendra singh) ने लोकसभा में पेपर लीक रोकने वाला बिल पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल 2026 पेश किया। यह कदम NEET पेपर लीक के खिलाफ देश भर में हफ्तों तक चले विरोध प्रदर्शनों के बाद उठाया गया है। एक ओर जहां सत्ता पक्ष के सदस्यों ने समर्थन में अपनी मेज थपथपाई, जबकि विपक्ष ने नारेबाजी और हंगामा जारी रखा।

2024 के कानून में होंगे बदलाव, सजा और जुर्माना दोनों बढ़ेंगे

  • केंद्र सरकार ने 2024 के कानून में बदलाव के लिए एक संशोधन बिल पेश किया है, ताकि इसे और सख्त बनाया जा सके। पेपर लीक के आरोपियों के लिए कड़ी सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
  • इसके अलावा, राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को इन मामलों की रोजाना सुनवाई के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का अधिकार दिया जाएगा।
  • 23 जुलाई को इस संशोधन की घोषणा करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पेपर लीक एक गंभीर मुद्दा है जो लाखों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य पर असर डालता है; इसलिए, इनसे निपटने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।
  • सदस्यों को दी गई कॉपी के अनुसार, प्रश्न पत्र लीक करने या परीक्षा में अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वाले लोगों को कम से कम पांच साल और ज़्यादा से ज़्यादा 10 साल की जेल हो सकती है, साथ ही 50 लाख तक का जुर्माना भी लग सकता है। संगठित अपराधों के लिए, बिल में कम से कम सात साल की सजा और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रस्ताव है।

शिक्षा सुधार की दिशा में पहला कदम- ओम बिरला

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, "यह एक महत्वपूर्ण विधेयक है। इस पर व्यापक चर्चा होगी जो सदन और देश की मंशा को दर्शाएगी। सभी दलों के सदस्य लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे। यह सुरक्षा में सुधार की दिशा में पहला कदम है।" अध्यक्ष ने आगे कहा, "मेरा मानना है कि इस बिल पर सदन में चर्चा होनी चाहिए। सभी को इस पर अपनी राय रखनी चाहिए ताकि हम देश भर में पेपर लीक को रोकने के लिए उचित उपाय तय कर सकें।"

इस बीच, विपक्ष की नारेबाजी और हंगामा जारी रहा। वहीं विपक्ष के सदस्यों से बात करते हुए स्पीकर ओम बिरला ने कहा, "आपको इस विषय पर बोलने के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा। इस बिल पर चर्चा का समय सदन की सहमति से तय किया जाएगा। मैं आपसे अपील करता हूं कि आप इस महत्वपूर्ण बिल पर चर्चा में सहयोग करें और हिस्सा लें।" 

सांसदों ने धर्मेंद्र प्रधान को किया सम्मानित

इस बीच, पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सोमवार को इस्तीफे के बाद पहली बार संसद पहुंचे। NDA के सांसदों ने उन्हें शॉल और मिथिला 'पाग' (पारंपरिक पगड़ी) भेंटकर सम्मानित किया और उन्हें संसद भवन के अंदर ले गए। सांसदों ने "धर्मेंद्र प्रधान ज़िंदाबाद" के नारे भी लगाए। प्रधान ने NEET पेपर लीक विवाद के बीच 25 जुलाई को इस्तीफ़ा दे दिया था।

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