LPG Supply India : मध्य पूर्व (Middle East) में बढ़ते तनाव और युद्ध की परिस्थितियों ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को हिलाकर रख दिया है। इसका असर भारत की रसोई तक न पहुंचे, इसके लिए केंद्र सरकार ने कमर कस ली है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत अब अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए केवल पारंपरिक खाड़ी देशों पर निर्भर नहीं है, बल्कि अमेरिका जैसे देशों से भी एलपीजी का आयात बढ़ा दिया गया है।
गुरुवार को नई दिल्ली में एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने देश की ऊर्जा सुरक्षा पर अहम जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि हालांकि युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर चिंताएं हैं, लेकिन भारत में आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है। उन्होंने कहा, "हमने अपनी आयात रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। अब भारत का लगभग 70 प्रतिशत कच्चा तेल मिडिल ईस्ट के बाहर के देशों जैसे अमेरिका, रूस और नाइजीरिया से आ रहा है। यह विविधता हमें किसी भी क्षेत्रीय संकट के प्रभाव से बचाने में मदद कर रही है।"
देश के ऊर्जा संकट को लेकर फैल रही भ्रांतियों के बीच, सरकार ने आम जनता को आश्वस्त करते हुए साफ किया है कि भारत में एलपीजी की कोई कमी नहीं है। पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, गैस वितरण प्रणाली न केवल सुचारू है, बल्कि अब पहले से कहीं अधिक पारदर्शी और डिजिटल हो चुकी है। मंत्रालय ने बताया कि वर्तमान में ऑनलाइन बुकिंग की दर रिकॉर्ड 94 प्रतिशत तक पहुँच गई है, जो यह दर्शाता है कि उपभोक्ता अब घर बैठे आसानी से अपनी जरूरतें पूरी कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए 83 प्रतिशत सिलेंडरों की डिलीवरी अब सुरक्षा कोड (DAC) के माध्यम से की जा रही है, जिससे बिचौलियों और धोखाधड़ी की गुंजाइश खत्म हो गई है।
बाजार में स्थिरता का एक बड़ा प्रमाण यह भी है कि बुधवार को देशभर में लगभग 57 लाख रिफिल बुकिंग दर्ज की गईं। यह संख्या स्पष्ट करती है कि पिछले कुछ दिनों से देखी जा रही 'पैनिक बुकिंग' यानी घबराहट में की जाने वाली अतिरिक्त बुकिंग अब काफी कम हो गई है। सिलेंडर की सामान्य होती डिलीवरी और बढ़ती डिजिटल पहुंच ने उपभोक्ताओं के बीच यह विश्वास जगाया है कि आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह सुरक्षित है, और किसी भी प्रकार की जमाखोरी या चिंता की कोई आवश्यकता नहीं है।
सरकार अब उपभोक्ताओं को एलपीजी सिलेंडर के विकल्प के रूप में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन दिनों में ही 5,600 से अधिक उपभोक्ताओं ने एलपीजी छोड़कर पीएनजी कनेक्शन को अपनाया है। वर्तमान में देश में घरेलू पीएनजी और सीएनजी की आपूर्ति 100 प्रतिशत सुचारू रूप से चल रही है।
आपूर्ति में बाधा की अफवाहों का अनुचित लाभ उठाने वाले जमाखोरों और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ केंद्र सरकार ने अब बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि संकट की स्थिति में आम जनता को परेशान करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इसी क्रम में सभी राज्यों को कड़े निर्देश जारी किए गए, जिसके बाद देशभर में एक व्यापक अभियान चलाकर बुधवार को करीब 6,000 से अधिक संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की गई।
इस कार्रवाई का सबसे बड़ा असर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्यों में देखने को मिला है। उत्तर प्रदेश में प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए 1,100 स्थानों पर छापे मारे, जहाँ से नियमों का उल्लंघन करने वाले 1,000 गैस सिलेंडर जब्त किए गए। वहीं, मध्य प्रदेश में भी प्रशासन ने आक्रामक रुख अपनाते हुए 1,632 छापेमारी की कार्यवाहियों को अंजाम दिया, जिसमें कुल 2,300 सिलेंडर कब्जे में लिए गए। निगरानी व्यवस्था को और अधिक पुख्ता बनाने के उद्देश्य से अब तक 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किए जा चुके हैं, साथ ही जिला स्तर पर निगरानी समितियों के माध्यम से पल-पल की रिपोर्ट ली जा रही है ताकि वितरण प्रणाली में किसी भी प्रकार की सेंधमारी न हो सके।
ऊर्जा सुरक्षा के साथ-साथ सरकार की नजर समुद्री व्यापार मार्गों पर भी है। पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि फारस की खाड़ी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे संवेदनशील इलाकों में मौजूद सभी भारतीय जहाज और नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं। वर्तमान में 22 भारतीय जहाज उस क्षेत्र में हैं और सरकार पल-पल की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। पिछले 24 घंटों में 16 नाविक सुरक्षित रूप से अपना कार्यकाल पूरा कर स्वदेश लौट चुके हैं। भारत सरकार की सक्रियता यह साफ करती है कि वैश्विक अस्थिरता के बावजूद देश की ऊर्जा जरूरतें प्रभावित नहीं होने दी जाएंगी। आयात का विविधीकरण और घरेलू स्तर पर पारदर्शी वितरण प्रणाली भविष्य में किसी भी बड़े संकट से निपटने का मजबूत आधार तैयार कर रही है।
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