दिल्ली जल बोर्ड टेंडर घोटाला: पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन सहित 6 आरोपी न्यायिक हिरासत में, जमानत पर 25 अगस्त को सुनवाई
खबर सार :-
दिल्ली जल बोर्ड एसटीपी टेंडर घोटाले में पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन समेत 6 आरोपी न्यायिक हिरासत में भेजे गए। जमानत याचिकाओं पर 25 अगस्त को सुनवाई होगी। एसीबी ने टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताओं का किया दावा।
खबर विस्तार : -
New Delhi: दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के कथित एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) टेंडर घोटाले के मामले में राऊज एवेन्यू कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण सुनवाई के दौरान सख्त कदम उठाया है। अदालत ने मामले में गिरफ्तार किए गए पूर्व जल मंत्री सत्येंद्र जैन (Satyendar Jain) समेत छह आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में गिरफ्तार आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर अब आगामी 25 अगस्त को सुनवाई की जाएगी, जिस पर राजनीतिक हलकों और जानकारों की पैनी नजर बनी हुई है।
क्या है दिल्ली जल बोर्ड एसटीपी टेंडर घोटाला?
यह पूरा मामला दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (एसटीपी) के अपग्रेडेशन और उनकी क्षमता बढ़ाने के लिए जारी किए गए टेंडरों में कथित तौर पर हुई भारी वित्तीय अनियमितताओं और घोटालों से जुड़ा हुआ है। दिल्ली सरकार की एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी) ने इस मामले की तह तक जाने के लिए 11 मई 2024 को आधिकारिक तौर पर एफआईआर दर्ज की थी। लंबी जांच-पड़ताल और साक्ष्यों के संकलन के बाद एसीबी ने 18 अगस्त को इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया था।
जांच एजेंसी एसीबी का मुख्य आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया के दौरान तकनीकी शर्तों और स्पेसिफिकेशन में जानबूझकर फेरबदल किए गए। ऐसा कथित तौर पर एक चुनिंदा टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर कंपनी, यानी 'यूरोटेक इन्वॉयरमेंट प्राइवेट लिमिटेड' को अनुचित और सीधा लाभ पहुंचाने के लिए किया गया था। एसीबी की शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि इस प्रक्रिया में अनिवार्य रूप से कराई जाने वाली पायलट स्टडी को पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया और टेंडर में ऐसी शर्तें जोड़ दी गईं, जिससे अन्य प्रतियोगी कंपनियों के लिए मुकाबला करना बेहद सीमित हो गया।
एसीबी की जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य
एंटी करप्शन ब्रांच द्वारा अदालत में पेश किए गए तथ्यों के अनुसार, टेंडर की शर्तों और शुद्धिपत्र में किए गए बदलावों का सीधा और बड़ा नकारात्मक असर सरकारी खजाने पर पड़ा है। अधिकारियों का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक सबूतों और डिजिटल डेटा के गहरे विश्लेषण से निजी कंपनियों, कुछ सरकारी अधिकारियों और बिचौलियों के बीच गहरी साठगांठ का खुलासा हुआ है। यह बात सामने आई है कि टेंडर से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज और शर्तें पहले ही आपस में साझा कर ली गईं और बाद में उन्हीं तयशुदा शर्तों को आधिकारिक रूप से दिल्ली जल बोर्ड के टेंडर में शामिल कर लिया गया।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने पूर्व कॉन्ट्रैक्चुअल कंसल्टेंट अंकित श्रीवास्तव को गहन पूछताछ के लिए दो दिन की एसीबी कस्टडी में भेज दिया है। एसीबी का मानना है कि टेंडर प्रक्रिया के दौरान किए गए तकनीकी बदलावों और दस्तावेजों के आदान-प्रदान के बारे में अंकित श्रीवास्तव से विस्तृत जानकारी हासिल करना बेहद जरूरी है, ताकि इस पूरे षड्यंत्र की हर एक कड़ी को जोड़ा जा सके।
आरोपियों की कानूनी स्थिति और आगामी तारीख
राऊज एवेन्यू कोर्ट ने अंकित श्रीवास्तव को कस्टडी में भेजने के साथ ही अन्य प्रमुख आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। जिन लोगों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है, उनमें पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन (Satyendar Jain) के अलावा दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व सीईओ और आईएएस अधिकारी उदित प्रकाश राय, एएन इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर नागेंद्र यादव, यूरोटेक इन्वॉयरमेंट प्राइवेट लिमिटेड के मालिक राजा कुमार कुर्रा और सृजनहार के प्रोपराइटर पंकज वर्मा शामिल हैं।
अदालत ने इन सभी आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर एसीबी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। कानूनी प्रक्रिया के तहत, उदित प्रकाश राय की जमानत याचिका पर सुनवाई अगले दिन यानी गुरुवार को तय की गई है, जबकि सत्येंद्र जैन सहित अन्य पांच आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई के लिए 25 अगस्त की तारीख मुकर्रर की गई है। एसीबी इस पूरे मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ आईपीसी के तहत धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक साजिश से जुड़ी गंभीर धाराओं के तहत अपनी जांच को आगे बढ़ा रही है।
गौरव वल्लभ ने 'आप' नेतृत्व पर उठाए सवाल
भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सवाल किया कि इस कथित भ्रष्टाचार के माध्यम से अर्जित धन का वास्तविक लाभार्थी कौन है? वल्लभ ने आरोप लगाया कि सत्येंद्र जैन (Satyendar Jain) ने नियम बदलकर अपने करीबियों को फायदा पहुंचाया। उन्होंने अरविंद केजरीवाल और आतिशी सहित 'आप' के शीर्ष नेतृत्व से जवाब मांगा है कि क्या यह धन राजनीतिक गतिविधियों में इस्तेमाल हुआ। भाजपा नेता ने कहा कि दिल्ली की जनता जवाबदेही चाहती है।
FAQ...
1: दिल्ली जल बोर्ड एसटीपी टेंडर घोटाला मामले में कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया है?
एसीबी ने इस मामले में कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया है।
2. पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन समेत अन्य आरोपियों को अदालत ने कहाँ भेजा है?
राऊज एवेन्यू कोर्ट ने इन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
3. आरोपियों की जमानत याचिका पर अगली सुनवाई कब होगी?
इनकी जमानत याचिकाओं पर 25 अगस्त को सुनवाई तय की गई है।
4. इस मामले की जांच कौन सी एजेंसी कर रही है?
दिल्ली सरकार की एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी) इस मामले की जांच कर रही है।
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