बंडा में धूमधाम से निकाली गई भगवान भोलेनाथ की बारात, क्षेत्रीय लोग बने बाराती

खबर सार :-
महाशिवरात्रि पर नगर पंचायत बंडा में भव्य शिव बारात निकाली गई। बिलसंडा रोड स्थित शिव मंदिर से शुरू हुई यात्रा सुनासीर नाथ शिव मंदिर पहुंची, जहां शिव-गौरा का प्रतीकात्मक विवाह हुआ। बारात में 11 रथ, आठ बग्घियां, नौ बैंड, देवी-देवताओं की झांकियां और भूत-प्रेत वेशधारी शामिल रहे। श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।

बंडा में धूमधाम से निकाली गई भगवान भोलेनाथ की बारात, क्षेत्रीय लोग बने बाराती
खबर विस्तार : -

शाहजहांपुरः महाशिवरात्रि का पावन त्योहार खुशी और उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से ही भक्त अलग-अलग शिव मंदिरों में बाबा के दर्शन के लिए जाते दिखे। महाशिवरात्रि के मौके पर नगर पंचायत बंडा में महादेव भोलेनाथ की बारात ठीक वैसे ही निकाली गई जैसे परिवार बेटे की बारात निकालता है।

बड़ी संख्या में शामिल हुए लोग

बारात में अनोखे लोग भी शामिल थे। शिव बारात में छोटे-छोटे बच्चे भगवान शिव के वेश में दिखे। भोलेनाथ घोड़े पर सवार दिखे, उनके साथ नंदी भी दिखे। भगवान गणेश, भगवान विष्णु, राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, ब्रह्मा समेत सभी देवी-देवता बारात में शामिल होते दिखे। कुछ देर बाद भूत-प्रेतों का झुंड भी दिखा जिसमें भूत-प्रेत शामिल थे।

इस दौरान नाचते-गाते भक्तों के साथ ग्रामीण इलाकों से आए लोग भी बाराती बने। नगर पंचायत बंडा में जगह-जगह शिव बारात का भव्य स्वागत किया गया। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर नगर पंचायत में निकाली गई शिव बारात में बड़ी संख्या में शहरवासी शामिल हुए, वहीं जगह-जगह भक्तों ने पालकी में विराजमान देवों के देव महादेव की पूजा-अर्चना और आरती की।

विधि-विधान से संपन्न हुआ विवाह

बिलसंडा रोड स्थित शिव मंदिर से शुरू हुई बारात 5 किलोमीटर का सफर तय कर सुनासीर नाथ शिव मंदिर पहुंची, जहां विधि-विधान से शिव और गौरा का प्रतीकात्मक विवाह संपन्न कराया गया। भजनों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। शिव बारात में 11 रथ, आठ बग्घियां और नौ बैंड शामिल थे, जो पालकी के आगे चल रहे थे। बारात मुख्य चौक, खुटार रोड, आदर्श नगर, ताजपुर, मुरादपुर और आलमपुर से होते हुए आखिर में सुनासीर नाथ शिव मंदिर पहुंची। बाहर से आए कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए।

बारात में देवी-देवताओं, भूत-प्रेतों के साथ-साथ भगवान शिव के वाहन नंदी और ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोग भी शामिल थे। भगवान शिव के साथ ब्रह्मा, विष्णु, श्री राम और अन्य देवी-देवताओं की झांकियां भी शामिल थीं। शादी की रस्में दो दिन पहले से शुरू हो जाती हैं, और पूरे इलाके से हज़ारों आदमी और औरतें बारात में हिस्सा लेते हैं। लोग इस शिव बारात के शानदार नज़ारे का बेसब्री से इंतज़ार करते हैं।

अन्य प्रमुख खबरें