करीब 3 करोड़ किसानों का भरोसा बना किसान सारथी, डिजिटल कृषि सलाह से बदल रही खेती की तस्वीर, 4767 वैज्ञानिक और 113 संस्थानों का नेटवर्क
खबर सार :-
किसान सारथी डिजिटल कृषि सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने वाली एक महत्वपूर्ण पहल बनकर उभरी है। करीब तीन करोड़ किसानों का इस मंच से जुड़ना इसकी उपयोगिता को दर्शाता है। वैज्ञानिक सलाह, सरकारी योजनाओं, मौसम अपडेट और स्थानीय भाषा में विशेषज्ञ मार्गदर्शन जैसी सुविधाएं किसानों को आधुनिक, टिकाऊ और लाभकारी खेती अपनाने में मदद कर रही हैं।
खबर विस्तार : -
Kisan Sarathi Digital platform: देश में कृषि क्षेत्र को डिजिटल तकनीक से जोड़ने की दिशा में केंद्र सरकार की पहल 'किसान सारथी' प्लेटफॉर्म तेजी से किसानों के बीच लोकप्रिय हो रही है। सरकार के अनुसार, इस डिजिटल कृषि सलाह मंच से अब तक 2.95 करोड़ किसान जुड़ चुके हैं, जिनमें 56.16 लाख महिला किसान भी शामिल हैं। इस प्लेटफॉर्म के जरिए किसानों को वैज्ञानिकों से सीधे कृषि परामर्श, मौसम संबंधी जानकारी, सरकारी योजनाओं का लाभ और आधुनिक खेती से जुड़ी सलाह मिल रही है।
सरकार ने सोमवार को जारी बयान में बताया कि जुलाई 2021 में शुरू किए गए इस एकीकृत डिजिटल कृषि सलाहकार मंच से 4,767 आईसीएआर वैज्ञानिक और 113 आईसीएआर संस्थान जुड़े हुए हैं। यह नेटवर्क किसानों और कृषि विशेषज्ञों के बीच संवाद का मजबूत माध्यम बनकर उभरा है। अब तक इस प्लेटफॉर्म पर 19.21 लाख कृषि संबंधी प्रश्नों का समाधान किया जा चुका है, जबकि 351 कृषि उत्पादों से जुड़ी 21,900 कृषि सलाह किसानों तक पहुंचाई गई हैं।
केवीके के जरिए सबसे ज्यादा पंजीकरण
सरकार के मुताबिक, किसान सारथी पर सबसे अधिक 2.89 करोड़ किसानों ने अपने नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) के माध्यम से पंजीकरण कराया। इसके अलावा 5.35 लाख किसानों ने किसान कॉल सेंटर, 21,517 किसानों ने मोबाइल एप, 2,416 किसानों ने वेब पोर्टल और 39,193 किसानों ने कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के जरिए प्लेटफॉर्म से जुड़कर सेवाओं का लाभ उठाया। यह आंकड़े बताते हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कृषि सेवाओं की स्वीकार्यता लगातार बढ़ रही है और किसान आधुनिक तकनीक को तेजी से अपना रहे हैं।
37 राज्यों और 6.63 लाख गांवों तक पहुंच
किसान सारथी की पहुंच अब देश के 37 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों, 768 जिलों तथा 6.63 लाख गांवों तक हो चुकी है। इससे किसानों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार समय पर कृषि सलाह उपलब्ध हो रही है। सरकार का कहना है कि यह प्लेटफॉर्म किसानों और वैज्ञानिकों के बीच की दूरी कम कर रहा है और अनुसंधान आधारित खेती को बढ़ावा दे रहा है।
दो-तरफा संवाद से मिल रही सटीक सलाह
इस प्लेटफॉर्म में इंटरैक्टिव इन्फॉर्मेशन डिसेमिनेशन सिस्टम (IIDS) का उपयोग किया गया है। इसकी मदद से किसान सीधे विशेषज्ञों से सवाल पूछ सकते हैं और उन्हें उनकी स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार जवाब मिलता है। इससे कृषि अनुसंधान संस्थानों द्वारा विकसित नई तकनीक और वैज्ञानिक जानकारी सीधे खेतों तक पहुंच रही है। सरकार का मानना है कि इससे खेती की उत्पादकता बढ़ाने और किसानों की आय में सुधार की दिशा में सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं।
13 भाषाओं में लाइव विशेषज्ञों से बातचीत
किसान सारथी की एक बड़ी विशेषता यह है कि किसान 13 क्षेत्रीय भाषाओं में विशेषज्ञों से लाइव बातचीत कर सकते हैं। इतना ही नहीं, किसान अपनी मातृभाषा में सवाल पूछकर उसी भाषा में समाधान भी प्राप्त कर सकते हैं। प्लेटफॉर्म पर कृषि से जुड़ा एक व्यापक ज्ञान भंडार (नॉलेज रिपॉजिटरी) भी उपलब्ध कराया गया है, जिससे किसान नई तकनीकों और बेहतर कृषि पद्धतियों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
सरकारी योजनाओं और मौसम अपडेट की भी सुविधा
यह प्लेटफॉर्म केवल कृषि सलाह तक सीमित नहीं है। किसानों को यहां 610 सरकारी योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाती है, जिनमें 102 योजनाएं केंद्र सरकार की हैं। साथ ही मौसम संबंधी अपडेट, विशेषज्ञों से ऑनलाइन परामर्श और अन्य कृषि सेवाएं भी एक ही मंच पर मिलती हैं। किसान सारथी को किसान कॉल सेंटर, कॉमन सर्विस सेंटर, भारत मौसम विज्ञान विभाग, मायस्कीम और भाषिनी जैसी राष्ट्रीय सेवाओं से जोड़ा गया है, जिससे किसानों को एकीकृत और भरोसेमंद जानकारी मिलती है।
फसल से लेकर पशुपालन तक हर क्षेत्र की जानकारी
इस डिजिटल मंच पर अनाज, दलहन, तिलहन, बागवानी, बागान और चारा फसलों से जुड़ी वैज्ञानिक सलाह उपलब्ध कराई जाती है। इसके अलावा पशुपालन, डेयरी, पोल्ट्री, मत्स्य पालन और अन्य संबद्ध कृषि गतिविधियों से संबंधित जानकारी भी किसानों को दी जाती है। इससे कृषि के साथ जुड़े सभी क्षेत्रों को एक ही मंच पर विशेषज्ञ मार्गदर्शन मिल रहा है। सरकार के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की संयुक्त पहल के तहत विकसित यह प्लेटफॉर्म भारतीय कृषि सांख्यिकी अनुसंधान संस्थान और डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन द्वारा संचालित किया जा रहा है। इससे देशभर में कृषि परामर्श का मजबूत राष्ट्रीय नेटवर्क तैयार हुआ है, जो किसानों को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप वैज्ञानिक और भरोसेमंद सलाह उपलब्ध करा रहा है।
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