Nepal Protest: नेपाल में राजनीतिक संकट ने विकराल रूप ले लिया है, जिससे देश में अस्थिरता और हिंसा फैल गई है। बुधवार, 7 अक्टूबर 2025 को, प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के बाद राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया। यह इस्तीफे ऐसे समय में हुए जब राजधानी काठमांडू सहित पूरे नेपाल में युवा प्रदर्शनकारी उग्र हो गए थे। उनके विरोध का कारण सरकार के भ्रष्टाचार, आंतरिक कलह, और प्रशासनिक असमर्थता थी। प्रदर्शनकारियों ने सत्ता की खामियों और शासन के खिलाफ अपनी आवाज उठाने के लिए सड़कों पर उतरकर कई महत्वपूर्ण संस्थानों पर हमले किए। इस हिंसक आंदोलन में अब तक 22 लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं।
काठमांडू में सोमवार को जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की, तो स्थिति और भी बिगड़ गई। पुलिस की गोलियों से 20 छात्र प्रदर्शनकारी मारे गए, जबकि 400 से अधिक लोग घायल हो गए। प्रदर्शनकारी, जो मुख्य रूप से युवा और छात्र थे, ने न केवल पुलिस के खिलाफ बल्कि सरकार के खिलाफ भी कड़ा विरोध जताया। उनका आरोप था कि नेपाल के नेताओं ने उनके भविष्य से खिलवाड़ किया है और जनता की उम्मीदों के साथ धोखा किया है। काठमांडू के कालिमाटी इलाके में मंगलवार को पुलिस की गोलीबारी में दो और युवाओं की जान चली गई, जिससे मरने वालों की संख्या बढ़कर 22 तक पहुँच गई। प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन, नेताओं के आवास और सरकारी दफ्तरों पर हमला किया, जहां कई जगह आगजनी और तोड़फोड़ की गई।
स्थिति को काबू में करने के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। सुरखेत जिले में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू किया गया है। काठमांडू और अन्य प्रमुख शहरों में सेना और पुलिस बल तैनात किए गए हैं। इसने देश में एक भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है, और अधिकांश शहरों में जीवन सामान्य से बहुत दूर है।
नेपाल में सत्ता परिवर्तन और तख्तापलट की इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगले कुछ दिनों में देश की बागडोर किसके हाथ में आएगी। क्या सेना पूरी तरह से सत्ता पर काबिज हो जाएगी, या फिर एक नए नेतृत्व के साथ लोकतांत्रिक प्रक्रिया फिर से शुरू होगी? इस बीच, काठमांडू में लोग अगले फैसले का इंतजार कर रहे हैं। आम जनता के जीवन में अस्थिरता और अराजकता व्याप्त है, और राजनीतिक भविष्य अनिश्चित बना हुआ है।
काठमांडू के मेयर बालेंद्र शाह, जिनका नाम अब नेपाल की राजनीति में तेजी से सामने आ रहा है, को लेकर जनता के बीच बहुत उत्साह है। जनता उन्हें नेपाल में अंतरिम प्रधानमंत्री बनाने की मांग कर रही है। इस बीच बालेंद्र ने जनता ने शांति बनाए रखने की अपील भी की है। 2022 में काठमांडू के मेयर के तौर पर चुनाव जीतने के बाद बालेंद्र शाह ने राजनीति में एक नई दिशा दी। वह एक युवा नेता हैं, जिन्होंने काठमांडू में नागरिकों के लिए कई सुधारात्मक कदम उठाए, जैसे कि सड़कों की सफाई और टैक्स चोरी के खिलाफ कार्रवाई। उनकी इस कार्यशैली ने उन्हें खासकर युवाओं में एक आदर्श बना दिया है।
नेपाल की बिगड़ती स्थिति पर भारत ने गंभीर चिंता जताई है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपनी नागरिकों को नेपाल यात्रा स्थगित करने की सलाह दी है। जो लोग पहले से नेपाल में मौजूद हैं, उन्हें स्थानीय प्रशासन और भारतीय दूतावास से सुरक्षा सलाहों का पालन करने का निर्देश दिया गया है। भारतीय दूतावास ने संकट की स्थिति में हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में भारतीय नागरिक सहायता प्राप्त कर सकें। भारत ने नेपाल में मारे गए प्रदर्शनकारियों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना जताई है और उम्मीद की है कि नेपाल जल्द ही शांति और स्थिरता की ओर बढ़ेगा।
अन्य प्रमुख खबरें
Trump की धमकी से दुनिया में हड़कंपः बोले- “आज रात खत्म हो सकती है एक सभ्यता”
UAE ने अपना कर्ज वापस मांगा तो बौखलाया पाकिस्तान, जानें 'अखंड भारत' का जिक्र कर क्या बोला पाक
US-Israel Iran War: अमेरिका-ईरान में अगले 48 घंटे में होगा सीजफायर ! युद्ध खत्म करने का अंतिम मौका
US-Iran War: खतरनाक ऑपरेशन चलाकर अमेरिका ने किया अपने पायलट का रेस्क्यू, ट्रंप ने दी पूरी जानकारी
Middle East Crisis: WHO ने बताया अब तक कितना हुआ नुकसान, इस बात पर दिया जोर
US Israel Iran War: टूटा अमेरिका का घमंड ! ईरान ने F-15 के बाद A-10 फाइटर जेट को भी मार गिराया
Middle East Crisis: पाकिस्तान का हाल बेहाल, विशेषज्ञ बोले और बढ़ेगा संकट