नई दिल्लीः भारतीय रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की ओर से रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कटौती की घोषणा का असर दिखने लगा है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, बैंक ऑफ इंडिया और यूको बैंक, ने भी अपने खाताधारकों को राहत देने के लिए लोन दरों में 0.25 फीसदी की कटौती करने की घोषणा कर दी है। सार्वजनिक क्षेत्र के इन बैंकों का यह कदम मौजूदा और नए उधारकर्ताओं के लिए बहुत ही मददगार साबित होगा।
बैंक ऑफ इंडिया और यूको बैंक ने रेगुलेटरी फाइलिंग में शेयर बाजार को अपने-अपने माध्यमों से दी गई जानकारी में बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से अल्पकालिक ऋण दर यानी रेपो रेट में कटौती किए जाने के बाद ऋण दर में संशोधन किया गया है। यही नहीं अन्य बैंकों की तरफ से भी जल्द ही ऐसी ही घोषणा की उम्मीद की जा रही है। रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कटौती के बाद बैंक ऑफ इंडिया की नई रेपो आधारित ऋण दर पहले के 9.10 फीसदी से घटकर 8.85 फीसदी पर आ गई है।
अल्पकालिक ऋण यानी रेपो रेट के संबंध में बैंक के अधिकारियों ने कहा कि रेपो रेट की नई दर बुधवार से ही प्रभावी मानी जाएगी। यूको बैंक के अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने रेपो संबद्ध लोन दर को घटाकर 8.80 फीसदी कर दिया है। अल्पकालिक ऋण की नई दर गुरुवार से प्रभावी होगी। बता दें, आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को प्रमुख नीतिगत दर रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती की घोषणा की थी। इसके बाद रेपो रेट घटकर 6.0 फीसदी हो गया, जो कि पहले 6.25 फीसदी पर था। आरबीआई के इस निर्णय के बाद सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की तरफ से भी रेपो रेट में कटौती को लेकर नई घोषणाएं की जाने लगी हैं। इसे होम लोन, कार लोन व अन्य अल्पकालिक ऋण लेने वाले ऋणधारकों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
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