Pakistan: 4 महीने में खसरे से 71 बच्चों की मौत, सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े

खबर सार :-
पाकिस्तान में 2026 की शुरुआत से अब तक खसरे से 71 बच्चों की जान चली गई है। माना जा रहा है कि इसका असर पूरी दुनिया में संक्रामक बीमारियों को रोकने की कोशिशों पर भी पड़ेगा।

Pakistan: 4 महीने में खसरे से 71 बच्चों की मौत, सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े
खबर विस्तार : -

इस्लामाबाद: 2026 में पाकिस्तान में खसरे से अब तक 71 बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि सरकार 'विश्व टीकाकरण सप्ताह' के दौरान स्वास्थ्य साक्षरता बढ़ाने और टीकों के बारे में जानकारी फैलाने के लिए जागरूकता अभियान चला रही है।

इससे दुनियाभर में संक्रामक बीमारियों को रोकने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों पर भी असर पड़ने की आशंका है। खसरा एक बहुत ज्यादा फैलने वाली बीमारी है और दुनियाभर में छोटे बच्चों की मौत का एक मुख्य कारण बनी हुई है। इस बीमारी से बचाव टीकाकरण के जरिए किया जा सकता है। 

जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत 

पाकिस्तान उन दस देशों में शामिल है, जहां ‘जीरो डोज’ बच्चों की संख्या सबसे ज्यादा है। इसलिए, बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाने की तत्काल जरूरत है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हर बच्चे को उसका टीका लग जाए। टीकाकरण अभियानों के दौरान, पाकिस्तान सरकार सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्रों पर MR (खसरा और रूबेला) टीका मुफ्त में उपलब्ध कराती है। 

दस लाख से ज्यादा ‘जीरो डोज’ बच्चे

पाकिस्तान के एक प्रमुख अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून में छपे एक लेख में जानकारी दी गई कि बहुत से लोग टीका लगवाने में हिचकिचाते हैं, जिससे समस्या और बढ़ जाती है।लेख में बताया गया है कि पाकिस्तान में अभी भी दस लाख से ज्यादा ‘जीरो डोज’ बच्चे हैं—यानी ऐसे बच्चे जिन्हें कभी किसी भी तरह का टीका नहीं लगा है। जहां कुछ इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच की कमी है, वहीं कई अन्य मामलों में टीकों को लेकर डर और गलतफहमियां अक्सर स्वास्थ्य सेवाओं में मुख्य बाधाएं बनती हैं।

सिंध में हुईं सबसे ज्यादा मौतें

सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए, अखबार डॉन ने बताया कि 2026 के पहले चार महीनों में पाकिस्तान में खसरे से 71 बच्चों की मौत हुई। सबसे ज्यादा 40 मौतें सिंध में हुईं। इसके बाद पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा में 12-12 मौतें हुईं, जबकि बलूचिस्तान में चार मौतें दर्ज की गईं। कुल मिलाकर 2026 के पहले चार महीनों में पूरे पाकिस्तान में खसरे के 4,541 मामले सामने आए। इनमें से 1,712 मामले खैबर पख्तूनख्वा में, 1,198 पंजाब में, 1,183 सिंध में, 17 बलूचिस्तान में, 55 इस्लामाबाद में, 151 पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर में और 45 पाकिस्तान-अधिकृत गिलगित-बाल्टिस्तान में दर्ज किए गए।

अन्य प्रमुख खबरें