पत्रकारों ने रचा सामाजिक सरोकार का इतिहास, जरूरतमंदों के खिले चेहरे

खबर सार :-
77वें गणतंत्र दिवस पर ओबरा नगर में अखिल भारतीय समाचार पत्र एसोसिएशन के कार्यालय में राष्ट्रभक्ति और सामाजिक सेवा का अनुपम उदाहरण देखने को मिला। ध्वजारोहण के बाद पत्रकारों ने जरूरतमंद बच्चों को शिक्षण सामग्री वितरित की। कार्यक्रम ने पत्रकारिता की सामाजिक जिम्मेदारी और शिक्षा के महत्व को सशक्त रूप से उजागर किया।

पत्रकारों ने रचा सामाजिक सरोकार का इतिहास, जरूरतमंदों के खिले चेहरे
खबर विस्तार : -

सोनभद्र: 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर ओबरा नगर के डिग्री कॉलेज शारदा मंदिर रोड स्थित ओबरा फ्यूल पंप के सामने अखिल भारतीय समाचार पत्र एसोसिएशन कार्यालय में राष्ट्रभक्ति, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व का अद्भुत संगम देखने को मिला। 

अखिल भारतीय समाचार पत्र एसोसिएशन, लक्ष्य समग्र समाचार पत्र, सहज स्वरूप एवं दैनिक कर्मठ समाचार पत्र के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि पत्रकारिता केवल समाचार संकलन तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के प्रति दायित्व निभाने का सशक्त माध्यम भी है। 

कार्यक्रम की शुरुआत भव्य ध्वजारोहण के साथ हुई। जिला ब्यूरो मुस्ताक अहमद, किरण गौड़ एवं किरण साहनी सहित संस्था के सभी पदाधिकारी व सदस्यों ने तिरंगे को सलामी दी। भारत माता की जय और वंदे मातरम् के गगनभेदी नारों से पूरा वातावरण देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत हो गया और उपस्थित लोगों के मन गर्व से भर उठे।

ध्वजारोहण के पश्चात कार्यक्रम ने सामाजिक सरोकार की नई ऊँचाई छुई। पत्रकारों ने मानवता और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए असहाय एवं जरूरतमंद बच्चों के बीच कॉपी, किताब, पेंसिल और रबर का वितरण किया। शिक्षा सामग्री पाकर बच्चों के चेहरों पर उभरी मुस्कान ने हर उपस्थित व्यक्ति को भावुक कर दिया।

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा ही सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित भारत की सबसे मजबूत नींव है। यदि देश का हर बच्चा शिक्षित होगा, तभी संविधान के सपनों का भारत साकार होगा। पत्रकारों ने बच्चों को नियमित पढ़ाई, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के दौरान यह भी कहा गया कि असहाय बच्चों की मदद करना और उन्हें शिक्षा से जोड़ना ही गणतंत्र दिवस मनाने का सच्चा अर्थ है। 

समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुँचाना ही संविधान की मूल भावना है। इस आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया कि पत्रकार केवल खबरों के वाहक नहीं, बल्कि समाज के पथप्रदर्शक, संवेदनशील प्रहरी और सच्चे राष्ट्रसेवक भी हैं। शिक्षा और सेवा के इस अनूठे प्रयास ने क्षेत्र में एक सकारात्मक संदेश दिया और आने वाले समय में ऐसे और सामाजिक कार्यक्रमों की प्रेरणा भी प्रदान की।

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