मिसाइल मैन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

खबर सार :-

APJ Abdul Kalam Death Anniversary: पूर्व राष्ट्रपति और मशहूर वैज्ञानिक डॉ. APJ अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर कई केंद्रीय मंत्रियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके विचारों को आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया।
मिसाइल मैन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

खबर विस्तार : -

Dr APJ Abdul Kalam Death Anniversary: भारत के पूर्व राष्ट्रपति, मशहूर वैज्ञानिक और युवाओं के आदर्श डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का नाम देश के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज है। आज 'मिसाइल मैन' डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की 11वीं पुण्यतिथि है। भारत के 11वें राष्ट्रपति कलाम की पुण्यतिथि हर साल 27 जुलाई को मनाई जाती है। यह दिन न केवल उन्हें श्रद्धांजलि देने का मौका है, बल्कि उनके विचारों और आदर्शों पर चिंतन करने का भी समय है। उनकी पुण्यतिथि पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, जेपी नड्डा , रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ समेत तमाम मंत्रियों और नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए याद किया।

अमित शाह और राजनाथ सिंह ने दी श्रद्धांजलि

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट किया, "भारत के अंतरिक्ष और मिसाइल कार्यक्रमों के दूरदर्शी और सूत्रधार डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि। विज्ञान के क्षेत्र में डॉ. कलाम की असाधारण उपलब्धियों ने भारत को एक मजबूत रणनीतिक शक्ति बनाने का मार्ग प्रशस्त किया, और उनकी बुद्धिमत्ता ने लोगों को महानता हासिल करने के लिए प्रेरित करके लाखों लोगों के जीवन को रोशन किया। 'जनता के राष्ट्रपति' के रूप में डॉ. कलाम हमेशा देशभक्तों के लिए प्रेरणा बने रहेंगे।"

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने X पर लिखा, "डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर, मैं 'जनता के राष्ट्रपति', 'भारत के मिसाइल मैन' और एक असाधारण वैज्ञानिक व दूरदर्शी व्यक्ति को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। उन्होंने भारत की स्वदेशी मिसाइल और रणनीतिक रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। सादगी, ईमानदारी और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण से भरा उनका जीवन पीढ़ियों को बड़े सपने देखने, निडर होकर नवाचार करने और निस्वार्थ भाव से देश की सेवा करने के लिए प्रेरित करता रहेगा।"

जेपी नड्डा ने श्रद्धांजलि संदेश में क्या कुछ कहा

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने X पर पोस्ट किया, "महान वैज्ञानिक, भारत के पूर्व राष्ट्रपति और 'भारत रत्न' डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि-कोटि नमन, जिन्होंने रणनीतिक और परमाणु प्रतिरोध के क्षेत्रों में भारत को सशक्त बनाने में अमूल्य योगदान दिया।"  उनके अमूल्य विचार, दूरदर्शी नेतृत्व और अनुकरणीय जीवन युवाओं को राष्ट्र-निर्माण और समाज सेवा के लिए हमेशा प्रेरित करते रहेंगे।"

राष्ट्र के इस अनमोल रत्न को बार-बार नमन- शिवराज सिंह चौहान

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने X पर लिखा, "महान वैज्ञानिक, पूर्व राष्ट्रपति, 'मिसाइल मैन' और भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को उनकी पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि; भारत को परमाणु-सक्षम राष्ट्र बनाने में उन्होंने अद्वितीय भूमिका निभाई! आपके अमूल्य विचार और अनुकरणीय जीवन युवा पीढ़ियों के लिए मार्ग प्रशस्त करते रहेंगे और उन्हें राष्ट्र-निर्माण तथा विकसित भारत के संकल्प के लिए निरंतर प्रेरित करते रहेंगे। राष्ट्र के इस अनमोल रत्न को बार-बार नमन!"

CM योगी ने उनके योगदान को किया याद 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'X' पर एक पोस्ट में कहा, "'मिसाइल मैन', पूर्व राष्ट्रपति और 'भारत रत्न' डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि।" उन्होंने आगे कहा, "रक्षा और अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में भारत की वैश्विक पहचान बनाने और देश को परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र बनाने में उनका योगदान अभूतपूर्व है।" योगी आदित्यनाथ ने कहा, "उनकी दूरदर्शी सोच, सादगी और देश सेवा के प्रति समर्पण युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।"

अखिलेश यादव ने दी विनम्र श्रद्धांजलि 

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 'X' पर कहा, "भारत के पूर्व राष्ट्रपति, महान वैज्ञानिक और 'भारत रत्न' डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि।"

27 जुलाई 2015 को दुनिया को कहा अलविदा

तमिलनाडु के एक साधारण परिवार से निकलकर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने वाले भारत रत्न डॉ. कलाम (Dr APJ Abdul Kalam) ने साबित कर दिया कि कोई भी व्यक्ति कड़ी मेहनत, ईमानदारी और शिक्षा के ज़रिए बड़ी सफलता हासिल कर सकता है। भारत के रक्षा और अंतरिक्ष कार्यक्रमों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में उनका योगदान बेजोड़ था; इसीलिए उन्हें 'मिसाइल मैन ऑफ़ इंडिया' के नाम से जाना जाता है। 

भारत के 11वें राष्ट्रपति बनने के बाद भी, उन्होंने हमेशा छात्रों और युवाओं से बातचीत को प्राथमिकता दी, क्योंकि उनका मानना था कि देश का भविष्य उसके युवाओं से ही बनता है। 15 अक्टूबर 1931 को तमिलनाडु के रामेश्वरम में जन्म कलाम का 27 जुलाई 2015 को IIM शिलांग में छात्रों को संबोधित करते हुए उनका निधन हो गया, लेकिन उनके विचार, किताबें और प्रेरणादायक संदेश आज भी लाखों लोगों का मार्गदर्शन कर रहे हैं।

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