लखनऊ में शिक्षकों का अनोखा प्रदर्शन, रेंगकर पहुंचे शिक्षा आवास
खबर सार :-
Lucknow teacher recruitment protest: राजधानी लखनऊ (Lucknow) में शिक्षक भर्ती (recruitment) को लेकर एक बार फिर अभ्यर्थियों ने जमकर बवाल किया है। अपनी मांग को लेकर काफी समय से प्रदर्शन कर रहे लोगों ने इस बार अनोखा तरीका अपनाया।
खबर विस्तार : -
Lucknow teacher recruitment protest: लखनऊ (Lucknow) की सड़कों पर शिक्षक भर्ती (Recruitment) के 69000 पदों को लेकर अभ्यर्थियों ने जमकर प्रदर्शन किया। लंबे समय से इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन (Protest) हो रहा था, इस बार छात्रों द्वारा प्रदर्शन का अनोखा तरीका अपनाया गया। अपनी मांग पूरी करने के लिए प्रदर्शनकारियों ने बेसिक शिक्षा (Minister residence) मंत्री संदीप सिंह के आवास की ओर पेट के बल रेंगकर विरोध जताया।
अनोखा प्रदर्शन
लखनऊ (Lucknow) में शिक्षक भर्ती (Recruitment) के विरोध में पेट के बल रेंगकर किए गए प्रदर्शन (Protest) ने सबका ध्यान खींच लिया। तपती धूप में इस तरह की प्रदर्शन देखकर हर कोई हैरान था। मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने विरोध प्रदर्शन रोकने की कोशिश की, जिससे कुछ समय के लिए सड़कों पर जाम की स्थिति बन गई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कई साल से वो शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन सरकार की तरफ से इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
क्या है पूरा विवाद?
उत्तर प्रदेश परिषद के प्राथमिक स्कूल में साल 2019 में 69000 पदों पर सहायक शिक्षक भर्ती (recruitment) होनी थी, लेकिन आरक्षण और कट- ऑफ को लेकर कथित तौर पर गड़बड़ी पाई गई। आरक्षित वर्ग का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद आरक्षण नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया गया। इससे योग्य उम्मीदवार के सीट पर किसी और का चयन हो गया। अभ्यर्थियों का दावा था कि ओबीसी को 27 प्रतिशत और एससी वर्ग को 21 प्रतिशत आरक्षण मिलना था, लेकिन गड़बड़ी के कारण आरक्षित वर्ग को बाहर कर दिया गया।
हाईकोर्ट का आदेश
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ (Lucknow) खंडपीठ की डबल बेंच ने साल 2024 में आरक्षण में हुई गड़बड़ी को सही मानते हुए 69000 भर्ती को रद्द कर, 3 महीने के अंदर नई मेरिट लिस्ट तैयार करने का फैसला सुनाया। हाइकोर्ट के इस आदेश के बाद भी कोई ठोस समाधान नहीं निकला और लाखों छात्र भटकने को मजबूर हैं। उनका किमती समय कोर्ट के चक्कर लगाने और सड़कों पर लाठियां खाने में बीत रहा है।
प्रदर्शन पर युवाओं का क्या कहना है?
अभ्यर्थियों का कहना है कि उनका प्रदर्शन (Protest) तब तक जारी रहेगा, जब तक कि सरकार उनकी मांगों को पर गंभीरता से विचार नहीं करती। सड़क पर रेंगकर जाने का मकसद सरकार को अहसास दिलाना है कि एक नौकरी के लिए शिक्षित युवा बेबस और लाचारी से जूझ रहा है।
अन्य प्रमुख खबरें
-
NTPC Recruitment 2026: एनटीपीसी में नौकरी पाने का मौका
2026-10-15
-
UP Board Exam 2027: यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 5 फरवरी से, शेड्यूल जारी
2026-10-13
-
ICSIL Recruitment 2026: 15 पदों पर भर्ती, सैलरी ₹70,000
2026-10-13
-
AIIMS Patna Recruitment 2026: ग्रुप ए के 11 पदों पर भर्ती, 2.15 लाख तक सैलरी
2026-10-12
-
Railway NTPC Recruitment 2026: 3,548 पदों पर भर्ती, इतनी मिलेगी सैलरी
2026-10-11
-
APSSB Recruitment 2026: 217 पदों पर सरकारी नौकरी का मौका
2026-10-10
-
TISS Recruitment 2026: टीआईएसएस में निकली हैं कई पदों पर भर्ती
2026-10-09
-
JSSC-CGL Appointment: हाईकोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित
2026-10-08
-
quantum computing की दिशा में बढ़ रहे युवा, LUCKNOW में ट्रैफिक से निपटने के सुझाव दिए
2026-10-08
-
ECHS Recruitment 2026: मेडिकल समेत 23 पदों पर भर्ती
2026-10-06
-
पश्चिम बंगाल में 14,454 नई भर्तियों को मिली मंजूरी
2026-10-06
-
Spices Board Recruitment 2026: स्पाइसेस बोर्ड में सरकारी नौकरी का मौका
2026-10-05
-
DRDO RCI Recruitment: अप्रेंटिस के 195 पदों पर भर्ती
2026-10-03
-
IIT Delhi Recruitment 2026: 13 अक्टूबर तक करें आवेदन
2026-10-02
-
DSSSB Recruitment 2026: असिस्टेंट सहित कई पदों पर निकली भर्ती
2026-10-01