पीलीभीत: विकास कार्यों में घोटाले का आरोप, शिकायत के बाद ग्रामीणों को धमकाया

खबर सार :-
घोटाले की शिकायत दर्ज होने के बाद प्रधान ग्रामीणों से नाराज है। खबर है कि महिला केयरटेकर पर शिकायत वापस लेने के लिए धमकियां दी जा रही हैं, जिसमें SC/ST एक्ट के तहत झूठा केस करने और झूठा रेप केस करने की धमकियां भी शामिल हैं। इससे गांव वालों में डर का माहौल बन गया है।

पीलीभीत: विकास कार्यों में घोटाले का आरोप, शिकायत के बाद ग्रामीणों को धमकाया
खबर विस्तार : -

पीलीभीत (पूरनपुर): पीलीभीत जिले के पूरनपुर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत बुढ़िया इटौरिया में सरकारी धन के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव एवं पंचायत सहायक अशोक कुमार पर विकास कार्यों के नाम पर बड़े पैमाने पर घोटाले का आरोप लगाया है।

विकास के नाम पर निकाली गई भारी धनराशि

ग्रामीणों का कहना है कि सरकार द्वारा ग्राम पंचायत को प्राप्त धनराशि का उपयोग वास्तविक विकास कार्यों में न करके स्ट्रीट लाइट, साफ-सफाई, नल रिबोर और अन्य निर्माण कार्यों के नाम पर भारी धनराशि निकाल ली गई। आरोप है कि इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण के दौरान नालियों में नई सामग्री की जगह पुरानी ईंटों का प्रयोग कराया गया।

इस संबंध में एक दर्जन से अधिक ग्रामीणों ने जिला अधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह के समक्ष शपथ पत्र के साथ लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला अधिकारी ने ग्राम पंचायत में कराए गए विकास कार्यों की जांच के लिए समिति गठित करने तथा आरोप सही पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध कार्रवाई का आश्वासन दिया।

ग्रामीणों को धमकाने का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि जैसे ही शिकायत की जानकारी ग्राम प्रधान और पंचायत सहायक को हुई, वे आगबबूला हो गए और शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने लगे। ग्रामीणों द्वारा शिकायत वापस लेने से इनकार करने पर कथित रूप से उन्हें धमकियां दी जाने लगीं।

आरोप है कि ग्राम प्रधान ने एक महिला केयरटेकर को आगे कर ग्रामीणों को डराने का प्रयास किया। ग्रामीणों के अनुसार महिला केयरटेकर ने फोन पर एससी/एसटी एक्ट, बलात्कार और फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी दी, जिससे गांव में दहशत का माहौल बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें शिकायत वापस लेने या आगे बढ़ाने को लेकर मानसिक दबाव में डाला जा रहा है।

निष्पक्ष जांच का आश्वासन

धमकियों से भयभीत न होकर कई ग्रामीण एकजुट होकर पुलिस अधीक्षक सुकृति माधव मिश्रा के पास पहुंचे और पूरे मामले की लिखित शिकायत दी। पुलिस अधीक्षक ने ग्रामीणों की बात सुनकर मामले की गहन जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

अब सवाल यह उठता है कि ग्राम पंचायत में हुए कथित घोटाले की जांच निष्पक्ष रूप से होगी या यह मामला भी अन्य मामलों की तरह औपचारिकता बनकर रह जाएगा। ग्रामीणों की निगाहें अब जिला प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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