श्रीगंगानगर के इस स्कूल ने रचा इतिहास, जिले का बढ़ाया गौरव

खबर सार :-
श्री गंगानगर के 'आत्म वल्लभ जैन पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल' ने इतिहास रच दिया है। स्कूल ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए राजस्थान बोर्ड की कक्षा 10वीं की परीक्षा के परिणामों में एक ऐतिहासिक जीत हासिल की है।

श्रीगंगानगर के इस स्कूल ने रचा इतिहास, जिले का बढ़ाया गौरव
खबर विस्तार : -

श्रीगंगानगरः “कुछ लोग सफलता का सपना देखते हैं, जबकि कुछ लोग हर सुबह उठकर उसे पूरा करते हैं”, इस कथन को साकार करते हुए श्रीगंगानगर के आत्म वल्लभ जैन पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल ने राजस्थान बोर्ड की कक्षा 10वीं परीक्षा सत्र 2025-26 के परिणामों में ऐतिहासिक सफलता दर्ज की है। विद्यालय की छात्राओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए न केवल स्कूल बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है।

विद्यार्थियों ने बढ़ाया गौरव

विद्यालय की प्रतिभाशाली छात्रा ओजस्वी सिंघल ने 98.33 प्रतिशत अंक प्राप्त कर श्रीगंगानगर शहर में प्रथम स्थान हासिल किया। साथ ही उन्होंने जिला स्तर पर पांचवां और राजस्थान राज्य स्तर पर दसवां स्थान प्राप्त कर विद्यालय की उपलब्धियों में नया अध्याय जोड़ा। उनकी इस शानदार सफलता ने अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का कार्य किया है।

इसी क्रम में जिज्ञासा ने 96.17 प्रतिशत तथा हार्दियंशी सेठी ने 95.33 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय का गौरव बढ़ाया। इस सत्र में कुल 22 विद्यार्थियों ने कक्षा 10वीं की परीक्षा दी, जिनमें से सभी 22 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण हुए। विशेष बात यह रही कि इनमें से 14 छात्राओं का चयन गार्गी पुरस्कार के लिए हुआ, जो विद्यालय के लिए गर्व का विषय है।

विद्यालय की प्रधानाचार्य ने दी बधाई

इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर जिला शिक्षा प्रशासन और स्थानीय प्रबुद्धजनों ने प्रसन्नता व्यक्त की है। शिक्षाविदों का मानना है कि विद्यार्थियों की सफलता के पीछे शिक्षकों का समर्पण, नियमित टेस्ट सीरीज और सटीक मार्गदर्शन प्रमुख कारण रहे हैं। विद्यालय प्रबंधन ने भी इस उपलब्धि को सामूहिक प्रयास का परिणाम बताया।

विद्यालय की प्रधानाचार्य ममता अरोड़ा जैन और व्यवस्थापक मुकेश सेठी ने सभी सफल विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों की मेहनत, अनुशासन और शिक्षकों के मार्गदर्शन का प्रतिफल है।

विद्यालय के प्रत्येक छात्र ने यह सिद्ध कर दिया कि दृढ़ संकल्प, नियमित अभ्यास और सकारात्मक सोच से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। यह उपलब्धि न केवल विद्यालय के लिए गर्व का विषय है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी।
 

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