युद्धविराम के बीच ‘सेफ हेवन’ की चमक बढ़ी: Gold-Silver में जोरदार उछाल, चांदी ने दिखाई सबसे तेज रफ्तार
खबर सार :-
युद्धविराम की घोषणा के बावजूद वैश्विक अनिश्चितता ने सोना और चांदी को मजबूती दी है। निवेशक अभी भी जोखिम से बचते हुए सुरक्षित विकल्पों की ओर झुक रहे हैं। आने वाले दिनों में भू-राजनीतिक घटनाक्रम, डॉलर की चाल और केंद्रीय बैंकों की नीतियां कीमती धातुओं की दिशा तय करेंगी। फिलहाल बाजार में सतर्क आशावाद का माहौल बना हुआ है।
खबर विस्तार : -
Gold Silver Price Today: वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सुरक्षित निवेश की तलाश ने एक बार फिर कीमती धातुओं को चमका दिया है। डोनाल्ड ट्रंप द्वारा युद्धविराम की घोषणा के बावजूद बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी दर्ज की गई। निवेशकों ने जोखिम भरे एसेट्स से दूरी बनाते हुए ‘सेफ हेवन’ माने जाने वाले गोल्ड और सिल्वर की ओर रुख किया।
MCX पर सोना-चांदी ने छुए नए ऊंचे स्तर
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का वायदा भाव (5 जून) 3,688 रुपये यानी 2.7 प्रतिशत उछलकर 1,54,934 रुपये प्रति 10 ग्राम के इंट्राडे हाई तक पहुंच गया। वहीं चांदी का वायदा भाव (5 मई) 6 प्रतिशत से ज्यादा चढ़कर 2,46,376 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गया। दोपहर 12:05 बजे तक सोना 4,211 रुपये यानी 2.80 प्रतिशत की मजबूती के साथ 1,54,471 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था। वहीं चांदी 14,330 रुपये यानी 6.19 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,45,678 रुपये प्रति किलोग्राम पर बनी रही।

क्यों बढ़ी कीमती धातुओं की चमक?
विश्लेषकों के अनुसार, भले ही युद्धविराम की घोषणा ने वैश्विक तनाव को कुछ हद तक कम किया हो, लेकिन निवेशकों में अनिश्चितता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। ऐसे माहौल में सोना और चांदी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग बढ़ जाती है। इसके अलावा, निचले स्तरों पर खरीदारी (buying at dips) ने भी कीमतों को सहारा दिया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब भी वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक जोखिम बना रहता है, तब निवेशक इक्विटी की बजाय सुरक्षित एसेट्स में निवेश करना पसंद करते हैं।
Rupee में मजबूती, Dollar पर दबाव
करेंसी बाजार में भारतीय रुपया मजबूत होता नजर आया। रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 40 पैसे की मजबूती के साथ 92.61 के स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले बंद 93 के मुकाबले बेहतर है। रुपये की मजबूती का असर भी सोने-चांदी की कीमतों पर पड़ता है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी कीमत डॉलर में तय होती है। हालांकि, इस बार वैश्विक मांग इतनी मजबूत रही कि कीमतों में तेजी बनी रही।
RBI का फैसला और बाजार पर असर
इस बीच, आरबीआई ने रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखा है। इस फैसले ने बाजार में स्थिरता का संकेत दिया और निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। ब्याज दरों में स्थिरता से सोने की कीमतों को अप्रत्यक्ष समर्थन मिलता है, क्योंकि कम ब्याज दरों के माहौल में गोल्ड जैसे नॉन-इंटरेस्ट एसेट्स अधिक आकर्षक हो जाते हैं।

कच्चे तेल में भारी गिरावट
कीमती धातुओं की तेजी के बीच कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड करीब 16 प्रतिशत गिरकर 91.88 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि यूएस WTI क्रूड लगभग 20 प्रतिशत टूटकर 91.05 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। तेल की कीमतों में यह गिरावट वैश्विक मांग और सप्लाई संतुलन में बदलाव के संकेत देती है, जिससे महंगाई पर भी असर पड़ सकता है।
शेयर बाजार में भी हरियाली
जहां एक ओर सोना-चांदी में तेजी रही, वहीं शेयर बाजार में भी सकारात्मक माहौल देखने को मिला। सेंसेक्स और निफ्टी 50 में करीब 4 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई। इस तेजी के पीछे दो बड़े कारण रहे-एक, युद्धविराम की घोषणा और दूसरा, आरबीआई द्वारा ब्याज दरों को स्थिर रखना।
‘ट्रुथ सोशल’ पोस्ट से बदला माहौल
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट करते हुए बताया कि उन्होंने अमेरिकी सेना को पीछे हटने के निर्देश दिए हैं। कुछ घंटों पहले दिए गए सख्त बयानों के बाद यह रुख बाजार के लिए बड़ा संकेत माना गया। इस बदलाव ने निवेशकों के मन में राहत तो दी, लेकिन पूरी तरह भरोसा अभी बहाल नहीं हुआ है। यही वजह है कि सोने-चांदी में तेजी बरकरार है।
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