मुंबई: लगातार चार कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार ने सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को राहत की सांस ली। बाजार हरे निशान में खुला और शुरुआती उतार-चढ़ाव के बाद प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स में मजबूती देखने को मिली। निवेशकों में सतर्कता के बावजूद चुनिंदा शेयरों में खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया।
आज सुबह करीब 10 बजे तक 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 176 अंक यानी 0.21 प्रतिशत की बढ़त के साथ 84,357 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं एनएसई निफ्टी 46 अंक या 0.18 प्रतिशत की तेजी के साथ 25,923 के स्तर पर बना रहा। यह तेजी इसलिए अहम मानी जा रही है क्योंकि बाजार हाल ही में 26,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गया था।
वृहद बाजार की बात करें तो तस्वीर पूरी तरह सकारात्मक नहीं रही। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.24 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जिससे मध्यम कंपनियों के शेयरों में सीमित खरीदारी का संकेत मिला। हालांकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.44 प्रतिशत गिरा, जो छोटे निवेशकों की सतर्कता को दर्शाता है।
सेक्टरवार प्रदर्शन में निफ्टी आईटी और निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में करीब 0.5 प्रतिशत की मजबूती देखने को मिली। आईटी शेयरों में वैश्विक संकेतों और डॉलर की चाल का असर दिखा। इसके उलट, निफ्टी फार्मा और रियल्टी इंडेक्स में लगभग 0.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जिससे इन सेक्टरों में मुनाफावसूली के संकेत मिले।
सेंसेक्स पैक में इटरनल, एचसीएल टेक, बीईएल, एशियन पेंट्स, टेक महिंद्रा, पावर ग्रिड, इंफोसिस और बजाज फाइनेंस जैसे शेयर टॉप गेनर्स रहे। इन शेयरों में 0.5 प्रतिशत से लेकर 2.70 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई। खासतौर पर आईटी और कैपिटल गुड्स शेयरों में खरीदारी ने बाजार को मजबूती दी।
वहीं दूसरी ओर, टीएमपीवी, आईसीआईसीआई बैंक, एनटीपीसी, सन फार्मा, टाटा स्टील और ट्रेंट जैसे शेयरों में 1 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिली। बैंकिंग और मेटल शेयरों में कमजोरी ने बाजार की तेजी को सीमित रखा।
चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट आकाश शाह के अनुसार, मौजूदा कारोबारी सत्र में बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक बाजारों के संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और संस्थागत निवेशकों के फंड फ्लो पर निर्भर करेगी। उन्होंने बताया कि पिछले सत्र में निफ्टी कमजोर खुला और पूरे दिन दबाव में रहा, जिसके चलते यह 26,000 के स्तर से नीचे बंद हुआ।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक निफ्टी के लिए 25,700 से 25,750 का स्तर अहम सपोर्ट है। वहीं 26,000 से 26,050 के ऊपर टिके रहना बाजार की मजबूती के लिए जरूरी होगा। ऊपर की ओर 26,150 से 26,200 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस के रूप में काम कर रहा है। बैंक निफ्टी के लिए 59,300 से 59,400 का दायरा मजबूत सपोर्ट जोन है, जबकि 59,900 से 60,000 का स्तर बड़ा रेजिस्टेंस माना जा रहा है।
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