मुंबई: वैश्विक बाजारों में कमजोरी और अमेरिकी टैरिफ के फैसले के चलते घरेलू बाजार पर भी नकारात्मक असर पड़ा है। भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में लाल निशान में खुला। आज सुबह 9:39 बजे तक बीएसई का सेंसेक्स 195 अंक की गिरावट के साथ 80,990 पर और निफ्टी 68 अंक की कमजोरी के साथ 24,699 पर कारोबार कर रहा था। अमेरिकी सरकार द्वारा घोषणा किए गए नए टैरिफ की वजह से वैश्विक बाजारों में गिरावट देखी जा रही है। इससे भारतीय निवेशकों के बीच चिंता का माहौल है, जिससे बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ गया है।
बाजार में फार्मा शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखी जा रही है। इस कारण निफ्टी फार्मा इंडेक्स में 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है। इसके अलावा, ऑटो, आईटी, पीएसयू बैंक, फाइनेंशियल सर्विसेज, मेटल और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में भी गिरावट आई। हालांकि, एफएमसीजी, मीडिया और एनर्जी सेक्टर के शेयर हरे निशान में थे और कुछ हल्की बढ़त दिखा रहे थे।
भारतीय शेयर बाजार में कुछ कंपनियां बहुत अच्छा कारोबार कर रही हैं, लेकिन कुछ कंपनियों को लगातार घाटा हो रहा है। इस कारण निवेशक वेट एंड वाच की स्थिति में बने हुए हैं। निवेशक बहुत की सोच-विचार कर मार्केट में निवेश कर रहे हैं। घरेलू शेयर बाजार में शुक्रवार को सेंसेक्स के प्रमुख गेनर्स में एचयूएल, एशियन पेंट्स, कोटक महिंद्रा बैंक, आईटीसी, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, अल्ट्राटेक सीमेंट और आईसीआईसीआई बैंक शामिल थे। वहीं, टॉप लूजर्स में सन फार्मा, एमएंडएम, टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, पावर ग्रिड, इन्फोसिस, टेक महिंद्रा और मारुति सुजुकी थे।
भारतीय शेयर बाजार में लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी गिरावट जारी रही। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 343 अंक या 0.60 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 57,056 पर आ गया, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 109 अंक या 0.61 प्रतिशत की कमजोरी आई और यह 17,856 पर था।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वी.के. विजयकुमार ने कहा कि निकट भविष्य में बाजार टैरिफ संबंधी खबरों से प्रभावित रहेगा। संशोधित टैरिफ दरों के कार्यान्वयन की तिथि 7 अगस्त बढ़ा दी गई है, जिसके कारण देशों के पास टैरिफ को घटाने के लिए बातचीत का समय है। हालांकि, बाजार अभी इसे एक अल्पकालिक मुद्दा मानते हुए नजर आ रहा है।
एशिया के प्रमुख बाजारों में भी शुक्रवार को गिरावट का रुख रहा। टोक्यो, शंघाई, जकार्ता, सोल और बैंकॉक सभी में लाल निशान में कारोबार हो रहा था। अमेरिका के बाजार भी गुरुवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे, जिससे वैश्विक बाजारों में नकारात्मक दबाव देखा जा रहा है। इस प्रकार, भारतीय शेयर बाजार पर वैश्विक घटनाओं और खासकर अमेरिकी टैरिफ के फैसले का दबाव साफ नजर आ रहा है, और निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
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