SCO Summit 2025: हाथी और ड्रैगन एक साथ आए...पीएम मोदी से मिलने के बाद क्या कुछ बोले शी जिनपिंग

खबर सार :-
SCO Summit 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन 2025 से पहले चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक की। चीन ने भारत के साथ दोस्ती का हाथ बढ़ाने का साफ संकेत दिया है, हालांकि इसके पीछे की वजहें गहरी हैं।

SCO Summit 2025: हाथी और ड्रैगन एक साथ आए...पीएम मोदी से मिलने के बाद क्या कुछ बोले शी जिनपिंग
खबर विस्तार : -

PM Modi SCO Summit China: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे चीन के तियानजिन में है। जहां 7 साल बाद पीएम नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ( PM Modi vs Xi Jinping) एक मंच पर मिले। दोनों ने करीब 50 मिनट तक बातचीत की। द्विपक्षीय वार्ता में कैलाश मानसरोवर यात्रा, सीमा समझौते और दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार पर चर्चा हुई। साथ ही दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया गया। इस दौरान जिनपिंग ने कहा कि उन्हें पीएम मोदी से मिलकर खुशी हुई।

SCO Summit China: शी जिनपिंग  ने  क्या कुछ कहा

जिनपिंग ने कहा कि दोनों देशों का एक-दूसरे की सफलता में सहायक भागीदार बनना सही है। ड्रैगन और हाथी एक साथ आए। चीन और भारत दो प्राचीन सभ्यताएं हैं। हम दुनिया के दो सबसे अधिक आबादी वाले देश हैं। हम ग्लोबल साउथ के भी महत्वपूर्ण सदस्य हैं। हम दोनों अपने लोगों के कल्याण और मानव समाज की प्रगति को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक सुधार लाने की ऐतिहासिक जिम्मेदारी निभाते हैं।

इससे पहले, पीएम मोदी ने गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा, मैं आपका हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। पिछले वर्ष कज़ान में हमारी बहुत ही सार्थक चर्चा हुई थी। हमारे संबंधों को सकारात्मक दिशा मिली है। सीमा से सैनिकों की वापसी के बाद, शांति और स्थिरता का वातावरण बना हुआ है। हमारे विशेष प्रतिनिधियों के बीच सीमा मुद्दे पर सहमति बन गई है।

 कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू हो गई है। दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें भी फिर से शुरू हो रही हैं। साथ ही, पीएम मोदी ने यह भी कहा कि दोनों देशों के 2.8 अरब लोगों के हित हमारे सहयोग से जुड़े हैं। इससे संपूर्ण मानवता के कल्याण का मार्ग भी प्रशस्त होगा। हम आपसी विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता के आधार पर अपने संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

चीन ने दोस्ती का हाथ बढ़ाने का साफ संकेत

गौरतलब है कि जिनपिंग का यह बयान चीन द्वारा दोस्ती का हाथ बढ़ाने का साफ संकेत है, लेकिन इसके पीछे की वजहें गहरी हैं। तियानजिन में मौजूद पालकी शर्मा ने बताया कि चीन सुस्त अर्थव्यवस्था की गिरफ्त में है। उसकी विकास दर उम्मीद से कम है और शी जिनपिंग की ताकत पर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में चीन के लिए भारत जैसे बड़े बाज़ार के साथ रिश्ते सुधारना ज़रूरी हो गया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि डोनाल्ड ट्रंप के 50% टैरिफ ने दोनों देशों को हिलाकर रख दिया है, जिसके चलते चीन भारत के साथ मिलकर ग्लोबल साउथ को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। ट्रंप के व्यापार युद्ध से बचने के लिए चीन भारत को और करीब लाना चाहता है, ताकि वैकल्पिक व्यापार रास्ते खुल सकें।

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