स्मार्ट मीटर बने सिरदर्द: तकनीकी खामियों से परेशान उपभोक्ताओं का फूटा गुस्सा

खबर सार :-
जिला बिजली बोर्ड की स्मार्ट मीटर स्कीम अब कंज्यूमर्स की समस्याओं को बढ़ा रही है। परेशान लोगों का गुस्सा साफ दिख रहा है। युवा समाजवादी नेता अतुल मौर्य के नेतृत्व में गुस्साए कंज्यूमर्स ने SDO (बिजली अधिकारी) से शिकायत कर तुरंत कार्रवाई की मांग की है।

स्मार्ट मीटर बने सिरदर्द: तकनीकी खामियों से परेशान उपभोक्ताओं का फूटा गुस्सा
खबर विस्तार : -

शाहजहांपुरः जिले में बिजली विभाग द्वारा लागू की गई स्मार्ट मीटर योजना अब उपभोक्ताओं के लिए राहत के बजाय बड़ी परेशानी का कारण बनती जा रही है। तकनीकी खामियों, अनियमित बिजली आपूर्ति और बिलिंग संबंधी समस्याओं से त्रस्त लोगों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ रहा है। इसी कड़ी में आक्रोशित उपभोक्ताओं ने युवा समाजवादी नेता अतुल मौर्या के नेतृत्व में एसडीओ विद्युत को शिकायती पत्र सौंपते हुए तत्काल समाधान की मांग की है।

रिचार्ज के बाद भी कट रही बिजली

उपभोक्ताओं का आरोप है कि लगाए गए स्मार्ट मीटर शुरुआत से ही सही तरीके से काम नहीं कर रहे हैं। बार-बार बिजली बाधित होना आम समस्या बन गई है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। लोगों का कहना है कि कई बार रिचार्ज कराने के बावजूद अचानक बिजली कट जाती है, जिससे उन्हें भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी गंभीर है, जहां तकनीकी जानकारी की कमी के कारण लोग अपनी समस्या ठीक से समझ भी नहीं पा रहे हैं।

विभाग नहीं दे रहा जवाब

शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर प्रणाली के कारण बिलिंग व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी आ गई है। उपभोक्ताओं को उनकी वास्तविक बिजली खपत की स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही है, जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई उपभोक्ताओं ने अधिक बिल आने की भी शिकायत की है, जिसे लेकर विभाग की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा।

कई बार शिकायत करने के बावजूद संबंधित अधिकारी समस्या के समाधान को लेकर गंभीर नहीं दिख रहे हैं, जिससे लोगों में असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है। उपभोक्ताओं ने मांग की है कि सभी स्मार्ट मीटरों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जो मीटर खराब हैं, उन्हें तुरंत बदला जाए। साथ ही बिजली आपूर्ति को नियमित और सुचारू बनाया जाए।

शिकायती पत्र में चेतावनी भी दी गई है कि यदि जल्द ही समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो उपभोक्ता सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। अब देखना यह है कि बिजली विभाग इन शिकायतों को कितनी गंभीरता से लेता है और कब तक उपभोक्ताओं को राहत मिल पाती है।

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