एनटीए ने NEET UG 2026 पेपर लीक के आरोपी यश यादव का रिजल्ट रोका, री-एग्जाम देने की मिली थी अनुमति

खबर सार :-

नीट यूजी 2026 पेपर लीक के मामले के आरोपी यश यादव का रिजल्ट एनटीए ने रोक दिया है। दरअसल, दिल्ली कोर्ट ने यश को री-एग्जाम देने  की अनुमति दी थी, लेकिन इसके बाद भी रिजल्ट जारी नहीं किया गया।
एनटीए ने NEET UG 2026 पेपर लीक के आरोपी यश यादव का रिजल्ट रोका, री-एग्जाम देने की मिली थी अनुमति

खबर विस्तार : -

Neet UG Result 2026: नीट यूजी 2026 के पेपर लीक होने के मामले में पकड़े गए मुख्य आरोपी यश यादव के रिजल्ट को जारी करने से एनटीए ने फिलहाल रोक लगा दी है। बता दें कि दिल्ली हाई कोर्ट ने आरोपी को री-एग्जाम देने की अनुमति दी थी, लेकिन इसके बावजूद उसका रिजल्ट रोक दिया गया है। यह मामला नीट परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों की जांच से संबंधित था। 

नीट पेपर लीक मामले के आरोपी यश यादव के रिजल्ट पर रोक लगी

नीट पेपर लीक विवाद के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 3 मई को नीट यूजी की परीक्षा को रद्द कर दिया था, जिसके बाद 21 जून को कड़ी सुरक्षा और व्यापक जांच के बीच दोबारा परीक्षा का आयोजन किया गया। री-एग्जाम के समाप्त होने के बाद एनटीए ने 16 जुलाई को इसका परिणाम घोषित कर दिया, लेकिन इस बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। दरअसल, नीट यूजी पेपर लीक के मामले के आरोपी यश यादव का रिजल्ट NTA ने फिलहाल के लिए रोक दिया है। हालांकि दिल्ली की कोर्ट द्वारा उसे री-एग्जाम देने की अनुमति मिली थी, बावजूद इसके यश का रिजल्ट जारी नहीं किया गया है। इस मामले में CBI सख्ती से जांच कर रही है। एजेंसी का आरोप है कि 13 मई को गिरफ्तार किए गए यश यादव ने टेलीग्राम के माध्यम से लीक हुए प्रश्नपत्र की पीडीएफ प्राप्त की थी। 

21 जून को मिली थी परीक्षा में शामिल होने की अनुमति

इसके बाद से खुलासा हुआ कि कथित तौर पर यह पेपर 10 लाख रुपये में दूसरे लोगों को भी बेचा। CBI ने दावा किया है कि प्रश्नपत्र फैलाने में यश यादव का अहम रोल था। दिल्ली की राउड एवेन्यू कोर्ट ने 16 जून को आदेश दिया, जिसमें कहा गया था कि यश यादव के खिलाफ गंभीर आरोप हैं, लेकिन उन्हें परीक्षा देने के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता है। अदालत ने साफ कहा कि किसी छात्र की पात्रता, चयन या परिणाम पर अंतिम फैसला परीक्षा का आयोजन करने वाली संस्था और उससे जुड़े सक्षम प्राधिकरण ही करेंगे। अदालत ने 21 जून को री-एग्जाम में शामिल होने की अनुमति दी थी। हालांकि यश यादव ने अदालत से अंतरिम जमानत की मांग की थी और यह दलील दी थी कि नीट के री-एग्जाम में और बहन की शादी में शामिल होना है।

जांच प्रक्रिया के बाद अंतिम फैसला 

अदालत ने जांच की शुरुआती स्थिति और मामले की गंभीरता को मद्देनजर रखते हुए अंतरिम जमानत देने से इंकार कर दिया था, लेकिन न्यायिक हिरासत में रहते हुए परीक्षा की अनुमति दी गई थी। बता दें कि 20 वर्षीय यश हरियाणा के गुरुग्राम के रहने वाला है और उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय, देहरादून का छात्र है। 21 जून को परीक्षा देने के बाद उसे अपनी बहन की शादी में शामिल होने की अनुमति भी दी गई। एनटीए ने सभी उम्मीदवारों का रिजल्ट जारी कर दिया है। इस मामले में जांच प्रक्रिया पूरी होने और संबंधित प्राधिकरण के निर्णय आने के बाद ही इस पर अंतिम फैसला लिया जा सकता 

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