फागोत्सव के दौरान मंदिर परिसर में चंग की थाप पर थिरकेंगे श्रद्धालु, तैयारी पूरी

खबर सार :-
मंदिर प्रशासन ने फागोत्सव को सफल और सुचारू रूप से सम्पन्न कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं कर ली हैं। सुरक्षा, साफ-सफाई, पार्किंग और भीड़ नियंत्रण के लिए पर्याप्त कर्मचारी और स्वयंसेवक तैनात किए गए हैं।

फागोत्सव के दौरान मंदिर परिसर में चंग की थाप पर थिरकेंगे श्रद्धालु, तैयारी पूरी
खबर विस्तार : -

झुंझुनूः उदयपुरवाटी निकटवर्ती धार्मिक तीर्थ स्थल लोहार्गल धाम में स्थित सिद्ध पीठ श्री वेंकटेश बालाजी मंदिर परिसर में कल, 8 फरवरी को भव्य फागोत्सव मनाया जाएगा। इस वर्ष भी फागोत्सव को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं और मंदिर प्रशासन ने हर व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया है। मंदिर के श्री श्री 1008 वेंकटेश लोहार्गल पीठाधीश्वर स्वामी अश्विनी आचार्य महाराज ने संवाददाता को जानकारी देते हुए बताया कि फागोत्सव के अवसर पर मंदिर परिसर में रंगों और फूलों से भगवान का भव्य श्रृंगार किया जाएगा।

सुबह आरती के बाद शुरू होगा कार्यक्रम

अश्विनी आचार्य महाराज के अनुसार, सुबह भगवान की अर्चना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। इसके बाद महा आरती का आयोजन किया जाएगा और मंदिर परिसर में ज्योत प्रज्वलित होगी। इस अवसर पर शेखावाटी के सुप्रसिद्ध भजन गायक भक्तजन के लिए भजनों की रसगंगा प्रवाहित करेंगे, जिससे वातावरण भक्तिमय और उल्लासपूर्ण हो जाएगा।

फागोत्सव के दौरान मंदिर परिसर में रंगों और फूलों की होली खेली जाएगी। श्रद्धालु एक-दूसरे पर गुलाल लगाकर होली की परंपरा का आनंद लेंगे और भगवान वेंकटेश बालाजी की भक्ति में लीन होंगे। यह आयोजन प्रत्येक वर्ष बड़े धूमधाम से आयोजित किया जाता है और इस अवसर पर शेखावाटी के कोने-कोने से श्रद्धालु उत्साहपूर्वक भाग लेने के लिए आते हैं।

 विशेष भंडारे का होगा आयोजन

अश्विनी आचार्य महाराज ने बताया कि फागोत्सव के दौरान मंदिर में विशेष भंडारे का भी आयोजन किया जाएगा। इसमें उपस्थित श्रद्धालु प्रसादी ग्रहण करेंगे और आयोजन का आनंद लेंगे। भंडारे में प्रसादी वितरण के लिए विशेष व्यवस्था की गई है ताकि सभी श्रद्धालु सहज रूप से प्रसादी प्राप्त कर सकें। इस अवसर पर बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों के लिए विशेष मनोरंजन और आयोजन भी तैयार किए गए हैं।

फागोत्सव केवल होली का त्यौहार ही नहीं है, बल्कि यह वेंकटेश बालाजी के प्रति भक्ति और श्रद्धा का प्रतीक भी है। रंगों और फूलों की होली, भजन-कीर्तन, महा आरती और भंडारे के माध्यम से यह आयोजन भक्तों के लिए आध्यात्मिक आनंद और उत्सव का अनोखा अनुभव प्रस्तुत करता है।

इस प्रकार, 8 फरवरी को श्री वेंकटेश बालाजी मंदिर में आयोजित फागोत्सव न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह क्षेत्रीय संस्कृति और सामाजिक मिलन का भी एक बड़ा अवसर है। मंदिर प्रशासन और भक्तजन मिलकर इसे भव्य और यादगार बनाने में जुटे हुए हैं।
 

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