श्रीगंगानगर: राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में एलपीजी गैस की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने और अवैध कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, जयपुर के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए जिला प्रशासन ने जिले भर की गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण शुरू कर दिया है। जिला कलक्टर के आदेश पर उपखण्ड अधिकारियों और प्रवर्तन स्टाफ की टीमों ने विभिन्न वितरण केंद्रों की जमीनी हकीकत परखी।
जिला रसद अधिकारी (DS0) कविता के नेतृत्व में प्रवर्तन जांच दल ने शहर की प्रमुख एजेंसियों, जिनमें गंगानगर सहकारी उपभोक्ता भंडार लिमिटेड (इण्डेन) और शहीद नवपाल इण्डेन गैस एजेंसी शामिल हैं, का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने स्टॉक रजिस्टर, डिलीवरी रिकॉर्ड और बुकिंग रसीदों की बारीकी से जांच की। राहत की बात यह रही कि निरीक्षण के समय किसी भी एजेंसी पर उपभोक्ताओं की अनावश्यक भीड़ नहीं मिली और व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चलती पाई गईं।
निरीक्षण के दौरान पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जांच दल ने मौके पर मौजूद उपभोक्ताओं से सेवाओं के बारे में फीडबैक लिया। इतना ही नहीं, जिन उपभोक्ताओं को हाल ही में सिलेंडर डिलीवर किए गए थे, उन्हें रैंडम आधार पर फोन करके आपूर्ति की पुष्टि भी की गई। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उपभोक्ताओं को निर्धारित समय पर और सही दाम में गैस उपलब्ध हो।
गैस वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने और उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला रसद अधिकारी ने बुकिंग के नियमों में हुए महत्वपूर्ण बदलावों की जानकारी दी है। नए प्रावधानों के अनुसार, अब गैस सिलेंडर की दोबारा बुकिंग के लिए एक निश्चित समय सीमा निर्धारित की गई है, जिसके तहत शहरी क्षेत्रों के उपभोक्ता 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ता 45 दिन के अंतराल पर ही अपना अगला सिलेंडर बुक करा सकेंगे। प्रक्रिया को डिजिटल और सुरक्षित बनाने के लिए अब केवल पंजीकृत मोबाइल नंबर, व्हाट्सएप, आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप के माध्यम से ही बुकिंग स्वीकार की जाएगी, जिसमें ओटीपी (OTP) आधारित प्रमाणीकरण अनिवार्य होगा।
यही नहीं, सिलेंडर की डिलीवरी को प्रमाणित करने के लिए 'डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड' (DAC) की व्यवस्था लागू की गई है। इसके अंतर्गत उपभोक्ता के मोबाइल पर प्राप्त कोड को सिस्टम में दर्ज करना और गैस डायरी में प्रविष्टि करना अनिवार्य होगा, तभी वितरण की प्रक्रिया को पूर्ण माना जाएगा। यदि कोई उपभोक्ता अपना पंजीकृत मोबाइल नंबर बदलना चाहता है, तो उसे अब अनिवार्य रूप से आधार ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया से गुजरना होगा।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी उपभोक्ता को गैस आपूर्ति में देरी, निर्धारित दर से अधिक दाम वसूलने या बुकिंग प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या का सामना करना पड़ता है, तो वे सीधे विभाग से संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए प्रशासन ने विशेष हेल्पलाइन नंबर और कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं। उपभोक्ता अपनी समस्याओं के समाधान हेतु जिला कंट्रोल रूम के नंबरों 8560970007, 9672902929, और 7568583037 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, राज्य स्तर पर टोल फ्री नंबर 181 और उपभोक्ता मामलात विभाग की समर्पित हेल्पलाइन 14435 पर भी संपर्क किया जा सकता है। अधिकारियों का मानना है कि विभाग की इस मुस्तैदी और कड़ी निगरानी से जिले में गैस की कालाबाजारी पर पूरी तरह से अंकुश लगेगा, जिससे आम जनता को पारदर्शी और सुगम सेवाएं मिल सकेंगी।
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