Jhansi Division Railway ACP Action 2026 : ट्रेन की चेन खींचने वालों पर रेलवे का कड़ा प्रहार, 4 महीने में 597 गिरफ्तार

खबर सार :-
Jhansi Division Railway ACP Action 2026 : झांसी मंडल में अनावश्यक ट्रेन चेन पुलिंग पर रेलवे की बड़ी कार्रवाई। 4 माह में 597 गिरफ्तार और 1.74 लाख का जुर्माना। जानें क्या हैं रेलवे के नए सख्त नियम।

Jhansi Division Railway ACP Action 2026 : ट्रेन की चेन खींचने वालों पर रेलवे का कड़ा प्रहार, 4 महीने में 597 गिरफ्तार
खबर विस्तार : -

झांसी:  भारतीय रेल की रफ्तार में अड़ंगा डालने वाले अराजक तत्वों के खिलाफ झांसी मंडल ने अब सीधी जंग छेड़ दी है। अक्सर अपनी निजी सुविधा के लिए चलती ट्रेन को रोकने वाले यात्रियों की लापरवाही अब उन्हें भारी पड़ रही है। झांसी मंडल रेल प्रबंधक (DRM) अनिरुद्ध कुमार के सख्त रुख के बाद, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने पिछले चार महीनों में ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए सैकड़ों लोगों को सलाखों के पीछे पहुँचाया है।

 Jhansi Division Railway ACP Action 2026 : आंकड़ों में रेलवे की स्ट्राइक, 1.74 लाख का वसूला जुर्माना

रेलवे द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 1 जनवरी 2026 से 30 अप्रैल 2026 के बीच झांसी मंडल के विभिन्न स्टेशनों और रेल खंडों पर अलार्म चेन पुलिंग (ACP) की कुल 1,964 घटनाएं सामने आईं। इन घटनाओं ने न केवल रेलवे के टाइम-टेबल को बिगाड़ा, बल्कि हजारों अन्य यात्रियों की परेशानी भी बढ़ाई। RPF ने मुस्तैदी दिखाते हुए इन मामलों में 597 आरोपियों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई यहीं नहीं रुकी; एक आरोपी की हरकत इतनी गंभीर पाई गई कि उसे सीधे जेल की हवा खानी पड़ी। रेलवे ने इन लापरवाह यात्रियों की जेब पर भी प्रहार किया है और अब तक कुल 1,74,235 का जुर्माना वसूला जा चुका है।

 Jhansi Division Railway ACP Action 2026 : क्यों सिरदर्द बनी है चेन पुलिंग?

अनावश्यक चेन पुलिंग रेलवे के सुचारु संचालन के लिए एक बड़ा सिरदर्द बन चुकी है। रेल प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश मामलों में देखा गया है कि यात्री बेहद मामूली और निजी कारणों से ट्रेन की रफ्तार पर ब्रेक लगा देते हैं। इसमें अक्सर किसी साथी के स्टेशन पर छूट जाने, प्लेटफॉर्म आने से पहले ही अपनी सुविधा के अनुसार उतरने की जल्दी या फिर महज आलस जैसे कारण सामने आते हैं। यात्रियों की यह छोटी सी लापरवाही पूरी रेलवे व्यवस्था के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर देती है। एक बार किसी बोगी से चेन खिंचने पर न केवल वह विशेष ट्रेन बीच रास्ते में खड़ी हो जाती है, बल्कि उसके पीछे आ रही तमाम अन्य गाड़ियों का सिग्नल और समय सारिणी भी पूरी तरह प्रभावित होती है। परिचालन में आने वाली इस बाधा के साथ-साथ सुरक्षा का जोखिम भी बढ़ जाता है, क्योंकि बीच ट्रैक पर अचानक ट्रेन रुकने से तकनीकी खराबी आने की संभावना रहती है और सुनसान रास्तों पर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी खतरा उत्पन्न हो सकता है।

 Jhansi Division Railway ACP Action 2026 : डीआरएम की अपील, "सहयोगी बनें, बाधक नहीं"

मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सुरक्षित और समयबद्ध यात्रा रेलवे की प्राथमिकता है। उन्होंने यात्रियों से अपील की है कि अलार्म चेन का उपयोग केवल तभी करें जब स्थिति जीवन-मरण से जुड़ी हो-जैसे कोई गंभीर चिकित्सा आपातकाल या बड़ी दुर्घटना। रेलवे ने चेतावनी दी है कि अनावश्यक रूप से ट्रेन रोकने वालों की अब पहचान की जा रही है और आने वाले दिनों में यह अभियान और भी तेज होगा।

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