NEET UG 2026 Paper Leak Case: CBI की जांच तेज, मनीषा हवलदार की कस्टडी बढ़ी, मांढरे को...
खबर सार :-
NEET UG 2026 पेपर लीक मामला देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। मेडिकल प्रवेश परीक्षा की निष्पक्षता पर उठे सवालों के बाद इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। जांच के दौरान कई राज्यों से आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और एजेंसी लगातार इस नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान करने में जुटी है।
खबर विस्तार : -
नई दिल्ली: NEET UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। शनिवार को मामले की सुनवाई के दौरान दो प्रमुख आरोपियों, मनीषा हवलदार और मनीषा मांढरे, को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया। सीबीआई कस्टडी की अवधि समाप्त होने के बाद दोनों आरोपियों को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां कोर्ट ने दोनों के संबंध में अलग-अलग आदेश जारी किए।
कई प्रश्नों के अभी तक नहीं मिले जवाब
अदालत ने मनीषा हवलदार की सीबीआई हिरासत दो दिनों के लिए और बढ़ा दी, जबकि सह-आरोपी मनीषा मांढरे को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि मामले की तह तक पहुंचने और पूरे नेटवर्क का खुलासा करने के लिए हवलदार से और पूछताछ की आवश्यकता है।
सीबीआई ने सुनवाई के दौरान अदालत को जानकारी दी कि मनीषा हवलदार का कई सह-आरोपियों तथा कुछ उम्मीदवारों के साथ आमना-सामना अभी बाकी है। एजेंसी के अनुसार, पेपर लीक साजिश में शामिल उम्मीदवारों की संख्या और उन्हें प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने की प्रक्रिया से जुड़े अहम तथ्यों का पता लगाना अभी शेष है। इसी वजह से हवलदार की कस्टडी बढ़ाने की मांग की गई थी।
जांच एजेंसी ने कोर्ट को यह भी बताया कि फिलहाल मनीषा हवलदार सहित कुल तीन आरोपी उसकी हिरासत में हैं। सीबीआई का कहना है कि मामले में लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं और कई कड़ियों को जोड़ने के लिए आरोपियों से गहन पूछताछ आवश्यक है। एजेंसी का मानना है कि यह केवल एक सीमित स्तर का अपराध नहीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है।
अभी हो सकती हैं कई और गिरफ्तारियां
वहीं, मनीषा हवलदार के वकील ने सीबीआई की रिमांड बढ़ाने की मांग का कड़ा विरोध किया। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि उनकी मुवक्किल पहले ही जांच एजेंसी को आवश्यक जानकारी दे चुकी हैं और अब अतिरिक्त हिरासत की कोई आवश्यकता नहीं है। वकील ने अदालत से रिमांड बढ़ाने की मांग खारिज करने का आग्रह किया।
हालांकि दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने सीबीआई के तर्कों को स्वीकार किया और मनीषा हवलदार की कस्टडी दो दिन के लिए बढ़ा दी। कोर्ट ने यह भी पूछा कि वर्तमान में कितने आरोपी हिरासत में हैं, जिस पर सीबीआई ने बताया कि कुल तीन आरोपी उसकी हिरासत में हैं।
सीबीआई का मानना है कि पेपर लीक गिरोह में कई बिचौलिये, एजेंट और अभ्यर्थी शामिल हो सकते हैं। जांच एजेंसी अब इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि प्रश्नपत्र किस स्तर पर लीक हुआ और कितने उम्मीदवारों तक पहुंचाया गया। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां तथा महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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